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रोड सेफ्टी की बैठक में हाईवे का मुद्दा छाया रहा, सदस्यों ने अमर उजाला दिखाकर बताए हालात
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Road sefty meeting in karnal
रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में मंगलवार को नेशनल हाईवे की खामियों का मुद्दा छाया रहा। हाईवे पर गड्ढों, पुलों की खिसकती मिट्टी के अलावा अन्य मुद्दों पर एडीसी ने जवाब मांगा तो एनएचएआई के अधिकारी बगलें झांकते नजर आए। इसके अलावा बैठक में नगर निगम के गांधी चौक, सब्जी मंडी में पार्किंग बनाने, पक्का पुल की चौड़ाई कम होने के अलावा अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक में एडीसी ने अधिकारियों को काम करने की नसीहत दी।
बैठक के दौरान एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा हाईवे पर गड्ढे भरे जाने की बात कही गई तो कमेटी के सदस्यों ने इसे झूठा करार देकर अमर उजाला में प्रकाशित हाईवे की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई। अखबार में बसताड़ा टोल से कुरुक्षेत्र सीमा तक 45 किलोमीटर में 87 गड्ढों की खबर देखकर एनएचएआई के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।
रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक मंगलवार को अनीश यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एनएचएआई पर गड्ढे और खामियों के बारे में एडीसी ने जवाब मांगा तो अपनी लापरवाही और खामियों को छिपाकर एनएच मैनेजर सन्नी शर्मा ने दावा किया कि हाईवे के गड्ढे भरे जा रहे हैं। बैठक में मौजूद कमेटी के सदस्यों ने उनके इस दावे को झूठा करार दिया। सदस्य तेजपाल ने अखबार में मंगलवार के अंक में प्रकाशित हाईवे की खामियों की ग्राउंड रिपोर्ट सभी को दिखाई।
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उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अखबार में सच लिखा है कि बसताड़ा टोल से कुरुक्षेत्र सीमा तक 45 किलोमीटर में 87 जगह बड़े गड्ढे हैं। पता नहीं अधिकारी कैसे कह रहे हैं कि गड्ढे भर दिए। सदस्यों के आक्रामक अंदाज देखकर मैनेजर सन्नी शर्मा बोले कि टीम गड्ढे भर रही है। जब एडीसी ने कहा कि साथ चलकर दिखाएं, तो वे जवाब नहीं दे पाए। बैठक में एजेंडे के कुल 70 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें से 17 केवल नेशनल हाईवे की खामियों से जुड़े थे। किसी भी बिंदु पर काम नहीं होने और स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर एडीसी ने अधिकारियों को फटकार लगाते कहा कि कब काम करना सीखेंगे। झूठे दावों से काम नहीं चलेगा। काम करें। लोग जख्मी हो रहे हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। हर बार तुम्हारी ही लापरवाही और खामियां बैठक में आती हैं। उन्होंने कहा कि एनएच से अलग स्टेट हाईवे और शहर की सड़कों को भी अधिकारी जल्द दुरुस्त करें।
दो दिन में ठीक करें खोखले फ्लाईओवर
बैठक में नेशनल हाईवे की मिट्टी खिसकने से खोखले होते फ्लाईओवरों को लेकर एडीसी ने कहा कि यह गंभीर मामला है। दिनभर हाईवे से भारी वाहन गुजरते हैं। खोखले पुल से कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने दो दिन में सभी खोखले पुलों को ठीक करने के निर्देश दिए। आईटीआई चौक, समानाबाहु और घरौंडा के नजदीक मिट्टी खिसकने का मुद्दा भी अमर उजाला ने उठाया था। एनएच-44 पर तीन जगह कर्णेश्वर मंदिर, पक्का पुल और कंबोपुरा के पास फुट ओवर ब्रिज अधूरे पड़े हैं। ये तीनों ब्रिज का काम पूरा करने के लिए डेढ़ साल पहले एजेंडे में शामिल किया गया था। आज तक कुछ नहीं हुआ। एडीसी ने एनएच के पीडी अंबाला को इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
सात माह से चौक रि-डिजाइन नहीं कर पाए, शहर कैसे स्मार्ट बनाएंगे
बैठक में एजेंडे के तीसरे बिंदु पर एडीसी ने निगम अधिकारियों को भी तलब किया। दिसंबर 2018 से एजेंडे में महात्मा गांधी चौक को रि-डिजाइन करने का बिंदु है। लेकिन अभी तक नहीं हो पाया। निगम के एक्सईएन से एडीसी से कहा कि सात माह में एक चौक ठीक नहीं कर पाए, शहर को कैसे स्मार्ट बनाएंगे? निगम के डीएमसी धीरज कुमार ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चलते इस चौक को रि-डिजाइन किया जा रहा है।
स्मार्ट रोड की एक साइड बनेगा रनिंग ट्रैक
एडीसी ने बताया कि शहर के सेक्टर-12 एरिया में रविवार को होने वाला राहगीरी कार्यक्रम काफी पॉपुलर हुआ है। इसका एक ओर विकल्प एनडीआरआई चौक से बलड़ी चौक तक स्थित स्मार्ट रोड की एक साइड को रविवार के दिन रनिंग ट्रैक के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस रविवार को इसे प्रयोग के रूप में करके देखेंगे।
पक्का पुल पर हादसे में कई जान चली गई
बैठक में पक्का पुल की कम चौड़ाई का मुद्दा भी उठा। एसडीएम ने बताया कि मामला पहले चला था। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। कई लोगों की यहां हादसे में जान जा चुकी है। तो एडीसी ने मामले को दोबारा उठाने के लिए एनएचएआई के आरओ को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
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बैठक के दौरान एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा हाईवे पर गड्ढे भरे जाने की बात कही गई तो कमेटी के सदस्यों ने इसे झूठा करार देकर अमर उजाला में प्रकाशित हाईवे की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई। अखबार में बसताड़ा टोल से कुरुक्षेत्र सीमा तक 45 किलोमीटर में 87 गड्ढों की खबर देखकर एनएचएआई के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।
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रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक मंगलवार को अनीश यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एनएचएआई पर गड्ढे और खामियों के बारे में एडीसी ने जवाब मांगा तो अपनी लापरवाही और खामियों को छिपाकर एनएच मैनेजर सन्नी शर्मा ने दावा किया कि हाईवे के गड्ढे भरे जा रहे हैं। बैठक में मौजूद कमेटी के सदस्यों ने उनके इस दावे को झूठा करार दिया। सदस्य तेजपाल ने अखबार में मंगलवार के अंक में प्रकाशित हाईवे की खामियों की ग्राउंड रिपोर्ट सभी को दिखाई।
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उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अखबार में सच लिखा है कि बसताड़ा टोल से कुरुक्षेत्र सीमा तक 45 किलोमीटर में 87 जगह बड़े गड्ढे हैं। पता नहीं अधिकारी कैसे कह रहे हैं कि गड्ढे भर दिए। सदस्यों के आक्रामक अंदाज देखकर मैनेजर सन्नी शर्मा बोले कि टीम गड्ढे भर रही है। जब एडीसी ने कहा कि साथ चलकर दिखाएं, तो वे जवाब नहीं दे पाए। बैठक में एजेंडे के कुल 70 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें से 17 केवल नेशनल हाईवे की खामियों से जुड़े थे। किसी भी बिंदु पर काम नहीं होने और स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर एडीसी ने अधिकारियों को फटकार लगाते कहा कि कब काम करना सीखेंगे। झूठे दावों से काम नहीं चलेगा। काम करें। लोग जख्मी हो रहे हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। हर बार तुम्हारी ही लापरवाही और खामियां बैठक में आती हैं। उन्होंने कहा कि एनएच से अलग स्टेट हाईवे और शहर की सड़कों को भी अधिकारी जल्द दुरुस्त करें।
दो दिन में ठीक करें खोखले फ्लाईओवर
बैठक में नेशनल हाईवे की मिट्टी खिसकने से खोखले होते फ्लाईओवरों को लेकर एडीसी ने कहा कि यह गंभीर मामला है। दिनभर हाईवे से भारी वाहन गुजरते हैं। खोखले पुल से कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने दो दिन में सभी खोखले पुलों को ठीक करने के निर्देश दिए। आईटीआई चौक, समानाबाहु और घरौंडा के नजदीक मिट्टी खिसकने का मुद्दा भी अमर उजाला ने उठाया था। एनएच-44 पर तीन जगह कर्णेश्वर मंदिर, पक्का पुल और कंबोपुरा के पास फुट ओवर ब्रिज अधूरे पड़े हैं। ये तीनों ब्रिज का काम पूरा करने के लिए डेढ़ साल पहले एजेंडे में शामिल किया गया था। आज तक कुछ नहीं हुआ। एडीसी ने एनएच के पीडी अंबाला को इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
सात माह से चौक रि-डिजाइन नहीं कर पाए, शहर कैसे स्मार्ट बनाएंगे
बैठक में एजेंडे के तीसरे बिंदु पर एडीसी ने निगम अधिकारियों को भी तलब किया। दिसंबर 2018 से एजेंडे में महात्मा गांधी चौक को रि-डिजाइन करने का बिंदु है। लेकिन अभी तक नहीं हो पाया। निगम के एक्सईएन से एडीसी से कहा कि सात माह में एक चौक ठीक नहीं कर पाए, शहर को कैसे स्मार्ट बनाएंगे? निगम के डीएमसी धीरज कुमार ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चलते इस चौक को रि-डिजाइन किया जा रहा है।
स्मार्ट रोड की एक साइड बनेगा रनिंग ट्रैक
एडीसी ने बताया कि शहर के सेक्टर-12 एरिया में रविवार को होने वाला राहगीरी कार्यक्रम काफी पॉपुलर हुआ है। इसका एक ओर विकल्प एनडीआरआई चौक से बलड़ी चौक तक स्थित स्मार्ट रोड की एक साइड को रविवार के दिन रनिंग ट्रैक के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस रविवार को इसे प्रयोग के रूप में करके देखेंगे।
पक्का पुल पर हादसे में कई जान चली गई
बैठक में पक्का पुल की कम चौड़ाई का मुद्दा भी उठा। एसडीएम ने बताया कि मामला पहले चला था। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। कई लोगों की यहां हादसे में जान जा चुकी है। तो एडीसी ने मामले को दोबारा उठाने के लिए एनएचएआई के आरओ को पत्र लिखने के निर्देश दिए।