फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Security based on expired cylinders

Karnal News: एक्सपायर सिलिंडरों के भरोसे सुरक्षा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 02:00 PM IST
विज्ञापन
Security based on expired cylinders
जितेंद्र नरवाल
विज्ञापन

करनाल। अगर आप लघु सचिवालय जा रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। यहां पर लगे सीओटू (कार्बन डाइऑक्साइड) से भरे फायर सिलिंडर एक्सपायर हो चुके हैं। यहां तक कि कमरों के फर्श पर पानी और बिजली की खुली तारें हैं। बिजली का काम भी चल रहा है।
फायर हाईड्रेंट सिस्टम के टूटे शीशों में खस्ताहाल होज पाइप तक धूल से अटे हैं। हालांकि लघु सचिवालय की दीवारों पर चेतावनी भरे पोस्टर तो लगे हैं, इनमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यहां खतरा है।
विज्ञापन

खास बात ये है कि लघु सचिवालय की इमारत के पास दमकल विभाग की एनओसी तक नहीं है। जो सचिवालय की इमारत को ये साबित करे कि ये अग्निकांड जैसी आपदा में सुरक्षित है। बावजूद अधिकारी इनकी सुध नहीं ले पाए हैं। अगर यहां कोई बिजली से करंट लगने या अग्निकांड होता है तो उसे काबू करना काफी मुश्किल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब है कि लघु सचिवालय में रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। यहां पर तकरीबन सभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय भी हैं। डीसी से लेकर एसपी, एडीसी, एसडीएम, सीटीएम तक यहीं बैठते हैं। बावजूद सुरक्षा कारणों का यहां पर ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
सुरक्षा के नजरिए से यहां सीसीटीवी तो लगाए गए हैं लेकिन सुरक्षा की आधार व्यवस्थाओं को ही नजर अंदाज किया जा रहा है। वहीं, सचिवालय में तीन लिफ्ट हैं, दो पर काम चल रहा है।
चालू लिफ्ट सिर्फ अधिकारियों और वीआईपी के लिए है। बंद दोनों लिफ्ट के ऊपर भी चेतावनी पोस्टर लगाए गए हैं। वहीं, साथ में चेतावनी बोर्ड भी लगे हैं। जिनमें लिखा है कि भूंकप और आग के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और केवल सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

दो गैस हर प्रकार के आग पर पाती है काबू : फायर सिलिंडरों में दो प्रकार की गैस होती है।
एक सीओटू यानी कार्बन डाइऑक्साइड और दूसरी एबीसी गैस होती है। बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग पर काबू पाने में सीओटू काफी असरदार है जबकि फर्नीचर और कपड़े में लगी आग को बुझाने में एबीसी गैस काम आती है। अधिकारियों के अनुसार फायर सिलिंडरों को हर साल भरवाना जरूरी होता है। इनके इस्तेमाल की अवधि एक साल तक ही होती है। इसके लिए हर फायर सिलिंडर पर गैस भरने और इसकी एक्सपायरी तिथि तक लिखी होती है।

25सीटीके06..महाकुंभ के लिए सामना को खाना करते संत व भाजपा कार्यकर्ता। संवाद

25सीटीके06..महाकुंभ के लिए सामना को खाना करते संत व भाजपा कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : jammu

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed