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Karnal News: रुपयों के लालच में रामलाल का पायजामे से घोंट दिया था गला
Fri, 05 Dec 2025 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 05 Dec 2025 02:13 AM IST
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मृतक के परिजनों को समझाते पुलिस उपाधीक्षक सतीश गौतम । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/इंद्री। गांव नौरता से बेटे की बरात जाने से एक दिन पहले लापता हुए रामलाल (65) की हत्या गांव के ही आबिद उर्फ मोर और यमुनानगर जिले के कुटीपुर गांव निवासी उसके दोस्त वाजिद ने की थी। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि रामलाल के पायजामे से ही उनका गला घोंट दिया था। पुलिस ने बुधवार को शव कलेसर के जंगल से बरामद किया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी आबिद उन्हें सस्ती शराब दिलवाने के बहाने अपनी बाइक पर बैठाकर 54 किलोमीटर दूर कलेसर ले गया था। रुपयों के लालच में उनकी हत्या कर दी। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके रिमांड की मांग की जाएगी। आरोपियों से लूटे हुए रुपयों को बरामद किया जाएगा।
इंद्री पुलिस थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि 29 नवंबर को गांव नौरता से घर से खरीदारी के लिए निकले रामलाल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए थे। उनकी पत्नी चंपा की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। 30 नवंबर को मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गांव के ही आबिद उर्फ मोर से पूछताछ की गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया था कि वह रामलाल को सस्ती शराब दिलाने के लिए पहले ठेके पर ले गया था लेकिन रेट नहीं बन पाया। इसके बाद वह रामलाल को बाइक पर ही यमुनानगर के खिजराबाद ले गया। उसने जब रामलाल के पास रुपये देखे तो उसे लालच आ गया। यहां आबिद की मुलाकात दोस्त वाजिद से हुई थी। दोनों दोस्त उसे बाइक पर ही कलेसर के जंगल के पास ले गए। वहां रामलाल का पायजामा निकालकर, उसी से गला घोंटकर हत्या कर दी। उन्होंने शव को कलेसर के जंगल में झाड़ियों में फेंक दिया था।
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बचने के लिए पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी
आरोपी आबिद से पूछताछ में बताया कि वह बार-बार गलत जगह बताता रहा ताकि शव न मिल पाए और वह बच जाए। पहले दिन (सोमवार) उसने प्रतापनगर के पास जंगल में शव पड़ा होने की बात कही। मंगलवार को आरोपी ने हथिनीकुंड बैराज के पास बोरी में डालकर शव को नहर में फेंकने की बात कबूली। इसके बाद दोबारा से जंगल में निशानदेही करवाई गई।
- जंगल में गेट से एक किलोमीटर अंदर मिला शव
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने तीन बार अलग-अलग जगहों की निशानदेही करवाई। हर बार गलत जगह बताई गई लेकिन बुधवार को सही स्थान पर ले जाकर शव बरामद करवाया। शव जंगल के मुख्य गेट से करीब एक किलोमीटर अंदर झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, आरोपी आबिद ने पहले केवल जंगल के गेट के पास के क्षेत्र को ही चेक कराया था।
बेटे की बरात से एक दिन पहले हत्या
28 नवंबर को रामलाल बैंक से करीब एक लाख रुपये निकलवाकर लाए थे। उनके पास करीब 80 हजार रुपये थे। 30 नवंबर को बेटे सोनू की बरात जानी थी। एक दिन पहले आरोपी आबिद उन्हें सस्ती शराब दिलाने की बात कहकर अपनी बाइक पर ले गया था उस दिन उनकी हत्या की गई। जबकि 30 नवंबर को उनके बेटे की शादी थी। पिता के बिना ही विवाह के सभी कार्यक्रम हुए। डोली आने तक भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो गहनता से जांच करने पर सीसीटीवी से आरोपी का सुराग लगा।
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करनाल/इंद्री। गांव नौरता से बेटे की बरात जाने से एक दिन पहले लापता हुए रामलाल (65) की हत्या गांव के ही आबिद उर्फ मोर और यमुनानगर जिले के कुटीपुर गांव निवासी उसके दोस्त वाजिद ने की थी। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि रामलाल के पायजामे से ही उनका गला घोंट दिया था। पुलिस ने बुधवार को शव कलेसर के जंगल से बरामद किया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी आबिद उन्हें सस्ती शराब दिलवाने के बहाने अपनी बाइक पर बैठाकर 54 किलोमीटर दूर कलेसर ले गया था। रुपयों के लालच में उनकी हत्या कर दी। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके रिमांड की मांग की जाएगी। आरोपियों से लूटे हुए रुपयों को बरामद किया जाएगा।
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इंद्री पुलिस थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि 29 नवंबर को गांव नौरता से घर से खरीदारी के लिए निकले रामलाल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए थे। उनकी पत्नी चंपा की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। 30 नवंबर को मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गांव के ही आबिद उर्फ मोर से पूछताछ की गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया था कि वह रामलाल को सस्ती शराब दिलाने के लिए पहले ठेके पर ले गया था लेकिन रेट नहीं बन पाया। इसके बाद वह रामलाल को बाइक पर ही यमुनानगर के खिजराबाद ले गया। उसने जब रामलाल के पास रुपये देखे तो उसे लालच आ गया। यहां आबिद की मुलाकात दोस्त वाजिद से हुई थी। दोनों दोस्त उसे बाइक पर ही कलेसर के जंगल के पास ले गए। वहां रामलाल का पायजामा निकालकर, उसी से गला घोंटकर हत्या कर दी। उन्होंने शव को कलेसर के जंगल में झाड़ियों में फेंक दिया था।
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बचने के लिए पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी
आरोपी आबिद से पूछताछ में बताया कि वह बार-बार गलत जगह बताता रहा ताकि शव न मिल पाए और वह बच जाए। पहले दिन (सोमवार) उसने प्रतापनगर के पास जंगल में शव पड़ा होने की बात कही। मंगलवार को आरोपी ने हथिनीकुंड बैराज के पास बोरी में डालकर शव को नहर में फेंकने की बात कबूली। इसके बाद दोबारा से जंगल में निशानदेही करवाई गई।
- जंगल में गेट से एक किलोमीटर अंदर मिला शव
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने तीन बार अलग-अलग जगहों की निशानदेही करवाई। हर बार गलत जगह बताई गई लेकिन बुधवार को सही स्थान पर ले जाकर शव बरामद करवाया। शव जंगल के मुख्य गेट से करीब एक किलोमीटर अंदर झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, आरोपी आबिद ने पहले केवल जंगल के गेट के पास के क्षेत्र को ही चेक कराया था।
बेटे की बरात से एक दिन पहले हत्या
28 नवंबर को रामलाल बैंक से करीब एक लाख रुपये निकलवाकर लाए थे। उनके पास करीब 80 हजार रुपये थे। 30 नवंबर को बेटे सोनू की बरात जानी थी। एक दिन पहले आरोपी आबिद उन्हें सस्ती शराब दिलाने की बात कहकर अपनी बाइक पर ले गया था उस दिन उनकी हत्या की गई। जबकि 30 नवंबर को उनके बेटे की शादी थी। पिता के बिना ही विवाह के सभी कार्यक्रम हुए। डोली आने तक भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो गहनता से जांच करने पर सीसीटीवी से आरोपी का सुराग लगा।

मृतक के परिजनों को समझाते पुलिस उपाधीक्षक सतीश गौतम । संवाद