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लॉकडाउन में पेठा बनाकर बेचने की सूचना पर छापेमारी, दुकान को बंद कराया
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लॉकडाउन में जहां सभी मिठाइयों की दुकानें बंद हैं, वहीं वार्ड-दो में मंगलपुर रोड एक दुकानदार अपनी दुकान खोलकर धड़ल्ले से पेठा बना रहा था। शनिवार को सूचना पर नगर निगम की टीम ने यहां छापा मारा, लेकिन दुकानदार ने उसे उपायुक्त कार्यालय से जारी अनुमति पत्र दिखा दिया। टीम भी लॉकडाउन में यह अनुमति पत्र देखकर चौक गई। फिलहाल तो नगर निगम की टीम को वापस लौटना पड़ा लेकिन जांच करने पर पाया गया कि यह अनुमति पत्र तो जारी होने के तत्काल बाद ही निरस्त कर दिया गया था। इस पर टीम ने शाम को फिर से जाकर दुकान को बंद करा दिया गया है। लेकिन इसके पीछे कहीं न कहीं खेल होने की भी आशंका नजर आ रही है, सवाल यह है कि यदि अनुमति पत्र निरस्त कर दिया गया था तो इसकी जानकारी दुकानदार को क्यों नहीं दी गई।
नगर निगम को सूचना मिली कि मंगलपुर रोड पर लॉकडाउन में भी एक दुकानदार मिठाइयों का निर्माण कर बेच रहा है। शनिवार की सुबह को नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर सतीश कुमार मित्तल ने टीम के साथ जाकर देखा तो यहां दुकान खुली थी, मजदूर लगे थे, पेठा बनाया जा रहा था। टीम ने लॉकडाउन में पेठा मिठाई बनाने का कारण पूछा तो दुकान स्वामी विजय ने तत्काल डीसी कार्यालय से जारी अनुमति पत्र दिखा दिया। जिसे देखकर टीम भी चौक गई। आखिर, लॉकडाउन में यह अनुमति कैसे जारी कर दी गई। फिलहाल तो टीम को वापस लौटना पड़ा। दुकानदार विजय भी अड़ गया कि जब उसके पास अनुमति है तो वह काम बंद नहीं करेगा। लेकिन शाम को नगर निगम की टीम फिर दुकान पर पहुंची और उसकी दुकान को बंद करा दिया। टीम ने मौके पर बताया कि जो अनुमति पत्र दुकानदार दिखा रहा है, उसे तो जारी होने के दिन ही निरस्त कर दिया गया था।
-मिठाई बनाने की सूचना पर नगर निगम की टीम मौके पर गई थी, दुकानदार ने एसडीएम द्वारा जारी अनुमति पत्र दिखाया तो टीम वापस आ गई थी लेकिन वह अनुमति पत्र निरस्त हो चुका था, इसलिए दुकान को सील तो नहीं किया गया लेकिन बंद करा दिया गया है।
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-धीरज कुमार, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम करनाल।
-उस दिन दुकानें खोलने की छूट मिलने की बात कही गई थी, इसलिए पेठा बनाने की अनुमति जारी की गई थी लेकिन उसी दिन शाम को स्थिति स्पष्ट हुई तो ऐसी दुकानें बंद रखने का ही निर्णय लिया गया। इसलिए उस दिन जितनी भी अनुमति दी गई थी, सभी निरस्त कर दी गई थी।
-नरेंद्र कुमार मलिक, एसडीएम करनाल।
अनुमति के नाम पर कहीं कोई खेल तो नहीं...
करनाल। मंगलपुर रोड पर एक दुकानदार निरस्त हो चुकी अनुमति पर पेठा निर्माण करता मिला, इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने बिना कोई स्थिति स्पष्ट हुए आखिरकार अनुमति क्यों जारी कर दी। यदि जारी कर भी दी तो निरस्त होने की सूचना दुकानदार को क्यों नहीं दी। संभावना यह भी है कि इस तरह की अनुमति और भी जारी की गई हैं, इसमें कई निरस्त भी हो चुकी है, लेकिन पूर्व में जारी अनुमति पत्र के सहारे ही दुकानदार अपनी दुकानों को खोल रहे हैं। आखिर यह कौन तय करेगा कि किसकी अनुमति निरस्त हो चुकी है और किसकी नहीं ? इसकी जांच के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है। विजय चूंकि पेठा बना रहा था, जिससे हर कोई समझ गया कि लॉकडाउन में पेठा या मिठाई बनाना प्रतिबंधित है, इसलिए जांच के बाद मामला सामने आ गया। कई अन्य तरह की दुकानें भी है, जो खुल रही हैं। उनकी जांच कौन करेगा।
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नगर निगम को सूचना मिली कि मंगलपुर रोड पर लॉकडाउन में भी एक दुकानदार मिठाइयों का निर्माण कर बेच रहा है। शनिवार की सुबह को नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर सतीश कुमार मित्तल ने टीम के साथ जाकर देखा तो यहां दुकान खुली थी, मजदूर लगे थे, पेठा बनाया जा रहा था। टीम ने लॉकडाउन में पेठा मिठाई बनाने का कारण पूछा तो दुकान स्वामी विजय ने तत्काल डीसी कार्यालय से जारी अनुमति पत्र दिखा दिया। जिसे देखकर टीम भी चौक गई। आखिर, लॉकडाउन में यह अनुमति कैसे जारी कर दी गई। फिलहाल तो टीम को वापस लौटना पड़ा। दुकानदार विजय भी अड़ गया कि जब उसके पास अनुमति है तो वह काम बंद नहीं करेगा। लेकिन शाम को नगर निगम की टीम फिर दुकान पर पहुंची और उसकी दुकान को बंद करा दिया। टीम ने मौके पर बताया कि जो अनुमति पत्र दुकानदार दिखा रहा है, उसे तो जारी होने के दिन ही निरस्त कर दिया गया था।
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-मिठाई बनाने की सूचना पर नगर निगम की टीम मौके पर गई थी, दुकानदार ने एसडीएम द्वारा जारी अनुमति पत्र दिखाया तो टीम वापस आ गई थी लेकिन वह अनुमति पत्र निरस्त हो चुका था, इसलिए दुकान को सील तो नहीं किया गया लेकिन बंद करा दिया गया है।
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-धीरज कुमार, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम करनाल।
-उस दिन दुकानें खोलने की छूट मिलने की बात कही गई थी, इसलिए पेठा बनाने की अनुमति जारी की गई थी लेकिन उसी दिन शाम को स्थिति स्पष्ट हुई तो ऐसी दुकानें बंद रखने का ही निर्णय लिया गया। इसलिए उस दिन जितनी भी अनुमति दी गई थी, सभी निरस्त कर दी गई थी।
-नरेंद्र कुमार मलिक, एसडीएम करनाल।
अनुमति के नाम पर कहीं कोई खेल तो नहीं...
करनाल। मंगलपुर रोड पर एक दुकानदार निरस्त हो चुकी अनुमति पर पेठा निर्माण करता मिला, इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने बिना कोई स्थिति स्पष्ट हुए आखिरकार अनुमति क्यों जारी कर दी। यदि जारी कर भी दी तो निरस्त होने की सूचना दुकानदार को क्यों नहीं दी। संभावना यह भी है कि इस तरह की अनुमति और भी जारी की गई हैं, इसमें कई निरस्त भी हो चुकी है, लेकिन पूर्व में जारी अनुमति पत्र के सहारे ही दुकानदार अपनी दुकानों को खोल रहे हैं। आखिर यह कौन तय करेगा कि किसकी अनुमति निरस्त हो चुकी है और किसकी नहीं ? इसकी जांच के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है। विजय चूंकि पेठा बना रहा था, जिससे हर कोई समझ गया कि लॉकडाउन में पेठा या मिठाई बनाना प्रतिबंधित है, इसलिए जांच के बाद मामला सामने आ गया। कई अन्य तरह की दुकानें भी है, जो खुल रही हैं। उनकी जांच कौन करेगा।