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बहनों ने सजाई मेहंदी, भाइयों की कलाई पर बंधेगी प्यार की डोर
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हेडिंग : बहनों ने खरीदी राखियां, मेहंदी से बनवाए डिजाइन
-रुद्राक्ष, कुंदन, स्वास्तिक और लुंबा राखियों की ज्यादा मांग, आज भी अच्छे मुनाफे की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शनिवार सुबह से शाम तक बारिश के बावजूद बहनों ने बाजार में राखियों की जमकर खरीदारी की। शहर के मुख्य बाजारों में कपड़े, श्रृंगार सामग्री व अन्य दुकानों पर कम भीड़ रही। राखी की दुकानों पर ही ज्यादा भीड़ रही। दोपहर को जैसे ही बारिश कम हुई बहनें छाता लेकर राखियां खरीदने बाजारों में पहुंच गईं। कुछ महिलाएं तेज बारिश में रेनकोट पहन कर खरीदारी करती नजर आईं।
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बहनों ने लगवाई राखी डिजाइन की मेहंदी
शहर के कर्ण बाजार में रक्षाबंधन पर मेहंदी के लिए स्टॉल लगाए गए। बहनों ने बाजारों से राखियां खरीदीं और मेहंदी लगवाने के लिए पहुंची। मेहंदी कारीगरों ने बताया कि शनिवार को मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की खासी भीड़ रही। रक्षाबंधन के लिए बहनों ने राखी के डिजाइन की मेहंदी लगवाई।
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650 डिजाइन की स्वदेशी राखियों की हुई बिक्री
बहनों ने चाइनीज राखियों का बहिष्कार किया है। स्वदेशी राखियों की ही खरीदारी हुई। राखी के थोक विक्रेता मोहित कथूरिया ने बताया कि मांग को देखते हुए 650 डिजाइन की स्वदेशी राखियां तैयार की गई थीं। अहमदाबाद, बैंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और दिल्ली के सामानों से राखियां तैयार की गई हैं। हर एक डिजाइन के 250 राखियां बनाई गई थी। हर एक डिजाइन की राखियों की बिक्री हुई है।
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-मोहित, थोक व्यापारी, सदर बाजार
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इन राखियों की सबसे ज्यादा खरीदारी
इस बार बहनों ने अहमदाबाद के असली रुद्राक्ष वाली, कुंदन, स्वास्तिक, मोती और ब्रेसलेट, मोतियों और धागे की कारीगरी वाली राखियां खरीदीं। बहनों और भाभियों की कलाई पर बांधने के लिए लुंबा राखियां और बच्चों के लिए खिलौने वाली राखियां भी खरीदी गईं।
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-रुद्राक्ष, कुंदन, स्वास्तिक और लुंबा राखियों की ज्यादा मांग, आज भी अच्छे मुनाफे की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शनिवार सुबह से शाम तक बारिश के बावजूद बहनों ने बाजार में राखियों की जमकर खरीदारी की। शहर के मुख्य बाजारों में कपड़े, श्रृंगार सामग्री व अन्य दुकानों पर कम भीड़ रही। राखी की दुकानों पर ही ज्यादा भीड़ रही। दोपहर को जैसे ही बारिश कम हुई बहनें छाता लेकर राखियां खरीदने बाजारों में पहुंच गईं। कुछ महिलाएं तेज बारिश में रेनकोट पहन कर खरीदारी करती नजर आईं।
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बहनों ने लगवाई राखी डिजाइन की मेहंदी
शहर के कर्ण बाजार में रक्षाबंधन पर मेहंदी के लिए स्टॉल लगाए गए। बहनों ने बाजारों से राखियां खरीदीं और मेहंदी लगवाने के लिए पहुंची। मेहंदी कारीगरों ने बताया कि शनिवार को मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की खासी भीड़ रही। रक्षाबंधन के लिए बहनों ने राखी के डिजाइन की मेहंदी लगवाई।
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650 डिजाइन की स्वदेशी राखियों की हुई बिक्री
बहनों ने चाइनीज राखियों का बहिष्कार किया है। स्वदेशी राखियों की ही खरीदारी हुई। राखी के थोक विक्रेता मोहित कथूरिया ने बताया कि मांग को देखते हुए 650 डिजाइन की स्वदेशी राखियां तैयार की गई थीं। अहमदाबाद, बैंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और दिल्ली के सामानों से राखियां तैयार की गई हैं। हर एक डिजाइन के 250 राखियां बनाई गई थी। हर एक डिजाइन की राखियों की बिक्री हुई है।
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-मोहित, थोक व्यापारी, सदर बाजार
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इन राखियों की सबसे ज्यादा खरीदारी
इस बार बहनों ने अहमदाबाद के असली रुद्राक्ष वाली, कुंदन, स्वास्तिक, मोती और ब्रेसलेट, मोतियों और धागे की कारीगरी वाली राखियां खरीदीं। बहनों और भाभियों की कलाई पर बांधने के लिए लुंबा राखियां और बच्चों के लिए खिलौने वाली राखियां भी खरीदी गईं।