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Karnal News: उठान पर हर माह 1.60 करोड़ से ज्यादा खर्च फिर भी सड़कों पर फैला कूड़ा
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- एजेंसी के वाहन सभी वार्डों में हर गली तक नहीं पहुंच रहे, दो साल पहले 22 साल के लिए दिए गया था टेंडर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठान पर हर माह करीब 1.60 करोड़ का खर्च हो रहा है। इसके बावजूद शहर में कई सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। चूंकि शहर में सभी जगह हर गली में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंच पा रहीं जिसकी वजह से चौक-चौराहों पर कूड़े के ढेर लग जाते हैं। सबसे खस्ताहाल शहर के बाजार का है। हालांकि यहां दिन में सफाई हो जाती है। फिर भी रात की सफाई के लिए निगम अलग योजना पर काम कर रहा है।
शहर में विशेष तौर पर पुरानी सब्जी मंडी, कर्ण गेट मार्केट, कुंजपुरा रोड, रामनगर, हांसी रोड, शिव कॉलोनी में हालात खस्ता हैं। नगर निगम का दावा है कि शहर में रोजाना करीब 230 टन के आसपास कूड़ा निकल रहा है। इस कूड़े को शेखपुरा गांव के पास प्लांट में ले जाकर निस्तारण किया जाता है। इससे आरडीएफ और खाद तक बनाई जाती है। कूड़े को शहर से उठाने का भुगतान 2350 रुपये प्रति टन के हिसाब से दिया जाता है। इस हिसाब से कूड़ा उठाने के नाम पर एक माह में करीब 1.60 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहा है।
नगर निगम ने 22 साल से लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम सुगम स्वच्छता एजेंसी को दिया है। ये काम दो साल पहले दिया गया था। यानी फिलहाल करीब 20 साल तक यही एजेंसी शहर से कूड़ा उठाने का काम करेगी। इसके लिए एजेंसी की ओर से करीब 100 टिप्पर गाड़ियां, दस ट्रैक्टर ट्राली, पांच डम्फर, चार जेसीबी तक लगाई गई हैं। वहीं, एजेंसी की ओर से इन संसाधनों पर करीब 300 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठान पर हर माह करीब 1.60 करोड़ का खर्च हो रहा है। इसके बावजूद शहर में कई सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। चूंकि शहर में सभी जगह हर गली में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंच पा रहीं जिसकी वजह से चौक-चौराहों पर कूड़े के ढेर लग जाते हैं। सबसे खस्ताहाल शहर के बाजार का है। हालांकि यहां दिन में सफाई हो जाती है। फिर भी रात की सफाई के लिए निगम अलग योजना पर काम कर रहा है।
शहर में विशेष तौर पर पुरानी सब्जी मंडी, कर्ण गेट मार्केट, कुंजपुरा रोड, रामनगर, हांसी रोड, शिव कॉलोनी में हालात खस्ता हैं। नगर निगम का दावा है कि शहर में रोजाना करीब 230 टन के आसपास कूड़ा निकल रहा है। इस कूड़े को शेखपुरा गांव के पास प्लांट में ले जाकर निस्तारण किया जाता है। इससे आरडीएफ और खाद तक बनाई जाती है। कूड़े को शहर से उठाने का भुगतान 2350 रुपये प्रति टन के हिसाब से दिया जाता है। इस हिसाब से कूड़ा उठाने के नाम पर एक माह में करीब 1.60 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहा है।
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नगर निगम ने 22 साल से लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम सुगम स्वच्छता एजेंसी को दिया है। ये काम दो साल पहले दिया गया था। यानी फिलहाल करीब 20 साल तक यही एजेंसी शहर से कूड़ा उठाने का काम करेगी। इसके लिए एजेंसी की ओर से करीब 100 टिप्पर गाड़ियां, दस ट्रैक्टर ट्राली, पांच डम्फर, चार जेसीबी तक लगाई गई हैं। वहीं, एजेंसी की ओर से इन संसाधनों पर करीब 300 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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