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Karnal News: अवकाश के बाद खुले स्कूल, कम रही उपस्थिति
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शीतकालीन अवकाश के 15 दिन बाद वीरवार को स्कूल खुले। हल्की बारिश, कोहरा व पहला दिन होने के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम रही।
कड़ाके की सर्दी के कारण अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया। जिसके चलते प्राथमिक ही नहीं बल्कि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही।
पहले दिन प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में 25 प्रतिशत ही बच्चे पहुंचे। जबकि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 40 प्रतिशत ही विद्यार्थी पहुंचे। पहला दिन होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई। इस दौरान अध्यापकों ने विद्यार्थियों से उनकी 15 दिन की छुट्टियों के बारे पूछा। विद्यार्थियों ने अधिकांश समय आपसी चर्चा में बिताया। जबकि अध्यापकों ने उनकी उपस्थिति सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर दिन निपटाया। अध्यापकों ने विद्यार्थियों का गृह कार्य की जानकारी और उनकी प्रगति की जांच की। जबकि बोर्ड कक्षाओं में वार्षिक परीक्षाओं को लेकर चर्चा की गई।
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विदित हो कि कई दिन बाद स्कूल आने के चलते विभाग की ओर से कक्षा का वातावरण सहज बनाने की अध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई है। जिसके चलते पहले दिन ऐसी चर्चाओं में विद्यार्थियों ने समय बिताया।
इसके बाद गृह कार्य की कापी चैक की जाएगी। बता दें कि सर्दी के चलते अभिभावकों बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अभी कड़ाके की सर्दी है। विभाग को छोटे बच्चों की छुट्टियां बढ़ानी चाहिए।
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करनाल। शीतकालीन अवकाश के 15 दिन बाद वीरवार को स्कूल खुले। हल्की बारिश, कोहरा व पहला दिन होने के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम रही।
कड़ाके की सर्दी के कारण अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया। जिसके चलते प्राथमिक ही नहीं बल्कि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही।
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पहले दिन प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में 25 प्रतिशत ही बच्चे पहुंचे। जबकि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 40 प्रतिशत ही विद्यार्थी पहुंचे। पहला दिन होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई। इस दौरान अध्यापकों ने विद्यार्थियों से उनकी 15 दिन की छुट्टियों के बारे पूछा। विद्यार्थियों ने अधिकांश समय आपसी चर्चा में बिताया। जबकि अध्यापकों ने उनकी उपस्थिति सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर दिन निपटाया। अध्यापकों ने विद्यार्थियों का गृह कार्य की जानकारी और उनकी प्रगति की जांच की। जबकि बोर्ड कक्षाओं में वार्षिक परीक्षाओं को लेकर चर्चा की गई।
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विदित हो कि कई दिन बाद स्कूल आने के चलते विभाग की ओर से कक्षा का वातावरण सहज बनाने की अध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई है। जिसके चलते पहले दिन ऐसी चर्चाओं में विद्यार्थियों ने समय बिताया।
इसके बाद गृह कार्य की कापी चैक की जाएगी। बता दें कि सर्दी के चलते अभिभावकों बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अभी कड़ाके की सर्दी है। विभाग को छोटे बच्चों की छुट्टियां बढ़ानी चाहिए।