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Karnal News: राइस मिलरों को राहत, 30 तक कर सकेंगे सीएमआर डिलीवरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:02 AM IST
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Relief for rice millers; can make CMR deliveries until the 30th.
करनाल। हरियाणा में खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के दौरान धान खरीद के बाद कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा कराने को लेकर जारी अड़चन के बीच केंद्र सरकार ने राइस मिलर्स को बड़ी राहत दी है। केंद्र ने प्रदेश में धान खरीद का अनुमान 54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।
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इसके साथ ही अब बढ़े हुए अनुमान के अनुरूप तैयार चावल एफसीआई को जमा कराने का रास्ता साफ हो गया है। डिलीवरी में तेजी के लिए प्रदेश के एफसीआई डिपो सप्ताह के सातों दिन खुले रहेंगे और सीएमआर जमा कराने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी करनी होगी।
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हालांकि प्रदेश में सीजन के दौरान करीब 64 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इसके मुकाबले पहले एफसीआई में चावल लेने के लिए 54 लाख मीट्रिक टन का अनुमान निर्धारित था। इस अंतर के कारण बड़ी मात्रा में धान की मिलिंग और उसके बाद सीएमआर जमा कराने को लेकर मिलर्स के सामने असमंजस और व्यावहारिक दिक्कतें बनी हुई थीं। एफसीआई डिपो में पर्याप्त जगह नहीं मिलने से जिले में भी करीब 9000 ट्रकों के सीएमआर की डिलीवरी रुकी हुई थी। ऐसे में केंद्र से खरीद अनुमान बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी।
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इसे लेकर हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने वीरवार को एफसीआई हरियाणा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर संशोधित अनुमान के मुताबिक सीएमआर की प्राप्ति और डिलीवरी पर लगातार निगरानी रखने को कहा है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा में डिलीवरी प्रभावित होने की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दी जाए।

पिछले दो सीजन और भौतिक सत्यापन से तय हुआ नया अनुमान
केंद्र ने हरियाणा के संशोधित खरीद अनुमान को बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन करने का फैसला कई स्तरों पर जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर लिया है। पहले निर्धारित 54 लाख मीट्रिक टन की तुलना में यह 5.62 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी है। संशोधित अनुमान तय करते समय केंद्र ने पिछले दो खरीद सीजन के रुझान, बेहतर गुणवत्ता वाले चावल की डिलीवरी के लिए निर्धारित लक्ष्य, खरीद सीजन समाप्त होने के बाद कराया गया भौतिक सत्यापन और हरियाणा सरकार व एफसीआई की ओर से बिना मिलिंग वाले धान के स्टॉक का कराया गया संयुक्त सत्यापन आधार बनाया। इन तथ्यों के परीक्षण के बाद केंद्र ने संशोधित अनुमान को मंजूरी दी है।

20 दिन में पूरी करनी होगी डिलीवरी
अनुमान बढ़ने से मिलर्स को राहत मिली है लेकिन अब उनके सामने डिलीवरी पूरी करने की समय सीमा बड़ी चुनौती है। संशोधित अनुमान के अनुसार, सीएमआर की डिलीवरी 30 सितंबर तक पूरी करनी होगी। यानी मिलर्स को शेष करीब 20 दिनों में लंबित चावल एफसीआई के डिपो तक पहुंचाना होगा।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के 29 जुलाई के पत्र के अनुसार केएमएस 2025-26 में मिलिंग और सीएमआर डिलीवरी की अवधि पहले ही 30 सितंबर तक बढ़ाई जा चुकी है। अब संशोधित अनुमान को मंजूरी मिलने के बाद अंतिम दिनों में डिलीवरी की रफ्तार बढ़ाना जरूरी होगा।


शनिवार-रविवार भी जमा होगा चावल
खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि सीएमआर डिलीवरी के लिए अब मिलर्स को सप्ताहांत की छुट्टियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश के सभी एफसीआई डिपो शनिवार और रविवार समेत सातों दिन खुले रहेंगे। इससे मिलर्स को चावल जमा कराने के लिए अतिरिक्त दिन मिलेंगे और डिपो पर लंबित सीएमआर को तेजी से स्वीकार किया जा सकेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था। इसके अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने एफसीआई को पत्र भेजा था।
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