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Karnal News: कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के आरडीए ने भी छोड़ा एमबीबीएस विद्यार्थियों का साथ
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कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पिछले एक माह से धरने पर बैठे एमबीबीएस विद्यार्थियों का रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) ने साथ छोड़ दिया है। इसके साथ ही आरडीए ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। इससे बॉन्ड पॉलिसी की लड़ाई में एमबीबीएस विद्यार्थी अकेले पड़ गए हैं।
करनाल के मेडिकल छात्रों ने आरडीए के साथ छोड़ने के बाद प्रदर्शन तेज कर दिया। साथ छोड़ने के पहले दिन विद्यार्थियों ने एक बॉक्स बनाकर उस पर स्लोगन लिखकर ओपीडी सहित कॉलेज के सामने वाली मार्केट की दुकानों पर जाकर चंदा मांगा। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार बॉन्ड पॉलिसी किसी भी हालत में बंद नहीं करना चाहती। ऐसे में अब वे सरकार को देने के लिए 30 लाख रुपये चंदा लेंगे। उन्होंने बताया कि यह चंदा मांगने का अभियान जारी रहेगा। इस मुहिम से आम आदमी से जोड़ा जाएगा, जिससे कि सरकार को मजबूर किया जा सके।
ये हैं विद्यार्थियों की मांगें
-पास आउट विद्यार्थियों को सरकारी अस्पताल में एक वर्ष तक पोस्टिंग दी जाए।
-यह पोस्टिंग डिग्री पूरा होने के दो माह के भीतर अनिवार्य दी जाए।
-हर वर्ष पास आउट होने वाले विद्यार्थियों को पोस्टिंग दी जाए। इससे कमी नहीं खलेगी।
-अगर कोई दी गई पोस्टिंग पर ज्वाइन नहीं करता तो उस पर बॉन्ड लागू हो और उसे 10 लाख देने होंगे।
एक माह से पढ़ाई बंद
विद्यार्थियों ने कहा कि पिछले एक माह से कोई भी विद्यार्थी पढ़ने के लिए कक्षाओं में नहीं गए हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पढ़ाई न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि यह सरकार उनको दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह दबने वाले नहीं है।ं जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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करनाल के मेडिकल छात्रों ने आरडीए के साथ छोड़ने के बाद प्रदर्शन तेज कर दिया। साथ छोड़ने के पहले दिन विद्यार्थियों ने एक बॉक्स बनाकर उस पर स्लोगन लिखकर ओपीडी सहित कॉलेज के सामने वाली मार्केट की दुकानों पर जाकर चंदा मांगा। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार बॉन्ड पॉलिसी किसी भी हालत में बंद नहीं करना चाहती। ऐसे में अब वे सरकार को देने के लिए 30 लाख रुपये चंदा लेंगे। उन्होंने बताया कि यह चंदा मांगने का अभियान जारी रहेगा। इस मुहिम से आम आदमी से जोड़ा जाएगा, जिससे कि सरकार को मजबूर किया जा सके।
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ये हैं विद्यार्थियों की मांगें
-पास आउट विद्यार्थियों को सरकारी अस्पताल में एक वर्ष तक पोस्टिंग दी जाए।
-यह पोस्टिंग डिग्री पूरा होने के दो माह के भीतर अनिवार्य दी जाए।
-हर वर्ष पास आउट होने वाले विद्यार्थियों को पोस्टिंग दी जाए। इससे कमी नहीं खलेगी।
-अगर कोई दी गई पोस्टिंग पर ज्वाइन नहीं करता तो उस पर बॉन्ड लागू हो और उसे 10 लाख देने होंगे।
एक माह से पढ़ाई बंद
विद्यार्थियों ने कहा कि पिछले एक माह से कोई भी विद्यार्थी पढ़ने के लिए कक्षाओं में नहीं गए हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पढ़ाई न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि यह सरकार उनको दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह दबने वाले नहीं है।ं जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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