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रैन बसेरों की सुध लेने पहुंचा प्रशासन
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नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को बेसहारा एवं बेघर व्यक्तियों के रात्रि विश्राम के लिए बनाए गए रैन बसेरों का निरीक्षण कर उनमें दी गई सुविधाओं का जायजा लिया। सबसे पहले रेडक्रास भवन में 50 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था वाले रैन बसेरे का निरीक्षण किया। इसमें तीन कमरों के अतिरिक्त एक हाल, शौचालय और बाथरूम की सहूलियत दी गई है। सारी व्यवस्था सही सलामत पाई गई। इसके बाद उन्होंने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के गेट के पास नगर निगम की ओर से स्थापित पोटा कैबिन युक्त रैन बसेरे का निरीक्षण किया। इसमें दिए गए शौचालय, कंबल ओर गद्दे भी उचित संख्या में पाए गए। साथ में दिया गया शौचालय भी सही बताया गया। बता दें कि रैन बसेरों के हालात को लेकर अमर उजाला ने 17 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद ही निगम अधिकारी हरकत में आए हैं।
काछवा रोड रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पोटा कैबिन रैन बसेरे का निरीक्षण किया और फिर कैथल रोड आरओबी के नीचे बनाए गए स्थायी रैन बसेरे का निरीक्षण किया। इसमें 80 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई है। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने केयर टेकर को निर्देश दिए कि सर्दी का मौसम है। बाहर खुले में आसपास यदि कोई व्यक्ति सोता हुआ नजर आए, उसे बुलाकर रैन बसेरा में सोने के लिए कहेें। निगमायुक्त ने इस रैन बसेरा के शौचालय, उसमें गर्म पानी के गीजर तथा कैमरे युक्त रिकॉर्डिंग रूम के साथ-साथ रजिस्टर को भी चेक किया। सारा सामान सही रूप में दिखाई दिया।
निगमायुक्त इसके बाद पुराने बस स्टैंड के पीछे एक पोटा कैबिन रैन बसेरे को देखने गए। यहां की सफाई को देखकर उन्हें संतुष्टि नहीं हुई और मालूम हुआ कि रात को कुछ शराबी किस्म के लोग इसके आस-पास गंदगी फैलाते हैं। पोटा कैबिन कम्बल इत्यादि चोरी हो जाने की भी जानकारी मिली। निगमायुक्त इसे बस स्टैंड के आस-पास ही शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बाहर खुले में सोने वाले व्यक्तियों से कहा है कि वे खुले में ना सोएं। यह उनके लिए जोखिम भरा है। नगर निगम की ओर से शहर की विभिन्न लोकेशन पर रैन बसेरे बनाए गए हैं और उनमें रात्रि विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। रात गुजारने के लिए लोग रैन बसेरो में ही जाएं। यदि किसी व्यक्ति के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं है तो वह भी रैन बसेरे में रात गुजार सकता है।
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काछवा रोड रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पोटा कैबिन रैन बसेरे का निरीक्षण किया और फिर कैथल रोड आरओबी के नीचे बनाए गए स्थायी रैन बसेरे का निरीक्षण किया। इसमें 80 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई है। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने केयर टेकर को निर्देश दिए कि सर्दी का मौसम है। बाहर खुले में आसपास यदि कोई व्यक्ति सोता हुआ नजर आए, उसे बुलाकर रैन बसेरा में सोने के लिए कहेें। निगमायुक्त ने इस रैन बसेरा के शौचालय, उसमें गर्म पानी के गीजर तथा कैमरे युक्त रिकॉर्डिंग रूम के साथ-साथ रजिस्टर को भी चेक किया। सारा सामान सही रूप में दिखाई दिया।
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निगमायुक्त इसके बाद पुराने बस स्टैंड के पीछे एक पोटा कैबिन रैन बसेरे को देखने गए। यहां की सफाई को देखकर उन्हें संतुष्टि नहीं हुई और मालूम हुआ कि रात को कुछ शराबी किस्म के लोग इसके आस-पास गंदगी फैलाते हैं। पोटा कैबिन कम्बल इत्यादि चोरी हो जाने की भी जानकारी मिली। निगमायुक्त इसे बस स्टैंड के आस-पास ही शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बाहर खुले में सोने वाले व्यक्तियों से कहा है कि वे खुले में ना सोएं। यह उनके लिए जोखिम भरा है। नगर निगम की ओर से शहर की विभिन्न लोकेशन पर रैन बसेरे बनाए गए हैं और उनमें रात्रि विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। रात गुजारने के लिए लोग रैन बसेरो में ही जाएं। यदि किसी व्यक्ति के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं है तो वह भी रैन बसेरे में रात गुजार सकता है।
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