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किसानों के समर्थन में उतरे संत गोपालदास

Mon, 28 Oct 2013 11:43 PM IST
करनाल
करनाल Updated Mon, 28 Oct 2013 11:43 PM IST
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Sant Gopal das protest in favour of Farmers
घरौंडा क्षेत्र के पांच गांवों में चकबंदी मामले में संत गोपालदास किसानों के समर्थन में उतर गए हैं। उन्होंने सोमवार को किसानों के साथ जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया।
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इस दौरान किसानों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान करने के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
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वहीं, दूसरी ओर किसानों ने कहा कि यदि 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी का दरवाजा खटखटाने के साथ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे। गौरतलब है कि पिछले कई साल से घरौंडा क्षेत्र के गांव कालरम, अराईपुरा, भरतपुर, लालूपुरा और अमृतपुर समेत पांच गांवों में की गई चकबंदी ग्रामीणों के लिए फजीहत बनी है।
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 इस पूरे मामले में पांचों गांवों के लोग एकजुट होकर संघर्ष कर रहे है, जबकि दूसरा पक्ष स्वयं को भू मालिक बताने के साथ अपनी बात पर अड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार उन लोगों पर ज्यादती की जा रही है। उन लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। इस विवाद में दोनों पक्षों में गोलियां तक चल चुकी हैं। दो सप्ताह पहले जिला सचिवालय में दोनों पक्षों के लोगों ने रोहतक डिवीजन के आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखा था।

 ग्रामीणोें को प्रशासन ने समस्या निपटाने का आश्वासन दिया था जो पूरा नहीं होने पर सोमवार को दोबारा ग्रामीण महिलाआें समेत जिला सचिवालय पहुंचे। इन लोगों ने इंडिया एंगेस्ट करप्शन सदस्य एडवोकेट जेपी शेखपुरा और प्रदीप मराठा के नेतृत्व में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

ग्रामीणों करीब 12 बजे जिला सचिवालय पहुंच, लेकिन अधिकारियों ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की और वे धरने पर बैठ गए। मामले को निपटाने के लिए डीएसपी मुख्यालय जोगिंद्र राठी, एसडीएम मुकुल कुमार और तहसीलदार हरिओम अत्री को ग्रामीणों के बीच भेजा गया।

डीएसपी मुख्यालय राठी ने किसानों को बताया कि जेपी शेखपुरा मामले में वे मामला दर्ज करा चुके हैं। राजस्व विभाग के कानूनगो, पटवारी और एसीओ के तबादले के लिए आयुक्त और उपायुक्त विभाग के उच्चाधिकारियों को लिख चुके हैं।

यह विवादित मामला अदालत में विचाराधीन है। किसी से ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दस लोगों की कमेटी के पुनर्विचार के आश्वासन पर किसानों ने धरना खत्म किया।
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