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Karnal News: फर्जी जाति प्रमाणपत्र से लड़ा सरपंच का चुनाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गांव टपराना में सरपंच का चुनाव लड़वाने के लिए एक महिला का फर्जी जाति प्रमाणपत्र बना दिया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला और उसके पति के साथ ही एडीसी कार्यालय में तैनात क्लर्क, नंबरदार एवं पटवारी समेत छह के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिवार पहचान पत्र में धोखाधड़ी कर महिला पर बैकवर्ड-बी श्रेणी को श्रेणी-ए करने का आरोप है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव टपराना निवासी रामनिवास ने आरोप लगाया कि गांव में सरपंच पद की सीट बैकवर्ड श्रेणी ए के लिए आरक्षित थी। सरपंच पद के लिए केवल महिला ही चुनाव लड़ सकती है। ऐसे में उसने परिवार में छोटे भाई सनी कश्यप की पत्नी सुनील देवी को सरपंच पद के लिए उम्मीदवार बनाया। इसके अलावा अन्य उम्मीदवार राजबाला, मोहनी और सीमा ने भी सरपंच पद के लिए नामांकन किया। इस पद के लिए योग्यता 10वीं थीं। उन्होंने बताया कि गांव निवासी सुखबीर बैकवर्ड-बी श्रेणी में आता है, जिसके चलते उसकी पत्नी राजबाला चुनाव नहीं लड़ सकती थी। जिसकी शिकायत जिला प्रशासन से की। जांच में परिवार पहचान पत्र में धांधली कर श्रेणी बदला जाना पाया गया। प्रशासनिक कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया गया। अब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
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करनाल। गांव टपराना में सरपंच का चुनाव लड़वाने के लिए एक महिला का फर्जी जाति प्रमाणपत्र बना दिया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला और उसके पति के साथ ही एडीसी कार्यालय में तैनात क्लर्क, नंबरदार एवं पटवारी समेत छह के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिवार पहचान पत्र में धोखाधड़ी कर महिला पर बैकवर्ड-बी श्रेणी को श्रेणी-ए करने का आरोप है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव टपराना निवासी रामनिवास ने आरोप लगाया कि गांव में सरपंच पद की सीट बैकवर्ड श्रेणी ए के लिए आरक्षित थी। सरपंच पद के लिए केवल महिला ही चुनाव लड़ सकती है। ऐसे में उसने परिवार में छोटे भाई सनी कश्यप की पत्नी सुनील देवी को सरपंच पद के लिए उम्मीदवार बनाया। इसके अलावा अन्य उम्मीदवार राजबाला, मोहनी और सीमा ने भी सरपंच पद के लिए नामांकन किया। इस पद के लिए योग्यता 10वीं थीं। उन्होंने बताया कि गांव निवासी सुखबीर बैकवर्ड-बी श्रेणी में आता है, जिसके चलते उसकी पत्नी राजबाला चुनाव नहीं लड़ सकती थी। जिसकी शिकायत जिला प्रशासन से की। जांच में परिवार पहचान पत्र में धांधली कर श्रेणी बदला जाना पाया गया। प्रशासनिक कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया गया। अब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
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