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Karnal News: हत्या की कोशिश के छह दोषियों को पांच साल की जेल, आठ हजार अर्थदंड लगाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रजनीश कुमार की अदालत ने वर्ष 2018 के हत्या की कोशिश के मामले में छह दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। छोटी मंगलपुर निवासी प्रवीण दुआ पर जानलेवा हमले के इस मामले में जसपाल उर्फ़ काका, तेजिंदर, चरणजीत सिंह उर्फ़ चन्नी, वीरेंद्र उर्फ़ चीनू, शमशेर सिंह उर्फ़ पप्पू और नवजोत सिंह उर्फ़ इनाम पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सभी जिला जेल में बंद हैं।
एडीए हरीश सभ्रवाल ने बताया कि छोटी मंगलपुर निवासी प्रवीण दुआ की शिकायत पर 21 जून, 2018 को थाना सिविल लाइन में हत्या की कोशिश की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनके घर के सामने चबूतरे की खाली जगह है। पड़ोस में चरणजीत उर्फ चन्नी व शमशेर उर्फ पप्पू का मकान है। चरणजीत और उसके तीन भाइयों ने उन्हें कहा कि यह जगह उनकी है। इस पर झगड़ा हुआ।
जून, 2018 को दोनों पक्षों की पंचायत भी हुई थी। पंचायत के दौरान दोनों का झगड़ा हो गया था। आरोपियों ने उनको तलवार से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद वह 21 जून, 2018 की सुबह चरणजीत उर्फ चन्नी, तेजेंद्र, शमशेर और चरणजीत के बेटे बावा व इकम ने तलवारों और लाठियों से हमला कर दिया। उनके रिश्तेदार चिन्नू ने भी हमला किया। उनकी चीख सुनकर बेटा पारस और भाई अजय दुआ, मुकेश बचाने के लिए पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी माैके से भाग गए। उन्हें इलाज के लिए अमृतधारा अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
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अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कहा कि दोषियों के प्रति अनावश्यक सहानुभूति न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को कमजोर करेगी। अदालत ने सभी 6 दोषियों को हत्या की कोशिश के मामले में पांच साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, घर में घुसकर हमला करने के मामले में तीन साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड, आपराधिक धमकी के लिए तीन साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड, दंगा और घातक हथियार के लिए एक साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी
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सुनियोजित साजिश के तहत किया हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन दोषियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पीड़ित प्रवीण दुआ पर हमला किया था। हमले में पीड़ित के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। एडीए हरीश सभ्रवाल ने बताया कि उन्होंने अदालत में दलील दी कि हमला इस कदर घातक था कि पीड़ित की जान भी जा सकती थी, इसलिए दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि सभी दोषी पहली बार अपराध में संलिप्त पाए गए हैं और उन पर अपने परिवारों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी है, इसलिए उनके प्रति नरम रुख अपनाया जाए।
एक साथ चलेंगे सभी सजाएं
अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यदि कोई दोषी अर्थदंड नहीं भरता है, तो उसे हर धारा के लिए एक-एक महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मुकदमे के दौरान दोषी पहले ही जितना समय जेल में बिता चुके हैं, उसे उनकी कुल सजा की अवधि से घटा दिया जाएगा। अदालत ने दोषियों के खिलाफ वारंट जारी कर उन्हें करनाल जिला जेल भेजने का आदेश दिया है।
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करनाल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रजनीश कुमार की अदालत ने वर्ष 2018 के हत्या की कोशिश के मामले में छह दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। छोटी मंगलपुर निवासी प्रवीण दुआ पर जानलेवा हमले के इस मामले में जसपाल उर्फ़ काका, तेजिंदर, चरणजीत सिंह उर्फ़ चन्नी, वीरेंद्र उर्फ़ चीनू, शमशेर सिंह उर्फ़ पप्पू और नवजोत सिंह उर्फ़ इनाम पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सभी जिला जेल में बंद हैं।
एडीए हरीश सभ्रवाल ने बताया कि छोटी मंगलपुर निवासी प्रवीण दुआ की शिकायत पर 21 जून, 2018 को थाना सिविल लाइन में हत्या की कोशिश की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनके घर के सामने चबूतरे की खाली जगह है। पड़ोस में चरणजीत उर्फ चन्नी व शमशेर उर्फ पप्पू का मकान है। चरणजीत और उसके तीन भाइयों ने उन्हें कहा कि यह जगह उनकी है। इस पर झगड़ा हुआ।
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जून, 2018 को दोनों पक्षों की पंचायत भी हुई थी। पंचायत के दौरान दोनों का झगड़ा हो गया था। आरोपियों ने उनको तलवार से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद वह 21 जून, 2018 की सुबह चरणजीत उर्फ चन्नी, तेजेंद्र, शमशेर और चरणजीत के बेटे बावा व इकम ने तलवारों और लाठियों से हमला कर दिया। उनके रिश्तेदार चिन्नू ने भी हमला किया। उनकी चीख सुनकर बेटा पारस और भाई अजय दुआ, मुकेश बचाने के लिए पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी माैके से भाग गए। उन्हें इलाज के लिए अमृतधारा अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
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अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कहा कि दोषियों के प्रति अनावश्यक सहानुभूति न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को कमजोर करेगी। अदालत ने सभी 6 दोषियों को हत्या की कोशिश के मामले में पांच साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, घर में घुसकर हमला करने के मामले में तीन साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड, आपराधिक धमकी के लिए तीन साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड, दंगा और घातक हथियार के लिए एक साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी
सुनियोजित साजिश के तहत किया हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन दोषियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पीड़ित प्रवीण दुआ पर हमला किया था। हमले में पीड़ित के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। एडीए हरीश सभ्रवाल ने बताया कि उन्होंने अदालत में दलील दी कि हमला इस कदर घातक था कि पीड़ित की जान भी जा सकती थी, इसलिए दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि सभी दोषी पहली बार अपराध में संलिप्त पाए गए हैं और उन पर अपने परिवारों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी है, इसलिए उनके प्रति नरम रुख अपनाया जाए।
एक साथ चलेंगे सभी सजाएं
अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यदि कोई दोषी अर्थदंड नहीं भरता है, तो उसे हर धारा के लिए एक-एक महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मुकदमे के दौरान दोषी पहले ही जितना समय जेल में बिता चुके हैं, उसे उनकी कुल सजा की अवधि से घटा दिया जाएगा। अदालत ने दोषियों के खिलाफ वारंट जारी कर उन्हें करनाल जिला जेल भेजने का आदेश दिया है।