{"_id":"62bcbb38b0857e67a93d0fb3","slug":"roads-and-streets-will-be-dazzled-by-crores-of-rupees-karnal-news-knl1130917195","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों रुपये से चकाचक होंगी सड़कें और गलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों रुपये से चकाचक होंगी सड़कें और गलियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वर्ष 2022-23 में डी-प्लान के तहत 12.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खासतौर पर इस धनराशि से गलियां, नालियां और सड़क निर्माण, पार्क, स्कूल आदि की मरम्मत की जाएगी। जिससे लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और समस्याओं का समाधान होगा। इस राशि से शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर के काम होंगे। प्रशासन की ओर से जिले के आठ खंडों के सात निकाय यानी नगर पालिका व नगर निगम को राशि जारी कर दी गई है।
बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अनीश कुमार यादव की अध्यक्षता में इस वर्ष के लिए डी-प्लान की पहली बैठक हुई। उपायुक्त ने कहा कि डी-प्लान स्कीम के तहत करवाए जा रहे विकास कार्यों को कार्यकारी एजेंसियां निर्धारित समयावधि में पूरा करें। पैसा किसी भी सूरत में लैप्स न होने दें। जैसे ही स्वीकृत विकास कार्यों की सूची संबंधित एजेंसी के पास पहुंचती है, तुरंत विकास कार्यों का एस्टीमेट तैयार करके कार्य शुरू करवाएं।
दिसंबर माह तक अधिकांश कार्य हरसंभव पूरे करवाए जाएं और इनके बिलों की अदायगी भी समय पर करवाना सुनिश्चित करें। कार्य पूर्ण होने पर उपयोगिता प्रमाणपत्र कार्यालय में भेजें ताकि केंद्र सरकार से डी-प्लान में विकास कार्यों के लिए और पैसे की मांग की जा सके। बैठक में इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप और मेयर रेणू बाला गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों की सिफारिश से स्वीकृत हुई राशि
एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि एजेंसियों को उनकी आबादी के हिसाब से राशि जारी की गई है। पैसा विकास कार्यों पर जनसंख्या के आधार पर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में खर्च किया जाता है। जनप्रतिनिधियों की सिफारिश को मद्देनजर संबंधित विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की सूची को स्वीकृति प्रदान की जाती है। करीब 23.75 करोड़ रुपये की राशि जारी हुई, लेकिन इसमें से करीब 11 करोड़ रुपये से गत वर्ष में हुए विकास कार्यों की राशि का भुगतान किया जाएगा।
डीसी बोले, निगम लापरवाह इसलिए पंचायतीराज को देंगे काम
डीसी ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय की लोकल एजेंसी निगम या नगर पालिका को राशि जारी की जाएगी। शहर में निगम को जारी होने वाली राशि से पंचायती राज विकास कार्य करवाएगा, क्योंकि निगम की प्रक्रिया लंबी है और पिछली बार के कार्य भी संतोषजनक नहीं हैं। डी-प्लान के तहत 10 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए टेंडर की आवश्यकता नहीं होती। जबकि निगम में सभी कार्य टेंडर से होते हैं, इसलिए इस बार पंचायती राज से काम कराने पर विचार किया है।
करीब साढ़े आठ करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे खर्च
- कुल 12 करोड़ 22 लाख 36 हजार रुपये की राशि में से करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये ग्रामीण और साढ़े तीन करोड़ रुपये शहरी क्षेत्र में खर्च होंगे।
- सामान्य घटक में 7 करोड़ 26 लाख 33 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 5 करोड़ 8 लाख 43 हजार और शहरी क्षेत्र में 2 करोड़ 17 लाख 90 हजार रुपये की राशि शामिल है।
- एससी व एसपी घटक में करीब 4 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है, इनमें 3 करोड़ 47 लाख 22 हजार रुपये ग्रामीण और एक करोड़ 39 लाख 81 हजार रुपये की राशि शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
विज्ञापन
करनाल। वर्ष 2022-23 में डी-प्लान के तहत 12.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खासतौर पर इस धनराशि से गलियां, नालियां और सड़क निर्माण, पार्क, स्कूल आदि की मरम्मत की जाएगी। जिससे लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और समस्याओं का समाधान होगा। इस राशि से शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर के काम होंगे। प्रशासन की ओर से जिले के आठ खंडों के सात निकाय यानी नगर पालिका व नगर निगम को राशि जारी कर दी गई है।
बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अनीश कुमार यादव की अध्यक्षता में इस वर्ष के लिए डी-प्लान की पहली बैठक हुई। उपायुक्त ने कहा कि डी-प्लान स्कीम के तहत करवाए जा रहे विकास कार्यों को कार्यकारी एजेंसियां निर्धारित समयावधि में पूरा करें। पैसा किसी भी सूरत में लैप्स न होने दें। जैसे ही स्वीकृत विकास कार्यों की सूची संबंधित एजेंसी के पास पहुंचती है, तुरंत विकास कार्यों का एस्टीमेट तैयार करके कार्य शुरू करवाएं।
विज्ञापन
दिसंबर माह तक अधिकांश कार्य हरसंभव पूरे करवाए जाएं और इनके बिलों की अदायगी भी समय पर करवाना सुनिश्चित करें। कार्य पूर्ण होने पर उपयोगिता प्रमाणपत्र कार्यालय में भेजें ताकि केंद्र सरकार से डी-प्लान में विकास कार्यों के लिए और पैसे की मांग की जा सके। बैठक में इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप और मेयर रेणू बाला गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों की सिफारिश से स्वीकृत हुई राशि
एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि एजेंसियों को उनकी आबादी के हिसाब से राशि जारी की गई है। पैसा विकास कार्यों पर जनसंख्या के आधार पर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में खर्च किया जाता है। जनप्रतिनिधियों की सिफारिश को मद्देनजर संबंधित विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की सूची को स्वीकृति प्रदान की जाती है। करीब 23.75 करोड़ रुपये की राशि जारी हुई, लेकिन इसमें से करीब 11 करोड़ रुपये से गत वर्ष में हुए विकास कार्यों की राशि का भुगतान किया जाएगा।
डीसी बोले, निगम लापरवाह इसलिए पंचायतीराज को देंगे काम
डीसी ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय की लोकल एजेंसी निगम या नगर पालिका को राशि जारी की जाएगी। शहर में निगम को जारी होने वाली राशि से पंचायती राज विकास कार्य करवाएगा, क्योंकि निगम की प्रक्रिया लंबी है और पिछली बार के कार्य भी संतोषजनक नहीं हैं। डी-प्लान के तहत 10 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए टेंडर की आवश्यकता नहीं होती। जबकि निगम में सभी कार्य टेंडर से होते हैं, इसलिए इस बार पंचायती राज से काम कराने पर विचार किया है।
करीब साढ़े आठ करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे खर्च
- कुल 12 करोड़ 22 लाख 36 हजार रुपये की राशि में से करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये ग्रामीण और साढ़े तीन करोड़ रुपये शहरी क्षेत्र में खर्च होंगे।
- सामान्य घटक में 7 करोड़ 26 लाख 33 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 5 करोड़ 8 लाख 43 हजार और शहरी क्षेत्र में 2 करोड़ 17 लाख 90 हजार रुपये की राशि शामिल है।
- एससी व एसपी घटक में करीब 4 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है, इनमें 3 करोड़ 47 लाख 22 हजार रुपये ग्रामीण और एक करोड़ 39 लाख 81 हजार रुपये की राशि शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।