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पड़ोस की दुकान से लाए थे चावल, घर में कई दिन से रखे थे आलू
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असंध। गांव रिसालवा में जहरीले चावल व आलू की सब्जी खाने से दो सगे भाइयों की मौत के मामले में यह साफ हो गया है कि वह चावल मिड डे मील का नहीं था। मृतक बच्चों की मां पूनम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने वह चावल घर के पास ही किराने की एक दुकान से 20 रुपये के मंगवाए थे और उसे उसका छोटा बेटा प्रतीक लेकर आया था। हालांकि ग्रामीणों और मृतकों के रिश्तेदारों द्वारा आरोप लगाए गए थे कि बच्चों की मौत मिड डे मील का राशन खाने से हुई है। मृतकों की मां ने यह भी बताया कि जिस आलू की सब्जी बनाई गई थी वह कई दिनों से घर में रखे थे। फिलहाल मौत के असल कारणों का पता नहीं लग पाया है। यह सब पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट में साफ हो पाएगा। पुलिस ने चावल के सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं।
सोमवार रात गांव रिसालवा निवासी पूनम ने चावल और आलू की सब्जी बनाई थी। उसे उसने व बेटे 11 साल के सागर, 9 साल के प्रतीक ने रात को खाया था। करीब 12 बजे दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चाें को असंध के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां सागर को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। प्रतीक की मौत करनाल के मेडिकल कॉलेज में उसी रात हो गई थी। जबकि मां पूनम की भी हालात गंभीर हो गई। जिसका इलाज कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जांच करती हुई पुलिस गांव में मृतक बच्चों के घर पहुंची और जो चावल उन्होंने बताए थे। वहां उन चावलों के सैंपल लिए और लैब में भेज दिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि चावल जहरीले तो नहीं थे।
गांव में तीन-चार दुकानें
पुलिस का कहना है कि मृतक के घर के समीप किराने की तीन से चार दुकानें हैं। ऐसे में उन सभी दुकानाें पर जाकर भी पूछताछ की जाएगी कि प्रतीक किसकी दुकान से चावल लेकर गया था और फिर उन चावलों के भी सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।
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4 क्विंटल चावल किए सील
बीईओ राजकुमार ने बताया कि रिसालवा स्कूल का 4 क्विंटल राशन सील कर दिया है। अब जांच के बाद उसे बच्चों को बांटेंगे। प्रतीक का दाखिला चौथी कक्षा में रिसालवा में था। उसे 8 जुलाई को 875 ग्राम चावल दिए गए थे। जबकि छात्र सागर सालवन स्कूल में अनुपस्थित चल रहा था। उसे राशन नहीं दिया गया है।
मृतक बच्चों की मां ने बताया कि चावल उसने पड़ोसी की दुकान से 20 रुपये के मंगवाए थे और वही पकाकर खाए हैं। इस मामले में अभी जांच की जा रही है। उन चावलों को भी जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा चावल में कमी थी या नहीं। फिलहाल महिला की तबीयत ठीक है।
-कमलदीप सिंह, थाना प्रभारी असंध
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सोमवार रात गांव रिसालवा निवासी पूनम ने चावल और आलू की सब्जी बनाई थी। उसे उसने व बेटे 11 साल के सागर, 9 साल के प्रतीक ने रात को खाया था। करीब 12 बजे दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चाें को असंध के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां सागर को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। प्रतीक की मौत करनाल के मेडिकल कॉलेज में उसी रात हो गई थी। जबकि मां पूनम की भी हालात गंभीर हो गई। जिसका इलाज कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जांच करती हुई पुलिस गांव में मृतक बच्चों के घर पहुंची और जो चावल उन्होंने बताए थे। वहां उन चावलों के सैंपल लिए और लैब में भेज दिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि चावल जहरीले तो नहीं थे।
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गांव में तीन-चार दुकानें
पुलिस का कहना है कि मृतक के घर के समीप किराने की तीन से चार दुकानें हैं। ऐसे में उन सभी दुकानाें पर जाकर भी पूछताछ की जाएगी कि प्रतीक किसकी दुकान से चावल लेकर गया था और फिर उन चावलों के भी सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।
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4 क्विंटल चावल किए सील
बीईओ राजकुमार ने बताया कि रिसालवा स्कूल का 4 क्विंटल राशन सील कर दिया है। अब जांच के बाद उसे बच्चों को बांटेंगे। प्रतीक का दाखिला चौथी कक्षा में रिसालवा में था। उसे 8 जुलाई को 875 ग्राम चावल दिए गए थे। जबकि छात्र सागर सालवन स्कूल में अनुपस्थित चल रहा था। उसे राशन नहीं दिया गया है।
मृतक बच्चों की मां ने बताया कि चावल उसने पड़ोसी की दुकान से 20 रुपये के मंगवाए थे और वही पकाकर खाए हैं। इस मामले में अभी जांच की जा रही है। उन चावलों को भी जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा चावल में कमी थी या नहीं। फिलहाल महिला की तबीयत ठीक है।
-कमलदीप सिंह, थाना प्रभारी असंध