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बच्चे के इलाज में कोताही बरतने का आरोप
करनाल
Updated Fri, 04 Oct 2013 11:11 PM IST
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान एक छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे के इलाज में कोताही बरती गई, जिस कारण उसकी मौत हुई। हालांकि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की बात से मना किया है।
जानकारी के अनुसार गांव रंदौली में पहली कक्षा में पढ़ने वाला छह वर्षीय हर्ष पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। हर्ष की मां दर्शना और पिता ओम प्रकाश ने बताया कि करीब साढ़े चार बजे उसे श्री सनातन धर्म महावीर दल अस्पताल के कमरा नंबर 160 में पहुंचे।
उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद डॉक्टर ने उनके बच्चे का उपचार करने से मना कर दिया। दर्शना और ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि वे करीब डेढ़ घंटा श्री सनातन धर्म महावीर दल अस्पताल में एक से दूसरे डाक्टर के कमरे के बाहर चक्कर लगाते रहे, लेकिन डाक्टर ने उपचार करने से मनाकर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भेज दिया। वहीं, अस्पताल के डॉ. विनोद पांडे का कहना है कि हर्ष को को सेलिब्रस मलेरिया था और उसे बच्चों के आईसीयू की जरूरत थी।
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अस्पताल में आईसीयू न होने के कारण उसे ट्रामा सेंटर भेजा गया। बच्चे के परिजनों ने बताया कि शाम छह बजकर 15 मिनट पर राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रामा में पहुंचने पर हर्ष की पर्ची बनाकर उसके रक्त के सैंपल लेने के लिए डॉक्टर ने लैब में भेज दिया।
इसी बीच बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बच्चे के सैंपल लेने के लिए भेजा गया और इलाज में देरी की गई, इसलिए बच्चे की मौत हो गई।
हर्ष को सेलिब्रस मलेरिया था ओर उसे आईसीयू की जरूरत थी। महावीर दल में बच्चों का आईसीयू नहीं होने के कारण उसे ट्रामा में भेजा था, ताकि बच्चे की वहां मोनीटरिंग हो सके।
डॉ. विनोद पांडये
बाल रोग विशेषज्ञ
श्री सनातन धर्म महाबीर दल अस्पताल करनाल
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जानकारी के अनुसार गांव रंदौली में पहली कक्षा में पढ़ने वाला छह वर्षीय हर्ष पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। हर्ष की मां दर्शना और पिता ओम प्रकाश ने बताया कि करीब साढ़े चार बजे उसे श्री सनातन धर्म महावीर दल अस्पताल के कमरा नंबर 160 में पहुंचे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद डॉक्टर ने उनके बच्चे का उपचार करने से मना कर दिया। दर्शना और ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि वे करीब डेढ़ घंटा श्री सनातन धर्म महावीर दल अस्पताल में एक से दूसरे डाक्टर के कमरे के बाहर चक्कर लगाते रहे, लेकिन डाक्टर ने उपचार करने से मनाकर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भेज दिया। वहीं, अस्पताल के डॉ. विनोद पांडे का कहना है कि हर्ष को को सेलिब्रस मलेरिया था और उसे बच्चों के आईसीयू की जरूरत थी।
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अस्पताल में आईसीयू न होने के कारण उसे ट्रामा सेंटर भेजा गया। बच्चे के परिजनों ने बताया कि शाम छह बजकर 15 मिनट पर राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रामा में पहुंचने पर हर्ष की पर्ची बनाकर उसके रक्त के सैंपल लेने के लिए डॉक्टर ने लैब में भेज दिया।
इसी बीच बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बच्चे के सैंपल लेने के लिए भेजा गया और इलाज में देरी की गई, इसलिए बच्चे की मौत हो गई।
हर्ष को सेलिब्रस मलेरिया था ओर उसे आईसीयू की जरूरत थी। महावीर दल में बच्चों का आईसीयू नहीं होने के कारण उसे ट्रामा में भेजा था, ताकि बच्चे की वहां मोनीटरिंग हो सके।
डॉ. विनोद पांडये
बाल रोग विशेषज्ञ
श्री सनातन धर्म महाबीर दल अस्पताल करनाल