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Karnal News: रिंग रोड के अंडरपास छोटे, खेत पर नहीं जा पा रहीं मशीनें
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के आउटर पर निर्माणाधीन रिंग रोड जहां एक ओर यातायात व्यवस्था के लिए बेहतर मानी जा रही है वहीं अधिकारियाें की लापरवाही से यह किसानों के लिए समस्या बन गई है। दनियालपुर गांव समेत आसपास के कई गांव और डेरों के किसानों की जमीन रिंग रोड के दोनों ओर है। खेतों और गांवों को जोड़ने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि जो कुछ अंडरपास हैं, उनकी ऊंचाई कम है। मशीनें इनमें से जा नहीं पातीं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप है कि उनके खेतों के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जो कच्ची सड़कें उन्होंने अपने खेतों में जाने के लिए बनाई थीं, उनको उखाड़ दिया है। उन्होंने इसकी शिकायत डीसी, एसडीएम और सीएम विंडो पर की लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। कहा कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो उनकी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। शुक्रवार को किसानों ने ट्रैक्टर अड़ा कर निर्माणाधीन रिंग रोड काे बंद कर दिया। किसानों ने बताया कि गांव दनियालपुर के सरपंच ने किसानों के कहने पर ग्राम पंचायत की ओर से रास्तकके लिए प्रशासन को प्रस्ताव भी दिया था लेकिन अब तक उस पर संज्ञान नहीं लिया गया। सुबह 11 बजे रिंग रोड पर पहुंचे किसान दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। कोई अधिकारी उनकी शिकायत लेने ही नहीं पहुंचा। आंदोलन और तेज करने की कहते हुए किसान लौट गए।
अंडरपास से नहीं निकल पाती हैं मशीनें
किसानों का कहना है कि रिंग रोड के नीचे बनाए गए अंडरपास की ऊंचाई केवल 10 फीट है, जबकि उनकी कंबाइन मशीन की ऊंचाई 14 फीट होती है। पकी हुई फसल काटने के लिए खेतों में कंबाइन नहीं जा पा रही। उन्होंने बताया कि करीब 2 साल पहले रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ था तब खेतों और गांवों को जोड़ने वाले पांच रास्ते थे। इनमें से दनियालपुर से टपियाना जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया। बाकी चार जगह अंडरपास तो बनाए गए, लेकिन उनकी ऊंचाई इतनी कम रखी गई कि किसानों के बड़े वाहन और कृषि मशीनें निकल ही नहीं पातीं।
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आरोप : सर्विस रोड का वादा नहीं निभायाकिसानों ने बताया कि सरकार की ओर से सर्विस रोड देने का वादा किया गया था ताकि दोनों ओर की जमीनों तक पहुंच आसान हो सके। न सर्विस रोड बनी और न ही उचित अंडरपास। अगर दोनों ओर जमीन है और एक ओर का ट्यूबवेल खराब हो जाए तो बिजली निगम दूसरी ओर के खेत के लिए परमिशन तक नहीं देता। ऐसे में उनकी कृषि व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। सर्विस रोड और पर्याप्त ऊंचाई वाले अंडरपास बनाने चाहिए ताकि खेतों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
अंडरपास किसी काम के नहीं
किसान जोगा सिंह बोले कि पहले जो गांव से खेतों तक जाने का रास्ता था, वहीं अंडरपास बना दिया गया। ऊंचाई का ध्यान नहीं रखा गया। ट्रैक्टर ट्रॉली तक इसमें से नहीं निकल सकती। किसानों के लिए कोई फायदा नहीं है।
कच्चे रास्तों पर भर गया पानी
किसान लखविंद्र सिंह ने बताया कि रिंग रोड बनाते समय किसानों ने खेतों तक जाने के लिए रास्ता मांगा था। तब आश्वासन दिया गया था लेकिन रास्ते दिए नहीं गए। खेतों की मिट्टी उठा ली गई, जिससे कच्चे रास्तों पर पानी भरने लगा है।
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करनाल। शहर के आउटर पर निर्माणाधीन रिंग रोड जहां एक ओर यातायात व्यवस्था के लिए बेहतर मानी जा रही है वहीं अधिकारियाें की लापरवाही से यह किसानों के लिए समस्या बन गई है। दनियालपुर गांव समेत आसपास के कई गांव और डेरों के किसानों की जमीन रिंग रोड के दोनों ओर है। खेतों और गांवों को जोड़ने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि जो कुछ अंडरपास हैं, उनकी ऊंचाई कम है। मशीनें इनमें से जा नहीं पातीं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप है कि उनके खेतों के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जो कच्ची सड़कें उन्होंने अपने खेतों में जाने के लिए बनाई थीं, उनको उखाड़ दिया है। उन्होंने इसकी शिकायत डीसी, एसडीएम और सीएम विंडो पर की लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। कहा कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो उनकी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। शुक्रवार को किसानों ने ट्रैक्टर अड़ा कर निर्माणाधीन रिंग रोड काे बंद कर दिया। किसानों ने बताया कि गांव दनियालपुर के सरपंच ने किसानों के कहने पर ग्राम पंचायत की ओर से रास्तकके लिए प्रशासन को प्रस्ताव भी दिया था लेकिन अब तक उस पर संज्ञान नहीं लिया गया। सुबह 11 बजे रिंग रोड पर पहुंचे किसान दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। कोई अधिकारी उनकी शिकायत लेने ही नहीं पहुंचा। आंदोलन और तेज करने की कहते हुए किसान लौट गए।
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अंडरपास से नहीं निकल पाती हैं मशीनें
किसानों का कहना है कि रिंग रोड के नीचे बनाए गए अंडरपास की ऊंचाई केवल 10 फीट है, जबकि उनकी कंबाइन मशीन की ऊंचाई 14 फीट होती है। पकी हुई फसल काटने के लिए खेतों में कंबाइन नहीं जा पा रही। उन्होंने बताया कि करीब 2 साल पहले रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ था तब खेतों और गांवों को जोड़ने वाले पांच रास्ते थे। इनमें से दनियालपुर से टपियाना जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया। बाकी चार जगह अंडरपास तो बनाए गए, लेकिन उनकी ऊंचाई इतनी कम रखी गई कि किसानों के बड़े वाहन और कृषि मशीनें निकल ही नहीं पातीं।
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आरोप : सर्विस रोड का वादा नहीं निभायाकिसानों ने बताया कि सरकार की ओर से सर्विस रोड देने का वादा किया गया था ताकि दोनों ओर की जमीनों तक पहुंच आसान हो सके। न सर्विस रोड बनी और न ही उचित अंडरपास। अगर दोनों ओर जमीन है और एक ओर का ट्यूबवेल खराब हो जाए तो बिजली निगम दूसरी ओर के खेत के लिए परमिशन तक नहीं देता। ऐसे में उनकी कृषि व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। सर्विस रोड और पर्याप्त ऊंचाई वाले अंडरपास बनाने चाहिए ताकि खेतों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
अंडरपास किसी काम के नहीं
किसान जोगा सिंह बोले कि पहले जो गांव से खेतों तक जाने का रास्ता था, वहीं अंडरपास बना दिया गया। ऊंचाई का ध्यान नहीं रखा गया। ट्रैक्टर ट्रॉली तक इसमें से नहीं निकल सकती। किसानों के लिए कोई फायदा नहीं है।
कच्चे रास्तों पर भर गया पानी
किसान लखविंद्र सिंह ने बताया कि रिंग रोड बनाते समय किसानों ने खेतों तक जाने के लिए रास्ता मांगा था। तब आश्वासन दिया गया था लेकिन रास्ते दिए नहीं गए। खेतों की मिट्टी उठा ली गई, जिससे कच्चे रास्तों पर पानी भरने लगा है।