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196 फर्जी राशन कार्ड बनाकर हड़पा 56 लाख का राशन
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सरकार गरीबों को राशन दे रही है, लेकिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (डीएफएससी) के अधिकारी उस राशन को डकारने में लगे हैं। नए आए मामले में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक देवेंद्र मान ने 196 फर्जी एसबीपीएल राशन कार्ड बनाए थे, जिनके माध्यम से उस पर करीब 56 लाख रुपये का गरीबों का राशन हड़पने का आरोप है। आरोपी के खिलाफ दो मामले दर्ज हो चुके हैं। पहले मामले में उस पर 110 फर्जी राशन कार्ड पर करीब 32 लाख रुपये का राशन गबन करने का आरोप लगा था। आरोपी निरीक्षक के साथ डिपो धारक विकास, जितेंद्र व अरुण भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि एडीसी ऑफिस से डीएफएससी को बीपीएल परिवार की लिस्ट दी जाती है। उन्हीं परिवार को विभाग की तरफ से राशन दिया जाता है, लेकिन आरोपी निरीक्षक देवेंद्र मान ने दोनों डिपो धारकों व आरोपी अरुण के साथ मिलकर फर्जी एसबीपील राशन कार्ड विभाग की साइट पर एंट्री कर दिए और आरोपी निरीक्षक ने अपनी आईडी से उन्हें वेरिफाई कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने यूपी के लोगों के भी आधार कार्ड विभाग की साइट पर चढ़ाए हैं।
इतना राशन आरोपियों ने डकारा
आरोपियों ने 86 फर्जी राशन कार्डों पर चीनी 16.80 क्विंटल (47040 रुपये), नमक 16.80 क्विंटल (26880 रुपये), बाजरा 67.50 क्विंटल (141750 रुपये), आटा 380 क्विंटल (874000 रुपये), प्रधानमंत्री योजना के गेहूं 445.00 क्विंटल (1068000 रुपये), सरसों का तेल 1920 लीटर (307200 रुपये) बताया जा रहा है। ऐसे में कुल 24 लाख 64 हजार 870 रुपये का राशन गबन करने का आरोप है। दूसरे मामले में 110 फर्जी राशन कार्ड पर करीब 32 लाख रुपये का राशन गबन करने का आरोप है। आरोपी इस राशन को अन्य दुकान पर बेचते थे।
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इन मामलों में सुर्खियों में रहा महकमा
- आटा घोटाला, जिसमें गरीबों को मिलने वाले आटे को दुकानों पर बेचने का आरोप लगा था।
- सरकार की अन्नपूर्णा योजना में गरीबों को खराब गेहूं बांट दिया गया था, एक निरीक्षक सस्पेंड किया था।
- असंध में गेहूं के कट्टों में परखी मारने का मामला सामने आया था।
- डिपोधारकों ने एक निरीक्षक पर कमीशन मांगने के आरोप लगाए थे, उसे सस्पेंड कर दिया गया था।
- खुले में रखे गेहूं की बोरियों पर पानी का छिड़काव करने के मामले सामने आ चुके।
-
इन विभागों में भी आ चुके भ्रष्टाचार के मामले
- पुलिस विभाग में एसपी कार्यालय स्थित अकाउंट ब्रांच में टीए और अन्य बिलों में 44 लाख 35 हजार 475 रुपये गबन करने का मामला सामने आया था।
- फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया था। जिसमें दो पुलिस कर्मचारी भी शामिल थे
- डीटीपी व तहसीलदार द्वारा रिश्वत लेने का मामला।
- नगर निगम एसई द्वारा रिश्वत लेने का मामला।
- नगर निगम में फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने का मामला।
-
फर्जी एसबीपीएल राशन कार्ड बनाने के मामले में मामला दर्ज करा दिया गया है। अब जल्द सभी राशन कार्डों की विभाग की लिस्ट से वेरिफिकेशन की जाएगी। जो फर्जी पाया जाएगा उन पर कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र सिंह, जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक, करनाल
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करनाल। सरकार गरीबों को राशन दे रही है, लेकिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (डीएफएससी) के अधिकारी उस राशन को डकारने में लगे हैं। नए आए मामले में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक देवेंद्र मान ने 196 फर्जी एसबीपीएल राशन कार्ड बनाए थे, जिनके माध्यम से उस पर करीब 56 लाख रुपये का गरीबों का राशन हड़पने का आरोप है। आरोपी के खिलाफ दो मामले दर्ज हो चुके हैं। पहले मामले में उस पर 110 फर्जी राशन कार्ड पर करीब 32 लाख रुपये का राशन गबन करने का आरोप लगा था। आरोपी निरीक्षक के साथ डिपो धारक विकास, जितेंद्र व अरुण भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि एडीसी ऑफिस से डीएफएससी को बीपीएल परिवार की लिस्ट दी जाती है। उन्हीं परिवार को विभाग की तरफ से राशन दिया जाता है, लेकिन आरोपी निरीक्षक देवेंद्र मान ने दोनों डिपो धारकों व आरोपी अरुण के साथ मिलकर फर्जी एसबीपील राशन कार्ड विभाग की साइट पर एंट्री कर दिए और आरोपी निरीक्षक ने अपनी आईडी से उन्हें वेरिफाई कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने यूपी के लोगों के भी आधार कार्ड विभाग की साइट पर चढ़ाए हैं।
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इतना राशन आरोपियों ने डकारा
आरोपियों ने 86 फर्जी राशन कार्डों पर चीनी 16.80 क्विंटल (47040 रुपये), नमक 16.80 क्विंटल (26880 रुपये), बाजरा 67.50 क्विंटल (141750 रुपये), आटा 380 क्विंटल (874000 रुपये), प्रधानमंत्री योजना के गेहूं 445.00 क्विंटल (1068000 रुपये), सरसों का तेल 1920 लीटर (307200 रुपये) बताया जा रहा है। ऐसे में कुल 24 लाख 64 हजार 870 रुपये का राशन गबन करने का आरोप है। दूसरे मामले में 110 फर्जी राशन कार्ड पर करीब 32 लाख रुपये का राशन गबन करने का आरोप है। आरोपी इस राशन को अन्य दुकान पर बेचते थे।
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इन मामलों में सुर्खियों में रहा महकमा
- आटा घोटाला, जिसमें गरीबों को मिलने वाले आटे को दुकानों पर बेचने का आरोप लगा था।
- सरकार की अन्नपूर्णा योजना में गरीबों को खराब गेहूं बांट दिया गया था, एक निरीक्षक सस्पेंड किया था।
- असंध में गेहूं के कट्टों में परखी मारने का मामला सामने आया था।
- डिपोधारकों ने एक निरीक्षक पर कमीशन मांगने के आरोप लगाए थे, उसे सस्पेंड कर दिया गया था।
- खुले में रखे गेहूं की बोरियों पर पानी का छिड़काव करने के मामले सामने आ चुके।
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इन विभागों में भी आ चुके भ्रष्टाचार के मामले
- पुलिस विभाग में एसपी कार्यालय स्थित अकाउंट ब्रांच में टीए और अन्य बिलों में 44 लाख 35 हजार 475 रुपये गबन करने का मामला सामने आया था।
- फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया था। जिसमें दो पुलिस कर्मचारी भी शामिल थे
- डीटीपी व तहसीलदार द्वारा रिश्वत लेने का मामला।
- नगर निगम एसई द्वारा रिश्वत लेने का मामला।
- नगर निगम में फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने का मामला।
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फर्जी एसबीपीएल राशन कार्ड बनाने के मामले में मामला दर्ज करा दिया गया है। अब जल्द सभी राशन कार्डों की विभाग की लिस्ट से वेरिफिकेशन की जाएगी। जो फर्जी पाया जाएगा उन पर कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र सिंह, जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक, करनाल