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भारत के सिख देशभक्त, करते सभी धर्मो का सम्मान : इकबाल
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि भारत के सिख देशभक्त हैं। सिख सभी धर्मों का और सभी गुरुओं का सम्मान करते हैं, जो ऐसा नहीं करता, वह सिख नहीं हो सकता। ये बात उन्होंने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष लालपुरा शुक्रवार को करनाल पहुंचे। यहां पहले उन्होंने विश्राम गृह में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद बाद शामगढ़ में सिख समुदाय के एक कार्यक्रम में भी शिरकत की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग, देश में एकता और भाईचारा मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है।
आयोग का मुख्य उद्देश्य असुरक्षा, अन्याय और असमानता को खत्म करने के लिए कार्य करना है। कोई भी अल्पसंख्यक, देश में असुरक्षा महसूस न करे, किसी के साथ कोई अन्याय न हो इसके साथ-साथ सभी के साथ समान व्यवहार हो, कोई भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि देश में सभी का भाईचारा स्थापित हो, इसके लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
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अधिकारियों को विभिन्न अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर परियोजनाएं तो कई हैं लेकिन उनकी जानकारी पात्रों तक नहीं पहुंच पाती है इसलिए प्रशासनिक सामाजिक व धार्मिक लोगों का कर्तव्य है कि इन योजनाओं को पात्रों तक पहुंचाएं। प्रत्येक भारतीय के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है।
हमें राइट टू एजुकेशन का अधिकार है। 8वीं तक की शिक्षा कोई भी छात्र मुफ्त ग्रहण कर सकता है। वहीं बात करें तो इससे आगे की शिक्षा के लिए जो भी अल्पसंख्यक समाज के मेधावी बच्चे हैं, उनकी मदद के लिए अल्पसंख्यक आयोग आगे रहता है। आयोग निरंतर अल्पसंख्यक समाज से जुड़ी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करता है।
केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों द्वारा भी अलग-अलग योजनाओं का क्रियान्वन किया जाता है। उन्होंने जिला अधिकारियों को जिला में सर्व धर्म सभा संवाद करने के भी निर्देश दिए। कई राज्यों में अल्पसंख्यकों के बहुसंख्यक होने के सवाल पर उन्होंने कहा अल्पसंख्यक की श्रेणी में इस्लाम क्रिश्चियन सिख बौद्ध जैन और पारसी आदि आते हैं इन पर कई योजनाएं संचालित हैं जिनका लाभ उन्हें मिल भी रहा है।
हिंदुस्तान में तो कोई खालिस्तानी नहीं
कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में तो कोई खालिस्तानी नहीं है। कनाडा में बात हो रही है तो इसका जवाब तो कनाडा की सरकार ही दे सकती है। कुछ लोगों द्वारा धमकियां दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिख देशभक्त हैं, जो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं जो ऐसा नहीं करता वह सिख नहीं हो सकता।
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करनाल। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि भारत के सिख देशभक्त हैं। सिख सभी धर्मों का और सभी गुरुओं का सम्मान करते हैं, जो ऐसा नहीं करता, वह सिख नहीं हो सकता। ये बात उन्होंने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष लालपुरा शुक्रवार को करनाल पहुंचे। यहां पहले उन्होंने विश्राम गृह में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद बाद शामगढ़ में सिख समुदाय के एक कार्यक्रम में भी शिरकत की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग, देश में एकता और भाईचारा मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है।
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आयोग का मुख्य उद्देश्य असुरक्षा, अन्याय और असमानता को खत्म करने के लिए कार्य करना है। कोई भी अल्पसंख्यक, देश में असुरक्षा महसूस न करे, किसी के साथ कोई अन्याय न हो इसके साथ-साथ सभी के साथ समान व्यवहार हो, कोई भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि देश में सभी का भाईचारा स्थापित हो, इसके लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
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अधिकारियों को विभिन्न अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर परियोजनाएं तो कई हैं लेकिन उनकी जानकारी पात्रों तक नहीं पहुंच पाती है इसलिए प्रशासनिक सामाजिक व धार्मिक लोगों का कर्तव्य है कि इन योजनाओं को पात्रों तक पहुंचाएं। प्रत्येक भारतीय के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है।
हमें राइट टू एजुकेशन का अधिकार है। 8वीं तक की शिक्षा कोई भी छात्र मुफ्त ग्रहण कर सकता है। वहीं बात करें तो इससे आगे की शिक्षा के लिए जो भी अल्पसंख्यक समाज के मेधावी बच्चे हैं, उनकी मदद के लिए अल्पसंख्यक आयोग आगे रहता है। आयोग निरंतर अल्पसंख्यक समाज से जुड़ी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करता है।
केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों द्वारा भी अलग-अलग योजनाओं का क्रियान्वन किया जाता है। उन्होंने जिला अधिकारियों को जिला में सर्व धर्म सभा संवाद करने के भी निर्देश दिए। कई राज्यों में अल्पसंख्यकों के बहुसंख्यक होने के सवाल पर उन्होंने कहा अल्पसंख्यक की श्रेणी में इस्लाम क्रिश्चियन सिख बौद्ध जैन और पारसी आदि आते हैं इन पर कई योजनाएं संचालित हैं जिनका लाभ उन्हें मिल भी रहा है।
हिंदुस्तान में तो कोई खालिस्तानी नहीं
कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में तो कोई खालिस्तानी नहीं है। कनाडा में बात हो रही है तो इसका जवाब तो कनाडा की सरकार ही दे सकती है। कुछ लोगों द्वारा धमकियां दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिख देशभक्त हैं, जो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं जो ऐसा नहीं करता वह सिख नहीं हो सकता।