{"_id":"61c4dc4a13fe7f731d0ea3f7","slug":"samples-for-185-people-in-barani-khalsa-eight-houses-declared-micro-containment-zone-around-the-infected-karnal-news-knl937500102","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरानी खालसा में 185 लोगों के लिए सैंपल, संक्रमित के आसपास आठ घर माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरानी खालसा में 185 लोगों के लिए सैंपल, संक्रमित के आसपास आठ घर माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/नीलोखेड़ी। जिले में ओमिक्रॉन का एक केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संक्रमित व्यक्ति के गांव बरानी खालसा में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 185 लोगों के सैंपल लिए। वहीं संक्रमित व्यक्ति के घर के आसपास आठ घरों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। नागरिक अस्पताल की एसएमओ डॉ. अनू शर्मा ने बताया कि जो नमूने लिए गए हैं उनकी शुक्रवार को रिपोर्ट आने की संभावना है।
गांव बराना खालसा का जो व्यक्ति ओमिक्रॉन संक्रमित पाया गया है वह पुर्तगाल से आया था। उसके संपर्क में आए उसका छह वर्षीय बेटा भी कोरोना संक्रमित हो गया था। हालांकि परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिसके बाद पिता-पुत्र को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया है।
हरकत में स्वास्थ्य विभाग
बरानी खालसा में ओमिक्रॉन का पहला केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार देर रात तक संक्रमित व्यक्ति के घर के आसपास के घरों से करीब 20 लोगों के सैंपल लिए थे वहीं वीरवार को गांव से करीब 185 लोगों के सैंपल लिए गए। ओमिक्रॉन का केस मिलने के बावजूद ग्रामीण बेखौफ नजर आए। अधिकांश ग्रामीणों का तर्क था कि वे टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं, उन्हें अब इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। गांव के अधिकांश लोग बिना मास्क घूम रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण नहीं कर रहे सहयोग
लैब टेक्नीशियन सोहन लाल और स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लोग स्वेच्छा से सैंपल देने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। टीम के सदस्य घरों में जाकर सैंपल के लिए बुलाते हैं तो लोग अच्छा बर्ताव नहीं करते।
विज्ञापन
करनाल/नीलोखेड़ी। जिले में ओमिक्रॉन का एक केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संक्रमित व्यक्ति के गांव बरानी खालसा में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 185 लोगों के सैंपल लिए। वहीं संक्रमित व्यक्ति के घर के आसपास आठ घरों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। नागरिक अस्पताल की एसएमओ डॉ. अनू शर्मा ने बताया कि जो नमूने लिए गए हैं उनकी शुक्रवार को रिपोर्ट आने की संभावना है।
गांव बराना खालसा का जो व्यक्ति ओमिक्रॉन संक्रमित पाया गया है वह पुर्तगाल से आया था। उसके संपर्क में आए उसका छह वर्षीय बेटा भी कोरोना संक्रमित हो गया था। हालांकि परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिसके बाद पिता-पुत्र को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया है।
विज्ञापन
हरकत में स्वास्थ्य विभाग
बरानी खालसा में ओमिक्रॉन का पहला केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार देर रात तक संक्रमित व्यक्ति के घर के आसपास के घरों से करीब 20 लोगों के सैंपल लिए थे वहीं वीरवार को गांव से करीब 185 लोगों के सैंपल लिए गए। ओमिक्रॉन का केस मिलने के बावजूद ग्रामीण बेखौफ नजर आए। अधिकांश ग्रामीणों का तर्क था कि वे टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं, उन्हें अब इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। गांव के अधिकांश लोग बिना मास्क घूम रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण नहीं कर रहे सहयोग
लैब टेक्नीशियन सोहन लाल और स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लोग स्वेच्छा से सैंपल देने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। टीम के सदस्य घरों में जाकर सैंपल के लिए बुलाते हैं तो लोग अच्छा बर्ताव नहीं करते।