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सीवरेज के गड्ढे में बाइक समेत गिरा युवक, मौत
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Fri, 18 Sep 2015 01:07 AM IST
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निर्माणाधीन सीवरेज के गड्ढे में मोटरसाइकिल सहित गिरने से एक युवक की मौत
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हो गई। हादसा सुबह 7 बजे स्कूल समय में हुआ। युवक की मौत के बाद कॉलोनी
में मातम छा गया। मृतक बिहार के चंपारण जिले का रहने वाला बताया जा रहा है।
उसका वहीं पर संस्कार किया जाएगा। युवक तरावड़ी के वार्ड नंबर-6 में किराए
पर रहता था और ज्योति इंटरप्राइजिज में काम करता था। युवक उमेश सुबह करीब 7
बजे बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए जा रहा था।
रास्ते में नगर खेड़े के पास सीवरेज बिछाने के लिए बुधवार रात गहरा गड्ढा खोदा गया था। ठेकेदार ने वहां पर न तो कोई रास्ता रोका न ही मौके पर कोई सूचना बोर्ड लगाना जरूरी समझा। सुबह जैसे ही युवक उमेश बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए वहां से निकलने लगा तो उसने रास्ता सही न देखकर बेटे को मोटरसाइकिल से नीचे उतार दिया। इसके बाद वह धीरे-धीरे बाइक को वहां से निकालने लगा।
उसे इस बात का एहसास नहीं था कि वहां पर गड्ढा भी खोदा गया है। इसी दौरान बाइक को निकालते हुए वह मोटरसाइकिल सहित गड्ढे में जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद लोग मौके पर पहुंचे और युवक को गड्ढे से निकाला। लोगों ने उसे एक निजी अस्पताल भी पहुंचाया, लेकिन गड्ढे में गिरने से उसकी गर्दन में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। एसएचओ गौरव पूनिया ने बताया कि संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार रात भी बाल-बाल बचा युवक
बुधवार शाम को सीवरेज निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे के बाद विभाग द्वारा कोई सूचना बोर्ड न लगाए जाने पर एक युवक भी बीती रात बाल-बाल बच गया। दयानगर के पास रहने वाले युवक सोनू ने बताया कि रात करीब पौने 11 बजे जब वह नगर खेड़े के पास से जा रहा था तो वह भी इस गहरे गड्ढे में गिरने से बाल-बाल बच गया।
अब भी नहीं जागा विभाग
सीवरेज निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से हुई युवक की मौत के बाद अब भी विभाग नहीं जागा है। विभाग द्वारा एक तरफ तो आने-जाने का रास्ता बंद करने के लिए रस्सी लगा दी गई। लेकिन इसकी दूसरी तरफ नगर खेड़े के पास कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया।
समझदारी से बच गई मासूम की जान
युवक उमेश ने हादसे से पहले अपने बच्चे को समझदारी दिखाते हुए पहले ही बाइक से उतार दिया था, यदि वह ऐसा नहीं करता तो बच्चे के साथ भी कोई भी घटना हो सकती थी। हादसे के बाद पिता को इस तरह गड्ढे में गिरा देखकर बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसके पिता के साथ क्या हुआ है।
रास्ते में नगर खेड़े के पास सीवरेज बिछाने के लिए बुधवार रात गहरा गड्ढा खोदा गया था। ठेकेदार ने वहां पर न तो कोई रास्ता रोका न ही मौके पर कोई सूचना बोर्ड लगाना जरूरी समझा। सुबह जैसे ही युवक उमेश बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए वहां से निकलने लगा तो उसने रास्ता सही न देखकर बेटे को मोटरसाइकिल से नीचे उतार दिया। इसके बाद वह धीरे-धीरे बाइक को वहां से निकालने लगा।
उसे इस बात का एहसास नहीं था कि वहां पर गड्ढा भी खोदा गया है। इसी दौरान बाइक को निकालते हुए वह मोटरसाइकिल सहित गड्ढे में जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद लोग मौके पर पहुंचे और युवक को गड्ढे से निकाला। लोगों ने उसे एक निजी अस्पताल भी पहुंचाया, लेकिन गड्ढे में गिरने से उसकी गर्दन में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। एसएचओ गौरव पूनिया ने बताया कि संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार रात भी बाल-बाल बचा युवक
बुधवार शाम को सीवरेज निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे के बाद विभाग द्वारा कोई सूचना बोर्ड न लगाए जाने पर एक युवक भी बीती रात बाल-बाल बच गया। दयानगर के पास रहने वाले युवक सोनू ने बताया कि रात करीब पौने 11 बजे जब वह नगर खेड़े के पास से जा रहा था तो वह भी इस गहरे गड्ढे में गिरने से बाल-बाल बच गया।
अब भी नहीं जागा विभाग
सीवरेज निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से हुई युवक की मौत के बाद अब भी विभाग नहीं जागा है। विभाग द्वारा एक तरफ तो आने-जाने का रास्ता बंद करने के लिए रस्सी लगा दी गई। लेकिन इसकी दूसरी तरफ नगर खेड़े के पास कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया।
समझदारी से बच गई मासूम की जान
युवक उमेश ने हादसे से पहले अपने बच्चे को समझदारी दिखाते हुए पहले ही बाइक से उतार दिया था, यदि वह ऐसा नहीं करता तो बच्चे के साथ भी कोई भी घटना हो सकती थी। हादसे के बाद पिता को इस तरह गड्ढे में गिरा देखकर बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसके पिता के साथ क्या हुआ है।