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Karnal News: कांपते हाथों से बहन ने जलाया दीपक... कई बार भावुक हुए दादा, पिता ने संभाला
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विनय नरवाल की याद में आयोजित प्राथना सभा में माैजूद विनय के परिजन व स्कूल का स्टाफ। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दिवंगत लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के चित्र के समक्ष उनकी छोटी बहन सृष्टि ने दीपक जलाया। दीपक जलाते समय भाई से जुड़े पलों को याद कर उनके हाथ कांप रहे थे। दादा हवा सिंह पुष्पचक्र अर्पित करने आए तो भावुक हो गए। परिवार का सहारा बने विनय के पिता राजेश नरवाल ने उन्हें संभाला।
बुधवार को लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बरसी पर उनके विद्यालय संत कबीर स्कूल में आयोजित प्रार्थना सभा में हर पल भावुक कर देने वाला था। नम आंखों से परिवार, स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बहन सृष्टि ने भाई से जुड़े पलों को याद किया।
उन्होंने कहा कि जो जिंदगी के 26 साल उन्होंने भाई का हाथ पकड़कर आगे बढ़ते हुए बिताए हैं, वह सहारा पिछले साल 22 अप्रैल को उनसे छिन गया है। तब से उनके परिवार की जिंदगी से खुशियों की बेला खत्म हो गई और अब एक साल बीत चुका है। भाई की कमी के कारण उनकी एक साल पहले वाली जिंदगी कभी नहीं लौटेगी। परिवार के सभी सदस्य केवल उन्हें याद करके ही रोते हैं।
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संत कबीर स्कूल सेक्टर-8 से ही विनय नरवाल और सृष्टि ने एक साथ पढ़ाई की थी। पहलगाम हमले में आतंकियों की गोली का शिकार हुए विनय नरवाल के बलिदान के बाद सितंबर माह में स्कूल की ओर से विनय को समर्पित शाैर्य दीवार बनाई गई थी। इसमें उनकी वर्दी, सेना की ओर से मिले पदक और उनकी जिंदगी से जुड़ी तस्वीरें सुशोभित हैं।
बुधवार को कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के संस्थापक कर्नल बीएस बिंद्रा और उपनिदेशक अंगद बिंद्रा ने की। उन्होंने भी विनय के विद्यार्थी जीवन की यादों को विद्यार्थियों से सांझा किया।
मेरा पोता वीर था...
दादा हवा सिंह बोले, मेरा पोता वीर था। उसके लिए देश सबसे पहले था। बचपन से ही उसका सपना सेना में जाकर देश की सेवा करना था। हम सभी को भी देश के लिए कुछ करने और एक अच्छा नागरिक बनने की सोच रखनी चाहिए।
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दिलों पर राज करते हैं विनय : कल्याण
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण अपनी बेटी एशना के साथ लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बरसी पर उनके घर पहुंचकर परिजनों से मिले। श्रद्धांजलि दी। विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस बड़ी क्षति की कभी भरपाई नहीं हो सकती। विनय हम सब के दिलों पर राज करते हैं। वह एक ऐसी घटना थी जिसकी न केवल भारत ने बल्कि पूरी दुनिया में निंदा की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने जो कहा उसे पूरा किया। परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और बहन को सहायक रोजगार अधिकारी की नौकरी दी गई है। पत्नी दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवाएं दे रहीं हैं। जो भी विनय से संबंधित विषय है उनको आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।
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करनाल। दिवंगत लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के चित्र के समक्ष उनकी छोटी बहन सृष्टि ने दीपक जलाया। दीपक जलाते समय भाई से जुड़े पलों को याद कर उनके हाथ कांप रहे थे। दादा हवा सिंह पुष्पचक्र अर्पित करने आए तो भावुक हो गए। परिवार का सहारा बने विनय के पिता राजेश नरवाल ने उन्हें संभाला।
बुधवार को लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बरसी पर उनके विद्यालय संत कबीर स्कूल में आयोजित प्रार्थना सभा में हर पल भावुक कर देने वाला था। नम आंखों से परिवार, स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बहन सृष्टि ने भाई से जुड़े पलों को याद किया।
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उन्होंने कहा कि जो जिंदगी के 26 साल उन्होंने भाई का हाथ पकड़कर आगे बढ़ते हुए बिताए हैं, वह सहारा पिछले साल 22 अप्रैल को उनसे छिन गया है। तब से उनके परिवार की जिंदगी से खुशियों की बेला खत्म हो गई और अब एक साल बीत चुका है। भाई की कमी के कारण उनकी एक साल पहले वाली जिंदगी कभी नहीं लौटेगी। परिवार के सभी सदस्य केवल उन्हें याद करके ही रोते हैं।
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संत कबीर स्कूल सेक्टर-8 से ही विनय नरवाल और सृष्टि ने एक साथ पढ़ाई की थी। पहलगाम हमले में आतंकियों की गोली का शिकार हुए विनय नरवाल के बलिदान के बाद सितंबर माह में स्कूल की ओर से विनय को समर्पित शाैर्य दीवार बनाई गई थी। इसमें उनकी वर्दी, सेना की ओर से मिले पदक और उनकी जिंदगी से जुड़ी तस्वीरें सुशोभित हैं।
बुधवार को कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के संस्थापक कर्नल बीएस बिंद्रा और उपनिदेशक अंगद बिंद्रा ने की। उन्होंने भी विनय के विद्यार्थी जीवन की यादों को विद्यार्थियों से सांझा किया।
मेरा पोता वीर था...
दादा हवा सिंह बोले, मेरा पोता वीर था। उसके लिए देश सबसे पहले था। बचपन से ही उसका सपना सेना में जाकर देश की सेवा करना था। हम सभी को भी देश के लिए कुछ करने और एक अच्छा नागरिक बनने की सोच रखनी चाहिए।
दिलों पर राज करते हैं विनय : कल्याण
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण अपनी बेटी एशना के साथ लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बरसी पर उनके घर पहुंचकर परिजनों से मिले। श्रद्धांजलि दी। विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस बड़ी क्षति की कभी भरपाई नहीं हो सकती। विनय हम सब के दिलों पर राज करते हैं। वह एक ऐसी घटना थी जिसकी न केवल भारत ने बल्कि पूरी दुनिया में निंदा की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने जो कहा उसे पूरा किया। परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और बहन को सहायक रोजगार अधिकारी की नौकरी दी गई है। पत्नी दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवाएं दे रहीं हैं। जो भी विनय से संबंधित विषय है उनको आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।