फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Relatives said - Sunil's life could have been saved if the police had acted on time

परिजन बोले- पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो बच सकती थी सुनील की जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 02:20 AM IST
विज्ञापन
Relatives said - Sunil's life could have been saved if the police had acted on time
करनाल। राजीव कालोनी निवासी सुनील के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो सुनील की जान बच जाती। सुनील के पिता प्रेमचंद ने बताया कि 9 अगस्त को उन्होंने सेक्टर-32, 33 थाना पुलिस को सुनील के लापता होने की शिकायत दे दी थी और 8 अगस्त को जब सुनील की स्कूटी आरोपी के घर के समीप मिली थी तो उस दौरान भी पुलिस को मौके पर बुलाया था। उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी कि सनेहा ढुल ने फोन कर सुनील को बुलाया था, तभी से वह लापता है लेकिन पुलिस ने उनकी सभी बातों को अनसुना कर दिया और लोकेशन निकलवा रहे, मोबाइल ट्रेस करने का आश्वासन देते रहे। वहीं 11 अगस्त को सुनील की पत्नी ने दोबारा पुलिस को शिकायत दी और अपहरण के भी आरोप सनेहा ढुल पर लगाए थे। इस दौरान यह मामला सीआईए-2 में चला गया था लेकिन सीआईए-2 पुलिस ने भी जांच नहीं की। वह अपने स्तर पर ही कभी हरिद्वार, कभी अंबाला सुनील को तलाशते रहे। लापता होने के पांच दिन बात जब सुनील का मोबाइल मिला, तब भी उन्होंने पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस इन 11 दिनों में गंभीरता से जांच करती तो सुनील की जान बच सकती थी। उन्होंने आरोपी सनेहा से कड़ी पूछताछ नहीं की।
विज्ञापन

पिता प्रेम चंद ने बताया कि जब आरोपी सनेहा ने सुनील के पास फोन कर उसे धमकी देते हुए बुलाया था तो सुनील ने इस बारे में अपने दोस्त से बात की थी। उसके दोस्त ने उसे अकेले न को भी कहा था फिर भी वह अकेला चला गया ताकि मामला किसी तरह निपट जाए। उस दिन उसका छोटा भाई अनिल घर पर नहीं था।
विज्ञापन

बेटा-बेटी के सिर से उठा पिता का साया
सुनील सैनी 19 साल से अनमोल गार्डन में मैनेजर था। उसका एक 16 साल का बेटा है और बेटी 8 साल की है। दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। सुनील के पिता व छोटा भाई अनिल अलग घर में सुनील के पास के घर में ही रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

लापता के मामलों की पुलिस नहीं करती गंभीरता से जांच
हर रोज लापता के मामले पुलिस के सामने आते हैं। पुलिस इन मामलों को दर्ज कर लेती है लेकिन गंभीरता से जांच नहीं करती। मोबाइल की लोकेशन निकालना, अखबार में इस्तहार तक ही सीमित रहती है। इस मामले में तो परिजनों ने आरोप भी लगाए थे फिर भी पुलिस मोबाइल लोकेशन का ही हवाला देती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed