{"_id":"6206ce503b0046049c6bf0f3","slug":"rule-134a-so-far-only-1135-students-have-enrolled-karnal-news-knl986956136","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियम 134 ए : अभी तक 1135 विद्यार्थियों ने ही दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियम 134 ए : अभी तक 1135 विद्यार्थियों ने ही दाखिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वर्ष 2021-22 का शैक्षणिक सत्र समाप्त हो रहा है और विद्यार्थियों की स्कूल सत्र की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं लेकिन अभी तक निजी स्कूलों में 134 ए के तहत विद्यार्थियों के दाखिले नहीं हो पाए हैं। जिले के 293 स्कूलों में निर्धारित 6500 से ज्यादा सीटों पर अभी तक 1135 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों को देखें तो इस बार नियम के तहत दाखिले लेने में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की कम रुचि काफी कम है।
जानकारी के अनुसार इस बार विभिन्न कक्षाओं में निर्धारित सीटों पर दाखिले के लिए केवल 3900 विद्यार्थियों ने ही आवेदन किए और 2944 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। विभाग की ओर से जारी किए गए पहले ड्रा में 2299 विद्यार्थियों का नाम आया, जिनमें से निर्धारित समय तक केवल 1100 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया। अब दूसरे ड्रा में केवल 312 विद्यार्थियों को विभिन्न स्कूलों में सीटें अलॉट की गई हैं। इन सीटों पर भी चार दिन में केवल 35 विद्यार्थियों ने अब तक दाखिला लिया है। ऐसे में अब तक कुल 1135 विद्यार्थियों के ही नियम के तहत दाखिले हो पाए हैं।
विभाग ने नियम के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए कई बार आवेदन करने का समय बढ़ाया। इसके बावजूद सीटों के लिए आवेदन पूरे नहीं हो सके। जो आवेदन हुए थे, उनमें भी मांगे गए दस्तावेज कम मिले या फिर दस्तावेजों में त्रुटियां पाई गई, जिस कारण सैकड़ों विद्यार्थियों के आवेदन अस्वीकार हो गए। हालांकि शुरुआत में निजी स्कूलों ने भी अपनी बकाया राशि की मांग को लेकर विद्यार्थियों के दाखिले का विरोध किया। बाद में राशि जारी होने के आश्वासन पर स्कूल संचालक मान गए और विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि जिले में 315 स्कूलों के लिए 2019-20 के सत्र की 78 लाख रुपये राशि जारी की गई है। पूरी राशि के आवंटन के लिए खजाना कार्यालय से पत्राचार किया गया है। इसे जल्द ही स्कूलों के खातों में प्रेषित किया जाएगा।
विज्ञापन
पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मोनू बत्रा ने कहा कि इस बार सत्र बीत चुका है। विद्यार्थियों की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अब दाखिले लेने का भी कोई फायदा नहीं है। विभाग को चाहिए कि अब अगले सत्र में शुरुआत में ही बच्चों के दाखिले ले।
निजी स्कूलों की बकाया राशि को लेकर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव वरुण जैन ने कहा कि वे नियम में तहत बच्चों को लगातार पढ़ा रहे हैं, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से उनकी कई सत्रों की बकाया राशि नहीं दी गई है। ये राशि करोड़ों रुपये में हैं। विभाग जल्द बकाया राशि जारी करे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध चलती रहे और स्कूल संचालकों को भी परेशानी न हो।
विज्ञापन
कैथल। वर्ष 2021-22 का शैक्षणिक सत्र समाप्त हो रहा है और विद्यार्थियों की स्कूल सत्र की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं लेकिन अभी तक निजी स्कूलों में 134 ए के तहत विद्यार्थियों के दाखिले नहीं हो पाए हैं। जिले के 293 स्कूलों में निर्धारित 6500 से ज्यादा सीटों पर अभी तक 1135 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों को देखें तो इस बार नियम के तहत दाखिले लेने में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की कम रुचि काफी कम है।
जानकारी के अनुसार इस बार विभिन्न कक्षाओं में निर्धारित सीटों पर दाखिले के लिए केवल 3900 विद्यार्थियों ने ही आवेदन किए और 2944 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। विभाग की ओर से जारी किए गए पहले ड्रा में 2299 विद्यार्थियों का नाम आया, जिनमें से निर्धारित समय तक केवल 1100 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया। अब दूसरे ड्रा में केवल 312 विद्यार्थियों को विभिन्न स्कूलों में सीटें अलॉट की गई हैं। इन सीटों पर भी चार दिन में केवल 35 विद्यार्थियों ने अब तक दाखिला लिया है। ऐसे में अब तक कुल 1135 विद्यार्थियों के ही नियम के तहत दाखिले हो पाए हैं।
विज्ञापन
विभाग ने नियम के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए कई बार आवेदन करने का समय बढ़ाया। इसके बावजूद सीटों के लिए आवेदन पूरे नहीं हो सके। जो आवेदन हुए थे, उनमें भी मांगे गए दस्तावेज कम मिले या फिर दस्तावेजों में त्रुटियां पाई गई, जिस कारण सैकड़ों विद्यार्थियों के आवेदन अस्वीकार हो गए। हालांकि शुरुआत में निजी स्कूलों ने भी अपनी बकाया राशि की मांग को लेकर विद्यार्थियों के दाखिले का विरोध किया। बाद में राशि जारी होने के आश्वासन पर स्कूल संचालक मान गए और विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि जिले में 315 स्कूलों के लिए 2019-20 के सत्र की 78 लाख रुपये राशि जारी की गई है। पूरी राशि के आवंटन के लिए खजाना कार्यालय से पत्राचार किया गया है। इसे जल्द ही स्कूलों के खातों में प्रेषित किया जाएगा।
विज्ञापन
पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मोनू बत्रा ने कहा कि इस बार सत्र बीत चुका है। विद्यार्थियों की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अब दाखिले लेने का भी कोई फायदा नहीं है। विभाग को चाहिए कि अब अगले सत्र में शुरुआत में ही बच्चों के दाखिले ले।
निजी स्कूलों की बकाया राशि को लेकर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव वरुण जैन ने कहा कि वे नियम में तहत बच्चों को लगातार पढ़ा रहे हैं, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से उनकी कई सत्रों की बकाया राशि नहीं दी गई है। ये राशि करोड़ों रुपये में हैं। विभाग जल्द बकाया राशि जारी करे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध चलती रहे और स्कूल संचालकों को भी परेशानी न हो।