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Karnal News: बारिश से राहत, धान की फसल गिरने से किसानों की आफत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Sep 2023 02:35 AM IST
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Relief from rain, farmers in trouble due to paddy crop falling
- अलसुबह तेज हवाओं संग बरसे बदरा, बढ़ी किसानों की धड़कनें
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मानसून की सक्रियता से रविवार की अलसुबह जिले के विभिन्न स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। जिससे रात्रिकालीन तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई। वहीं, खेतों में तेज हवाओं संग बारिश से धान की फसल गिर गई। जिससे किसानों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी लगातार 20 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रह सकता है। हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि मौसम साफ होता है तो अभी अधिक नुकसान नहीं है, लेकिन यदि खेतों में जलभराव रहेगा तो धान की बालियां पानी में डूबेंगी और दाना खराब हो सकता है। केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल की जिला कृषि मौसम शाखा के अनुसार पिछले चौबीस घंटे के दौरान 42.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। रविवार का अधिकतम तापमान 33.0 और न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि 16 सितंबर को अधिकतम तापमान 33.5 व न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस था। एनडीआरआई के जिला कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 17 के अलावा 18 व 20 सितंबर को भी बारिश के प्रबल आसार है। 20 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रह सकता है।
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खेतों में बिछी धान
निसिंग। कस्बे में शनिवार रात हुई बारिश और अंधड से धान की पकी फसल बिछ गई। फसल खराब होने से किसान परेशान हैं। खेतों में धान की 1509 किस्म करीब 50 प्रतिशत पक चुकी है। वहीं, कुछ मंडियों में 1509 किस्म की 50 प्रतिशत के करीब धान जा चुकी है।
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औंगद , कुचपुरा, अलीपुर विरान, कतलाहेड़ी, निसिंग व अन्य गांवों के किसानों का कहना है कि पक्की फसल गिरने से पैदावार को नुकसान पहुंचता है। वहीं, खर्चों में भी बढ़ोतरी होती है। जिससे कंबाइन से गिरी हुई फसल कटवाने के लिए कटाई खर्च अधिक देना पड़ता है। कंबाइन से कटवाने में भी गिरे हुए धान को नुकसान होता है, क्योंकि कटाई करते समय दाने गिर जाते हैं। किसान रमेश, सुनील, जोगिंदर, राजेश राणा ने बताया कि धान लगवाने के समय अधिक बारिश होने पर दो से तीन बार धान की रोपाई करवानी पड़ी थी। अब खेतों में खड़ी करीब 50 प्रतिशत 1509 किस्म की धान को काटने में आठ से 10 दिन का समय लग सकता है। संवाद

तेज बारिश व अंधड़ से खेतों में पकी 1509 किस्म की बिछी धान।
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