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Karnal News: तो बेलारूस में फंसे करीब 250 हरियाणवी, झेल रहे यातनाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 08:33 AM IST
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So around 250 Haryanvis are stranded in Belarus, facing torture.
- वापस लौटे मुकेश ने बयां की आपबीती, बोला- उम्मीद नहीं थी जिंदा लौटूंगा
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- विदेश की चाह रखने वाले अन्य युवाओं से भी सावधानी बरतने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक/करनाल। वर्क परमिट पर करनाल से जर्मनी के लिए निकले युवकों को एजेंटों ने रूस के बेलारूस शहर में पहुंचा दिया, जहां बेलारूस पुलिस ने उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया। छह माह तक तरह-तरह की यातनाएं झेलने के बाद वापस लौटे मूनक के पीड़ित युवक मुकेश ने बताया कि बेलारूस में भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित कई अन्य देशों के युवा फंसे हुए हैं, जो यातनाएं झेलने को मजबूर हैं। इसमें हरियाणवी की संख्या करीब 250 है। उसने कहा कि उसे उम्मीद नहीं थी कि वापस अपने गांव लौट पाऊंगा।
पीड़ित मुकेश ने बताया कि 25 सितंबर को जर्मनी के लिए उसे पहले थाईलैंड भेजा गया। वहां जाकर उसे एक महिला के फोन आने लगे और उसने पैसों की मांग की। इसी दौरान होटल में प्रवेश के समय उसका पासपोर्ट सुरक्षा गार्ड ने लेकर अपने पास रख लिया। फिर उन्हें अगली फ्लाइट से बेलारूस भेज दिया, जहां पर जाने के लिए अलग से पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है। वे जैसे ही बेलारूस में उतरे तो उनको पुलिस ने रोक लिया और उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया।
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करीब साढ़े पांच माह किसी तरह उन्होंने जेल में बिताया और कहता रहा कि आप वकील से बात कर लो तो जल्दी छूट जाओगे, लेकिन उसके लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे। उसके बाद उन्होंने जैसे-तैसे अपने परिजनों से बातचीत की और कुछ रुपये मंगवाए, जिसके बाद उन्होंने वकील किया। जिसने केस लड़ने के बाद उन्हें जेल से रिहा करवाया और उनके पासपोर्ट देकर वापस भारत देश भेजा। मुकेश ने बताया कि वकील ने जानकारी दी थी कि भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित अन्य देशों के युवा बेलारूस में फंसे हुए हैं, जिनकी संख्या करीब सात हजार से अधिक है। वहीं अकेले हरियाणा के करीब 250 युवा वहां फंसे हैं, जिन्हें रोजाना सैकड़ों यातनाओं से गुजरना पड़ता है। अगर युवकों के पास पैसा है तो वे वकील के माध्यम से भारत आ सकते हैं। अगर पैसा नहीं है तो जेल में सड़ना या युद्ध में मरना तय है।
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