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Karnal News: चार कदम आगे बढ़ने के बजाय पीछे खिसका करनाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 May 2023 02:53 AM IST
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Red zone declared on Chief Minister's arrival, ban on drones
चार कदम आगे बढ़ने के बजाय पीछे खिसका करनाल
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- 2022 के 87.62 फीसदी परिणाम के बाद इस बार 92% का था लक्ष्य मगर चार साल में सबसे कम 83.50 प्रतिशत पर सिमटा

- प्रदेश प्रतिशत में पिछली बार से एक पायदान आगे आया करनाल, जिले में शहरी पर ग्रामीण, सरकारी पर प्राइवेट स्कूल भारी



गगन तलवार

करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम इस बार पिछले चार वर्षों के मुकाबले गिरा है। 2022 के 87.62 प्रतिशत परीक्षा परिणाम के आधार पर इस बार एसीएस ने करनाल जिले को 92 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने का लक्ष्य दिया था। मगर करनाल जिले के विद्यार्थी 83.50 प्रतिशत परिणाम ही ला पाए, जोकि 2019 के बाद से अब तक का सबसे कम है।

इस खराब परीक्षा परिणाम में एक अच्छी बात यह रही है कि करनाल इस बार प्रदेश के प्रतिशत में पिछली बार से एक पायदान आगे आया है। 2022 में करनाल हरियाणा में 12वें नंबर पर था, जबकि इस बार 11वें नंबर पर आया है। वहीं, जिले में स्कूलों की स्थिति पर नजर डालें, तो शहरी स्कूलों पर ग्रामीण और सरकारी स्कूलों पर प्राइवेट स्कूल भारी रहे हैं। दो साल पहले से शिक्षा विभाग की ओर से परिणाम सुधार का लक्ष्य रखा गया है। क्योंकि वर्ष 2021 में बिना परीक्षा 100 प्रतिशत परिणाम रहा था। ऐसे में 2022 और 2023 में योजना बनाकर परिणाम में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया। पिछले नौ सालों के परिणाम पर नजर डालें तो सबसे खराब स्थिति 48.56 प्रतिशत परिणाम के साथ 2015 में थी, वहीं 2020 में 83.79 फीसदी यानी इस बार का परिणाम 0.29 प्रतिशत कम परिणाम है। ब्यूरो
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लगातार दूसरी बार प्रदेश के टॉप-3 में करनाल

ओवरऑल देखें तो पिछले नौ सालों से धीरे-धीरे परीक्षा परिणाम सुधरा भी है। बोर्ड की प्रदेश की टॉप-3 की सूची में भी इस बार लगातार करनाल ने दूसरी बार अपना नाम दर्ज किया है। जबकि 2022 से पहले पिछले सात सालों से करनाल का कोई भी विद्यार्थी इस सूची में शामिल नहीं हुआ। 2022 में बस्तली की बेटी कृति कला संकाय में तृतीय रही। जबकि इस बार कॉमर्स संकाय की जसमीत ओवरऑल प्रदेश में द्वितीय है।
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ग्रामीण का 3.24, निजी स्कूलों का 1.66 प्रतिशत ज्यादा परिणाम

- इस बार शहरी स्कूलों पर ग्रामीण और सरकारी स्कूलों पर प्राइवेट स्कूल भारी रहे। ग्रामीण क्षेत्र का परिणाम 3.24 और निजी स्कूलों का परिणाम सरकारी के मुकाबले 1.66 प्रतिशत ज्यादा रहा।




- शहरी क्षेत्र के 9475 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे, इनमें 81.23 प्रतिशत यानी 8004 पास हुए।

- ग्रामीण क्षेत्र के 4070 में से 84.47 प्रतिशत यानी 3306 विद्यार्थी पास हुए।



- राजकीय स्कूलों के 8381 में से 82.87 प्रतिशत यानी 6945 विद्यार्थी पास हुए।

- निजी स्कूलों के 5164 में से 84.53 प्रतिशत यानी 4365 विद्यार्थी पास हुए।



किस वर्ष कितना रहा परिणाम

वर्ष परिणाम (प्रतिशत में)

2023 83.50



2022 87.62

2021 100



2020 83.79

2019 74.86



2018 63.95

2017 62.51



2016 50.02

2015 48.56



(2021 में बिना परीक्षा सभी पास हुए थे।)


इन जिलों से रैंकिंग में पीछे है करनाल
रैंक जिला परिणाम



01. रेवाड़ी 88.10

02. महेंद्रगढ़ 88.00



03. जींद 87.69

04. फतेहाबाद 87.03



05. हिसार 86.07

06. पानीपत 85.73



07. यमुनानगर 85.17

08. कैथल 84.99



09. चरखीदादरी 84.91



10. सिरसा 84.49

11. करनाल 84.99




परीक्षा परिणाम लक्ष्य से भले ही कम है, लेकिन विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पहले से हमारे जिले का रिजल्ट काफी बढ़ा है। इस बार 92 प्रतिशत तक परिणाम लाने का विभाग का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया।

- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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