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प्रशासन ने हटाईं रेहड़ियां तो दुकानदारों ने गिराए शटर
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 23 Oct 2013 11:54 PM IST
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कुरुक्षेत्र में आखिर पुलिस और प्रशासन का डंडा नगर में अतिक्रमण करने वालों पर चलना शुरू हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं लोगों ने प्रशासन का आभार प्रकट किया।
गौरतलब है कि 21 अक्तूबर 2013 को अमर उजाला ने यह मामला अधिकारियों, मार्केट एसोसिएशन और व्यापार मंडल के संज्ञान में दिया था, जिसकी अगले दिन माई सिटी में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी।
अधिकारियों ने इस खबर के छपते ही एक्शन लिया और सड़कों पर खड़ी रेहड़ियों, फड़ी और दुकान के बाहर अतिक्रमण करने वालों के कब्जों को हटवा दिया था। आज इसके विरोध में सुबह मार्केट कुछ दुकानदार लामबंद हुए, लेकिन सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों का साथ देने की बजाय बड़ी संख्या में दुकानदार ही इनके खिलाफ हो गए।
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त्योहारी का सीजन शुरू होने से नगर के मेन बाजारों से वाहन निकालना तो दूर लोगों को पैदल चलना भी दूभर हो गया था। सबसे ज्यादा परेशानी पुराने शहर के रिहायशी इलाकों के लोग भुगत रहे थे। आखिरकार पुलिस अधीक्षक वाई पूर्ण कुमार के आदेशानुसार कृष्णा गेट पुलिस चौकी के प्रभारी मान सिंह ने बाजार से कब्जे हटवा दिए गए।
एसपी के आदेश पर सारी कार्रवाई
कृष्णा गेट पुलिस चौकी के प्रभारी मान सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक वाई पूर्णकुमार के आदेश पर बाजार में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने और सुरक्षा कारणों से कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि एसपी साहब के आदेश हैं कि यदि चेतावनी देने पर भी हालात नहीं सुधरें तो उल्लंघन करने वालों के चालान काटे जाएं। चौकी प्रभारी के अनुसार ये कार्रवाई सिर्फ त्यौहारी महीने के लिए नहीं, बल्कि रेगुलर रहेगी, यह आदेश भी पुलिस अधीक्षक ने दिए हैं।
कब्जा करने वालों का नहीं करेंगे सहयोग
नगर पार्षद एवं व्यापारी नेता दीपक सिंगला ने बताया कि बुधवार को कुछ व्यापारियों ने विरोध स्वरूप सुबह कुछ घंटे के लिए दुकानें बंद करके आपात बैठक बुलाई थी।
इस बैठक की अध्यक्षता करने वाले व्यापारी नेता सिंगला का कहना है कि उनके सहित अन्य कई दुकानदारों ने सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को पुरजोर विरोध किया, इसी के साथ यह भी स्पष्ट किया कि नगर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बदहाल करने वाले दुकानदारों का सहयोग कतई नहीं किया जाएगा।
प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश
पुरानी मंडी और हनुमान मंदिर मार्केट के कुछ दुकानदार मार्केट को बंद करके पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते थे, लेकिन उन्हीं के साथियों के विरोध करने पर पूरे प्लान की हवा निकल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों के आगे रेहड़ियां और फड़ियां लगवाकर प्रतिदिन के 100 रुपये से 400 रुपये तक वसूल रहे हैं।
नगर परिषद की भूमिका पर सवाल
अवैध ढंग से हो रही इस उगाही की जानकारी नगर परिषद को भी है, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि व्यवस्था को कायम रखने के पक्षधर दुकानदारों का कहना है कि रेहड़ी को एक जगह खड़ा ही नहीं किया जा सकता, लेकिन नगर के बाजारों में सैकड़ों रेहड़ियां और फड़ियां सड़क पर ही लगवाई जा रही हैं।
अब हालात ये हो चुके हैं कि ऐसा करना कई दुकानदार अपना अधिकार मान चुके हैं और सरकारी सड़क पर कब्जे हटाने के लिए भी दुकानें बंद करके हालात बिगाड़ने और व्यवस्था को चौपट करने पर तुले हैं। खास बात ये है कि इस पूरे हालात में नगर परिषद की भूमिका गौण है। अगर समय-समय पर नगर परिषद और पुलिस ऐसे अभियान जारी रखे तो नगर के हालात सुधर सकते हैं।
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गौरतलब है कि 21 अक्तूबर 2013 को अमर उजाला ने यह मामला अधिकारियों, मार्केट एसोसिएशन और व्यापार मंडल के संज्ञान में दिया था, जिसकी अगले दिन माई सिटी में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी।
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अधिकारियों ने इस खबर के छपते ही एक्शन लिया और सड़कों पर खड़ी रेहड़ियों, फड़ी और दुकान के बाहर अतिक्रमण करने वालों के कब्जों को हटवा दिया था। आज इसके विरोध में सुबह मार्केट कुछ दुकानदार लामबंद हुए, लेकिन सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों का साथ देने की बजाय बड़ी संख्या में दुकानदार ही इनके खिलाफ हो गए।
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त्योहारी का सीजन शुरू होने से नगर के मेन बाजारों से वाहन निकालना तो दूर लोगों को पैदल चलना भी दूभर हो गया था। सबसे ज्यादा परेशानी पुराने शहर के रिहायशी इलाकों के लोग भुगत रहे थे। आखिरकार पुलिस अधीक्षक वाई पूर्ण कुमार के आदेशानुसार कृष्णा गेट पुलिस चौकी के प्रभारी मान सिंह ने बाजार से कब्जे हटवा दिए गए।
एसपी के आदेश पर सारी कार्रवाई
कृष्णा गेट पुलिस चौकी के प्रभारी मान सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक वाई पूर्णकुमार के आदेश पर बाजार में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने और सुरक्षा कारणों से कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि एसपी साहब के आदेश हैं कि यदि चेतावनी देने पर भी हालात नहीं सुधरें तो उल्लंघन करने वालों के चालान काटे जाएं। चौकी प्रभारी के अनुसार ये कार्रवाई सिर्फ त्यौहारी महीने के लिए नहीं, बल्कि रेगुलर रहेगी, यह आदेश भी पुलिस अधीक्षक ने दिए हैं।
कब्जा करने वालों का नहीं करेंगे सहयोग
नगर पार्षद एवं व्यापारी नेता दीपक सिंगला ने बताया कि बुधवार को कुछ व्यापारियों ने विरोध स्वरूप सुबह कुछ घंटे के लिए दुकानें बंद करके आपात बैठक बुलाई थी।
इस बैठक की अध्यक्षता करने वाले व्यापारी नेता सिंगला का कहना है कि उनके सहित अन्य कई दुकानदारों ने सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को पुरजोर विरोध किया, इसी के साथ यह भी स्पष्ट किया कि नगर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बदहाल करने वाले दुकानदारों का सहयोग कतई नहीं किया जाएगा।
प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश
पुरानी मंडी और हनुमान मंदिर मार्केट के कुछ दुकानदार मार्केट को बंद करके पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते थे, लेकिन उन्हीं के साथियों के विरोध करने पर पूरे प्लान की हवा निकल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों के आगे रेहड़ियां और फड़ियां लगवाकर प्रतिदिन के 100 रुपये से 400 रुपये तक वसूल रहे हैं।
नगर परिषद की भूमिका पर सवाल
अवैध ढंग से हो रही इस उगाही की जानकारी नगर परिषद को भी है, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि व्यवस्था को कायम रखने के पक्षधर दुकानदारों का कहना है कि रेहड़ी को एक जगह खड़ा ही नहीं किया जा सकता, लेकिन नगर के बाजारों में सैकड़ों रेहड़ियां और फड़ियां सड़क पर ही लगवाई जा रही हैं।
अब हालात ये हो चुके हैं कि ऐसा करना कई दुकानदार अपना अधिकार मान चुके हैं और सरकारी सड़क पर कब्जे हटाने के लिए भी दुकानें बंद करके हालात बिगाड़ने और व्यवस्था को चौपट करने पर तुले हैं। खास बात ये है कि इस पूरे हालात में नगर परिषद की भूमिका गौण है। अगर समय-समय पर नगर परिषद और पुलिस ऐसे अभियान जारी रखे तो नगर के हालात सुधर सकते हैं।