{"_id":"622e563229b96e37d2372545","slug":"secret-will-open-dtp-s-mobile-diary-cctv-footage-of-the-house-karnal-news-knl101795896","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीटीपी का मोबाइल, डायरी, घर की सीसीटीवी फुटेज खोलेगी राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीटीपी का मोबाइल, डायरी, घर की सीसीटीवी फुटेज खोलेगी राज
विज्ञापन
करनाल। डीटीपी विक्रम के पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद अब उसके मोबाइल, डायरी और घर की सीसीटीवी फुटेज से कई राज खुलेंगे। जिससे बड़े अधिकारियों में भी खलबली मची है। इधर, कांग्रेस नेता व बिहार के प्रभारी एडवोकेट वीरेंद्र राठौर ने आरोप लगाया है कि हरियाणा स्टेट विजिलेंस को शिकायतकर्ता ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी है। यही कारण है कि विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम को रिश्वत लेते पकड़ा है, क्योंकि उस रिकॉर्डिंग में कई अधिकारियों और रसूखदारों का भी नाम लिया गया है। इसी कारण सरकार ने डीटीपी विक्रम पर कार्रवाई की है।
उनका कहना है कि कई साल से यह बात उठ रही थी कि यह डीटीपी भ्रष्ट है, लेकिन किसी ने उस समय कार्रवाई नहीं की बल्कि डीटीपी का प्रमोशन कर उसे गुरुग्राम का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया। उधर, सूत्रों का कहना है कि रिमांड के दौरान विजिलेंस ने एक प्रश्नावली तैयार की है, जिसमें रिश्वत कांड से जुड़े कई सवाल विजिलेंस ने तैयार किए हैं। इन सवालों का जवाब रिमांड के दौरान डीटीपी को देने हैं। उधर, विजिलेंस की टीम ने डीटीपी के साथ उसके आवास पर गहन तलाशी ली। इस तलाशी में डीटीपी को एक डायरी बरामद हुई है। जिसमें रिश्वत देने वालों का पूरा चिट्ठा शामिल है। हालांकि मामले में विजिलेंस ने चुप्पी साधी हुई है। जबकि लोगों का कहना है कि विजिलेंस की असली उपलब्धि तभी मानी जाएगी जब वह निष्पक्ष जांच कर डीटीपी से रिश्वत के रुपये लेने वाले अधिकारियों व रसूखदारों के नाम का खुलासा करेगी।
विदित है कि पानीपत निवासी परमजीत की शिकायत पर हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल की टीम ने गत शुक्रवार करनाल के डीटीपी विक्रम को उसके घर से पांच लाख व उसके ड्राइवर बलबीर को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। पुलिस को आरोपी विक्रम के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद हुए थे। बताया जा रहा है कि आरोपी डीटीपी हर सप्ताह रिश्वत के करीब एक करोड़ रुपये घर लेकर जाता था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रविवार को रिमांड का एक दिन बीत गया।
विज्ञापन
घर पर ही लेता था रिश्वत
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार डीटीपी अपनी रिश्वत की राशि कार्यालय में नहीं बल्कि अपने सेक्टर-6 स्थित आवास पर लेता था। सारा काम ड्राइवर बलबीर के माध्यम से होता था। इस कारण विजिलेंस डीटीपी और ड्राइवर से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। विजिलेंस डीटीपी के बैंक खाते भी खंगाल रही है ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी के किस-किस बैंक में खाते हैं और कितने रुपये उन खातों में जमा हैं। डीटीपी के घर से बरामद सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। जिसमें देखा जा रहा है कि डीटीपी के घर कौन-कौन आता-जाता था।
विज्ञापन
उनका कहना है कि कई साल से यह बात उठ रही थी कि यह डीटीपी भ्रष्ट है, लेकिन किसी ने उस समय कार्रवाई नहीं की बल्कि डीटीपी का प्रमोशन कर उसे गुरुग्राम का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया। उधर, सूत्रों का कहना है कि रिमांड के दौरान विजिलेंस ने एक प्रश्नावली तैयार की है, जिसमें रिश्वत कांड से जुड़े कई सवाल विजिलेंस ने तैयार किए हैं। इन सवालों का जवाब रिमांड के दौरान डीटीपी को देने हैं। उधर, विजिलेंस की टीम ने डीटीपी के साथ उसके आवास पर गहन तलाशी ली। इस तलाशी में डीटीपी को एक डायरी बरामद हुई है। जिसमें रिश्वत देने वालों का पूरा चिट्ठा शामिल है। हालांकि मामले में विजिलेंस ने चुप्पी साधी हुई है। जबकि लोगों का कहना है कि विजिलेंस की असली उपलब्धि तभी मानी जाएगी जब वह निष्पक्ष जांच कर डीटीपी से रिश्वत के रुपये लेने वाले अधिकारियों व रसूखदारों के नाम का खुलासा करेगी।
विज्ञापन
विदित है कि पानीपत निवासी परमजीत की शिकायत पर हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल की टीम ने गत शुक्रवार करनाल के डीटीपी विक्रम को उसके घर से पांच लाख व उसके ड्राइवर बलबीर को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। पुलिस को आरोपी विक्रम के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद हुए थे। बताया जा रहा है कि आरोपी डीटीपी हर सप्ताह रिश्वत के करीब एक करोड़ रुपये घर लेकर जाता था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रविवार को रिमांड का एक दिन बीत गया।
विज्ञापन
घर पर ही लेता था रिश्वत
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार डीटीपी अपनी रिश्वत की राशि कार्यालय में नहीं बल्कि अपने सेक्टर-6 स्थित आवास पर लेता था। सारा काम ड्राइवर बलबीर के माध्यम से होता था। इस कारण विजिलेंस डीटीपी और ड्राइवर से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। विजिलेंस डीटीपी के बैंक खाते भी खंगाल रही है ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी के किस-किस बैंक में खाते हैं और कितने रुपये उन खातों में जमा हैं। डीटीपी के घर से बरामद सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। जिसमें देखा जा रहा है कि डीटीपी के घर कौन-कौन आता-जाता था।