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स्मार्ट सिटी में एक ही छत के नीचे मिलेंगी सुविधाएं
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:41 AM IST
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देश के पहले 20 स्मार्ट शहरों में शामिल होने के लिए जंग शुरू हो गई है। 98 शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए चुने जाने के बाद अब इस साल पहले चरण के तहत इनमें से 20 शहरों को 200-200 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जानी है। ऐसे में पहले 20 में शामिल होने के लिए करनाल नगर निगम को भी खूब पसीना बहाना पड़ेगा।
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इसके लिए निगम को बाकायदा योजना तैयार करनी होगी, जिसकी योजना सबसे अच्छी होगी उसे ही इन 20 स्मार्ट शहरों में शामिल किया जाएगा। इसी कड़ी में जल्द ही नगर निगम आने वाले 15 दिनों के भीतर निगम ए सेवा केंद्र की शुरुआत कर देगा। निगम-ए सुविधा केंद्र सिंगल विंडो सुविधा केंद्र होगा और इस पर 10 विंडों की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यहां आने वाले उपभोक्ताओं को ई-टोकन दिया जाएगा। इसके बाद फाइल संबंधित अधिकारी के पास जाएगी और निर्धारित समय में कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं अब मैनुअल सिस्टम को नगर निगम में पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
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शहरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
निगम ए सुविधा केंद्र खोलने के लिए नगर निगम को 15 दिनों के भीतर वर्किंग वूमैन हॉस्टल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यहीं पर यह सिंगल विंडो सिस्टम शुरू हो जाएगा। ध्यान रहे कि अमर उजाला ने अगस्त माह के पहले सप्ताह में अपने पाठकों को बता दिया था कि वर्किंग वूमैन हॉस्टल में ही नगर निगम को शिफ्ट करने की योजना है, जबकि आलाधिकारी कन्नी काट रहे थे। निगम कार्यालय शिफ्ट होने से शहरवासियों को जाम से निजात मिलेगी।
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यह होगा फायदा
निगम ए सुविधा केंद्र में एक ही कमरे में उपभोक्ताओं की नगर निगम संबंधी हर समस्याओं का समाधान होगा। साथ ही किसी नई सुविधा के लिए आवेदन भी यहीं पर किया जा सकेगा। शिकायत की प्रवृति के आधार पर उपभोक्ता को शिकायत के निपटारे का समय दिया जाएगा। यदि इस समय अवधि में कोई कार्य नहीं किया गया तो 500 से लेकर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
यह सब राइट टू सर्विस एक्ट के तहत होगा। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, हाउस टैक्स, विवाह पंजीकरण, नक्शा पास करना, एनओसी लेना, अवैध कब्जों पर कार्रवाई, सफाई व्यवस्था इत्यादि हर सुविधाओं के लिए बस इसी नागरिक सुविधा केंद्र में आना होगा। जगह-जगह धक्के खाने की जरूरत नहीं रहेगी। यह सेंटर ऑनलाइन होगा और तीन दिनों में रिपोर्ट पर हर हाल में कार्रवाई करनी होगी।
यमुना में नहीं गिरेगा गंदा जल
स्मार्ट सिटी में अब गंदे पानी व सीवरेज के पानी के पानी को उपयोग योग्य बनाया जाएगा। इसके बाद बाकायदा नगर निगम की आयुक्त को कई देशों के शहरों व भारत के ऐसे शहरों के उदाहरण भी दिए गए हैं जहां सीवरेज के पानी को पीया जा रहा है। योजना के तहत पब्लिक हेल्थ नगर निगम के दायरे में आएगा। इसके बाद नालों व सीवरेज के पानी को साफ किया जाएगा। योजना यह है कि यमुना में नालों का गंदा जल किसी भी हाल मेें न जाए और उसे प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
5 रुपये में कर सकेंगे एससी बसों में सफर
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शहर को टूरिज्म के लिहाज से भी विकसित किया जाएगा। साथ ही बेहतर ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी। एक ऐसा शहर बनाया जाएगा जोकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ेगा। इसके लिए शहर में नगर निगम की ओर से 6 वातानुकूलित बसों को चलाया जाएगा। इन बसों की खासियत यह रहेगी कि इनकी टिकट मात्र 5 और 10 रुपये तय की गई है। यह बसें थोड़ी-थोड़ी देर में मेट्रो की तर्ज पर अपनी सेवाएं जारी रखेंगी, ताकि ऑटो चालकों की मनमानी पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सके।
सब कुछ होगा वेबसाइट पर अपलोड
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी सुविधाओं के लिए निर्धारित समय अवधि तय की जाएगी। कोई भी कर्मचारी व अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ पाएगा। एमसी करनाल डॉट इन पर इन सभी सुविधाओं की सूची व निर्धारित समय की सूची भी जल्द ही अपलोड की जाएगी।
सभी सेवाओं का निर्धारित समय इस प्रकार होगा
बिल्डिंग प्लान की मंजूरी- 60 दिन (निगम सचिव)
भवन के लिए प्रमाण पत्र जारी करना-21 दिन (निगम सचिव)
अनापत्ति प्रमाण पत्र-21 दिन (निगम सचिव)
हस्तांरण विलेख जारी करना- 15 दिन (निगम सचिव)
प्रॉपर्टी ट्रांसफर इन सेल- 15 दिन (निगम सचिव)
प्रॉपर्टी ट्रांसफर डेथ केस- 45 दिन (निगम सचिव)
वाटर एवं सीवर कनेक्शन- 7 दिन (असिस्टेंट इंजीनियर)
कूड़ा उठाना- 2 दिन (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर)
स्ट्रीट लाइट लगाना- 10 दिन (असिस्टेंट इंजीनियर इले.)
सड़क की मरम्मत- 72 घंटे (एमई और एक्सईएन)
ट्रेड लाइसेंस- 15 दिन (असिस्टेंट इंजीनियर)
रिन्यूअल ऑफ ट्रेड लाइसेंस 12 दिन (कमिश्रर)
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र- 7 दिन (सब रजिस्ट्रार)