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‘शिक्षा ठीक नहीं होने के कारण संकट में जवानी, पानी और किसानी’
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करनाल: डीएवी पीजी कालेज में सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा विषय पर आयोजित सेमिनार में बोलते जल पुरूष डा ?
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स्कूल और कॉलेजों में दी जाने वाली शिक्षा ठीक नहीं है। ये भारतीय संस्कृति के अनुसार नहीं है। तभी आज के समय में जवानी, पानी और किसानी पर संकट आ रहे हैं। यह कहना है कि मैगसेसे पुरुस्कार विजेता एवं जल पुरुष राजेंद्र सिंह का। मंगलवार को डीएवी पीजी कॉलेज में पुलिस और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस सप्ताह के तहत जल संरक्षण और सड़क सुरक्षा पर आयोजित सेमिनार में पहुंचे थे। वहीं करनाल रेंज के आईजी योगेंद्र नेहरा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। डीएवी पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रामपाल सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया।
विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधा संवाद करते मुख्य वक्ता राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार, हर चीज वैज्ञानिक तरीके से होती है। पुराने समय में अनपढ़ होने पर भी कार्यों के नेगेटिव परिणाम नहीं आते थे। जितने अब आते हैं। ये आज की शिक्षा में ही कमी है कि रोजगार न मिलने के कारण जवान यानी युवा संकट में है। अत्यधिक दोहन और प्रकृति से हो रहे लगातार छेड़छाड़ के कारण हमारा पानी और पानी के घटते स्तर और पेस्टीसाइड के ज्यादा प्रयोग से किसानी संकट में है। हमें इस दिशा में भी कदम उठाने होंगे।
रामायण के उदाहरणों से समझाया चुनौतियों का कैसे हो समाधान
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने रामायण के उदाहरण देकर चुनौतियों का व्यवस्था करके निदान पाने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम प्रकृति प्रेमी थे। वनवास के दौरान उन्हें लंका तक जाने के जो भी संसाधन मिले, उन्होंने उसी से अपनी व्यवस्था बनाई और रावण पर विजय भी प्राप्त की। रावण ज्ञानी थे, विद्वान थे। वैज्ञानिक शक्तियां होने के बाद भी राम को रावण नहीं हरा पाए। इसी तरह यह जरूरी नहीं है कि हमारे पास भी सभी संसाधन हो, तो ही हम 21वीं सदी की जल और सड़क सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर विजय पा सकते हैं।
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इच वन टीच टेन के फार्मूले पर चल करें जागरूक : आईजी
मुख्य अतिथि आईजी योगेंद्र नेहरा ने कहा कि हरियाणा पुलिस सप्ताह के दौरान पुलिस विभाग की अच्छी कार्यशैली से आम जनता के मन में पुलिस की अच्छी तस्वीर को उभारना रहेगा, जिससे आम जनता व पुलिस के बीच परस्पर अच्छे संबंध स्थापित होंगे। विद्यार्थियों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाकर कहा कि आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों में सबसे ज्यादा प्रतिशत दोपहिया वाहन चालकों की है। इतनी बड़ी संख्या में उनके घायल होने का सबसे बड़ा कारण है, वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनना है। उन्होंने सभी से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात के अन्य सभी नियमों की पालना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को हमें इच वन टीच टेन के फार्मूले पर चलकर दूसरों को जागरूक करना होगा। तभी ये हादसों में होने वाली मौत का ग्राफ कम होगा। क्योंकि नियमों के प्रति जागरूक न होना भी हादसों का बड़ा कारण है।
नियमों का पालन करें तो पुलिस का कोई भय नहीं : डीएसपी
डीएसपी विरेंद्र कुमार ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट में जो संशोधन है। उसके अनुसार कहीं भी सड़क पर नियमों का पालन कर चलते समय पुलिस का भय नहीं है। जबकि पुलिस नागरिक सुरक्षा का मंच है। प्रिंसिपल डॉ. आरपी सैनी ने उनके कॉलेज में इस आयोजन पर पुलिस विभाग व अतिथियों का आभार जताया। इस अवसर पर प्रबंधक थाना हाईवे निरीक्षक नरेंद्र कुमार, आरटीए इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह, जोगिंद्र ढुल, यातायात पुलिस प्रवक्ता राजीव रंजन व आरएसओ जेआर कालड़ा मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधा संवाद करते मुख्य वक्ता राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार, हर चीज वैज्ञानिक तरीके से होती है। पुराने समय में अनपढ़ होने पर भी कार्यों के नेगेटिव परिणाम नहीं आते थे। जितने अब आते हैं। ये आज की शिक्षा में ही कमी है कि रोजगार न मिलने के कारण जवान यानी युवा संकट में है। अत्यधिक दोहन और प्रकृति से हो रहे लगातार छेड़छाड़ के कारण हमारा पानी और पानी के घटते स्तर और पेस्टीसाइड के ज्यादा प्रयोग से किसानी संकट में है। हमें इस दिशा में भी कदम उठाने होंगे।
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रामायण के उदाहरणों से समझाया चुनौतियों का कैसे हो समाधान
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने रामायण के उदाहरण देकर चुनौतियों का व्यवस्था करके निदान पाने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम प्रकृति प्रेमी थे। वनवास के दौरान उन्हें लंका तक जाने के जो भी संसाधन मिले, उन्होंने उसी से अपनी व्यवस्था बनाई और रावण पर विजय भी प्राप्त की। रावण ज्ञानी थे, विद्वान थे। वैज्ञानिक शक्तियां होने के बाद भी राम को रावण नहीं हरा पाए। इसी तरह यह जरूरी नहीं है कि हमारे पास भी सभी संसाधन हो, तो ही हम 21वीं सदी की जल और सड़क सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर विजय पा सकते हैं।
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इच वन टीच टेन के फार्मूले पर चल करें जागरूक : आईजी
मुख्य अतिथि आईजी योगेंद्र नेहरा ने कहा कि हरियाणा पुलिस सप्ताह के दौरान पुलिस विभाग की अच्छी कार्यशैली से आम जनता के मन में पुलिस की अच्छी तस्वीर को उभारना रहेगा, जिससे आम जनता व पुलिस के बीच परस्पर अच्छे संबंध स्थापित होंगे। विद्यार्थियों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाकर कहा कि आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों में सबसे ज्यादा प्रतिशत दोपहिया वाहन चालकों की है। इतनी बड़ी संख्या में उनके घायल होने का सबसे बड़ा कारण है, वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनना है। उन्होंने सभी से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात के अन्य सभी नियमों की पालना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को हमें इच वन टीच टेन के फार्मूले पर चलकर दूसरों को जागरूक करना होगा। तभी ये हादसों में होने वाली मौत का ग्राफ कम होगा। क्योंकि नियमों के प्रति जागरूक न होना भी हादसों का बड़ा कारण है।
नियमों का पालन करें तो पुलिस का कोई भय नहीं : डीएसपी
डीएसपी विरेंद्र कुमार ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट में जो संशोधन है। उसके अनुसार कहीं भी सड़क पर नियमों का पालन कर चलते समय पुलिस का भय नहीं है। जबकि पुलिस नागरिक सुरक्षा का मंच है। प्रिंसिपल डॉ. आरपी सैनी ने उनके कॉलेज में इस आयोजन पर पुलिस विभाग व अतिथियों का आभार जताया। इस अवसर पर प्रबंधक थाना हाईवे निरीक्षक नरेंद्र कुमार, आरटीए इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह, जोगिंद्र ढुल, यातायात पुलिस प्रवक्ता राजीव रंजन व आरएसओ जेआर कालड़ा मौजूद रहे।