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Karnal News: बारिश और ओलावृष्टि से सात हजार एकड़ गेहूं को क्षति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2024 04:51 AM IST
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Seven thousand acres of wheat damaged due to rain and hailstorm
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। बारिश और ओलावृष्टि से खासकर इंद्री क्षेत्र में हुए नुकसान वाले गांवों का ब्योरा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेज दिया गया है। वहीं कृषि विभाग ने इंद्री क्षेत्र में मूंग उड़द व सब्जियों में 80 से 90 प्रतिशत नुकसान बताया है। करीब सात हजार एकड़ गेहूं को भारी नुकसान हुआ है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार इंद्री क्षेत्र में करीब 20 हजार एकड़ रकबा वाले 32 गांव सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। एक अनुमान के अनुसार इंद्री क्षेत्र के इन गांवों में करीब सात हजार एकड़ खेतों में गेहूं खड़ा था, जिसमें 80 से 90 प्रतिशत नुकसान बताया जा रहा है। मूंग और उड़द का रकबा करीब 400 है। करीब 350 एकड़ मक्का की फसल को भी 80 से 90 प्रतिशत नुकसान बताया जा रहा है। इसी क्षेत्र में टमाटर, लौकी , तोरई आदि 1200 एकड़ में खड़ी सब्जियां प्रभावित हुई है, उनमें 90 प्रतिशत तक भारी नुकसान हुआ है।
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उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि जिले में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से कुछ गांवों में फसल खराब हुई है। बिना समय गंवाए इन गांवों से जुड़ा ब्योरा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेज दिया है। जल्द से जल्द फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग भी विभाग के समक्ष रखी है ताकि किसान स्वयं भी अपनी खराब फसल का ब्यौरा इस पोर्टल पर डाल सके।
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उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से इंद्री तहसील के कुछ गांवों में अधिक नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त नीलोखेड़ी तहसील के भी कुछ गांव शामिल हैं। बारिश के बाद से ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को फसल खराबे से संबंधी रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए थे। तभी से विभाग के कर्मचारी फील्ड में उतरे हुए हैं और इस संबंध में आंकलन कर रहे हैं। जल्द ही फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल भी खोल दिया जाएगा।

सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब हुई है, एसडीएम स्वयं उसका जायजा लें और बारीकी से रिपोर्ट तैयार करें। कोई भी क्षेत्र जहां पर इस प्राकृतिक आपदा की वजह से नुकसान हुआ है, वह छूटना नहीं चाहिए। सभी एसडीएम को जिले की सभी अनाज मंडियों में जल्द से जल्द उठान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
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