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बेटी भगवान का दिया बहुमूल्य उपहार
कैथल
Updated Fri, 31 Jan 2014 12:54 AM IST
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अमर उजला द्वारा चलाए जा रहे ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान के तहत वीरवार को आरकेएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल समेत स्टॉफ सदस्यों ने बेटियों के समर्थन में शपथ पत्र भरे। कॉलेज लेक्चररों ने कहा कि वर्तमान समय में बेटा व बेटी में अंतर समझना संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है।
बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। आरकेएसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसबी गोयल ने कहा कि बेटी भगवान का दिया हुआ उपहार है। भगवान ने अगर बेटी दे दी तो समझों की सब कुछ दे दिया। वर्तमान समय में बेटियां किसी क्षेत्र में कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटी नहीं होगी तो मां नहीं होगी, मां नहीं होगी तो देश व दुनियां की कल्पना करना ही व्यर्थ है। कॉलेज के लेक्चरर डॉ. सीबी सैनी ने कहा कि समाज में बेटी को बराबर का दर्जा दिया जाना चाहिए। अगर किसी के यहां बेटी नहीं है तो वह किसी गरीब व्यक्ति की बेटी को गोद लेकर उसे अच्छी शिक्षा दिलाए।
बेटी से ही घर में खुशियां आती हैं। डा. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि ‘अमर उजाला’ द्वारा चलाया जा रहा अभियान सराहनीय है। उनकी केवल एक बेटी है जो उनके घर में सभी खुशियों का कारण है। उन्होंने समाज से अपील की कि बेटा-बेटी में अंतर न समझें। बेटियां मां-बाप के नाम को रोशन करती हैं। म्यूजिक अध्यापिका अंजू ने कहा कि उनके पास केवल एक बेटी है, वह अपनी बेटी पर गर्व करती हैं। एक दिन उनकी बेटी बेटों से बढ़कर कार्य करेगी। एलएम बिंदलिश व अध्यापिका संतोष धीमान ने कहा कि अमर उजाला द्वारा बेटी ही बचाएगी मुहिम का समर्थन करते हैं। इसके साथ-साथ समाज से अपील भी करते है कि इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
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बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। आरकेएसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसबी गोयल ने कहा कि बेटी भगवान का दिया हुआ उपहार है। भगवान ने अगर बेटी दे दी तो समझों की सब कुछ दे दिया। वर्तमान समय में बेटियां किसी क्षेत्र में कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटी नहीं होगी तो मां नहीं होगी, मां नहीं होगी तो देश व दुनियां की कल्पना करना ही व्यर्थ है। कॉलेज के लेक्चरर डॉ. सीबी सैनी ने कहा कि समाज में बेटी को बराबर का दर्जा दिया जाना चाहिए। अगर किसी के यहां बेटी नहीं है तो वह किसी गरीब व्यक्ति की बेटी को गोद लेकर उसे अच्छी शिक्षा दिलाए।
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बेटी से ही घर में खुशियां आती हैं। डा. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि ‘अमर उजाला’ द्वारा चलाया जा रहा अभियान सराहनीय है। उनकी केवल एक बेटी है जो उनके घर में सभी खुशियों का कारण है। उन्होंने समाज से अपील की कि बेटा-बेटी में अंतर न समझें। बेटियां मां-बाप के नाम को रोशन करती हैं। म्यूजिक अध्यापिका अंजू ने कहा कि उनके पास केवल एक बेटी है, वह अपनी बेटी पर गर्व करती हैं। एक दिन उनकी बेटी बेटों से बढ़कर कार्य करेगी। एलएम बिंदलिश व अध्यापिका संतोष धीमान ने कहा कि अमर उजाला द्वारा बेटी ही बचाएगी मुहिम का समर्थन करते हैं। इसके साथ-साथ समाज से अपील भी करते है कि इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
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