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बारिश ने फिर भिगोया धान, किसानों को झटका
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बारिश ने फिर भिगोया धान, किसानों को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। मंगलवार सुबह भारी बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया। किसानों व आढ़तियों ने किसी तरह धान बचाने का प्रयास तो किया लेकिन जिनके पास जो साधन थे उनसे धान को ढका लेकिन फिर भी हजारों क्विंटल धान भीगने से नहीं बचा सके। धान में नमी की मात्रा और बढ़ गई। जिससे किसानों को बड़े नुकसान की होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि किसी तरह से दिनरात मेहनत करके किसी तरह धान पैदा किया तो अब मौसम की मार पड़ रही है। अभी तक अनाज मंडी में ठीक तरीके से खरीद भी शुरू नहीं हो पाई, किसान किसी तरह अपनी फसल लेकर मंडी में पहुंच रहा था लेकिन मंगलवार सुबह 5 बजे धान ढेरिया खुली पड़ी थी। दिन भर का धान मंडी में अटा पडा था। अचानक मंगलवार की सुबह बरसात शुरू हो गई। कई किसानों ने छोटे-छोटे तरपालों से ढेरियों को ढकने का प्रयास किया। कई किसान तो मंडी में धान की ढेरियों पर ही सोए हुए थ।े बरसात आने से उनके कपड़े कंबल भी भीग गए। किसान कुछ नहीं कर पाए हजारों क्विंटल धान ऐसे पानी में बह गया। गांव सौंकड़ा के जसवीर सिंह, जसवंत सिंह ने कहा कि इस बार किसानों पर भारी आफत पड़ी हुई है। एक तो सरकार धान नहीं खरीद रही, दूसरा कुदरत की मार पड़ रही है। किसानों ने सरकार से मांग कि जल्द से जल्द बिना शर्त धान की खरीद करे। यदि सरकार ने धान मंडियों से बिना शर्त नहीं खरीदा तो वह किसान बर्बाद हो जाएगा। संवाद
बारिश ने भिगोया धान, खरीद हुई कम
कुंजपुरा। सुबह पांच बजे अचानक बारिश शुरू होने के कारण मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल धान भीग गया। हालांकि किसानों के पास जो संसाधन था, उसके हिसाब से किसानों ने धान को बचाने का प्रयास किया। मंडी में स्थान नहीं होने के कारण बुधवार को खरीद बेहद कम रही। सिर्फ एजेंसियों ने पड़ी हुई ढेरियों को ही खरीदा।
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मार्केट कमेटी कुंजपुरा के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बताया कि कुंजपुरा में मंगलवार को सर्वाधिक खरीद हुई थी। हैफड ने की खरीद की थी। उन्होंने बताया कि अब किसानों से नही मजदूरी नहीं कटेगी। मुख्य प्रशासक मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा विनय सिंह से हुई बातचीत के अनुसार आई, जे फार्म काटने में आ रही परेशानी को ठीक करा दिया गया है। राईस मिलर्स ने काम शुरू किया लेकिन आई व जे फार्म और गेट पास नहीं मिलने के कारण लगभग 20 गाड़ी लोड अनाज मंडी में खड़ी हुई है। बुधवार को कुंजपुरा अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद नहीं हुई, क्योंकि सुबह से अनाज मंडी के सभी आढ़ती और राइस मिलर अतिरिक्त उपायुक्त से मिले और मुख्यमंत्री के निजी सचिव कृष्ण बेदी को भी इस समस्या से अवगत कराया था। जल्द ही समाधान कराने का आश्वासन दिया। लेकिन अभी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
एजेंसियों ने मंडी में ढेरियों पर जाकर की खरीद
खरीद एजेंसी का नमी मापक मीटर खराब होने पर किसानों ने जताई नाराजगी
असंध। सरकार के द्वारा किसानों की पीआर धान की मंगलवार सुबह खरीद करनी शुरू कर दी गई। जिसके बाद किसानों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। सरकार की तीनों खरीद
एजेंसियों हैफड, खाद्य आपूर्ति व वेयर हाउस के निरीक्षकों ने पूरी मंडी में सरकार के नियमानुसार धान की खरीद की। लगभग 12 हजार क्विंटल पीआर धान की खरीद की है। नमी मापक मीटर खराब होने से कुछ देर धान खरीद प्रभावित रहने पर किसानों ने नाराजगी जताई।
अनाज मंडी में धान की आवक ज्यादा होने की वजह से पूरी तरह भर चुकी है। किसानों को मंडी में धान उतारने की जगह भी नहीं मिल पा रही है। जिसके लिए आढ़ती एसोसिएशन ने गांव जयसिंघपुर स्थित खेल स्टेडियम का धान उतरवाने के लिए जायजा लिया है। मंडी एसोसिएशन के प्रधान सतीश बल्हारा ने कहा कि मिलर के बिना धान की खरीद संभव नहीं है. जब तक मंडी में मिलर परचेज नहीं करेगा तो मंडी में काम सुचारु रूप से नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि मंडी में लिफ्टिंग की समस्या है, खरीद की समस्या है। ऐसे में सरकार जल्द से जल्द मिलरों की समस्या का समाधान कर मंडी में भेजें ताकि
मार्केट कमेटी सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि मंडी में सुबह की खरीद का कार्य शुरू कर दिया गया था। शाम 6 बजे तक लगभग 12 हजार किवंटल धान खरीदी जा चुकी है। किसानों को कोई भी समस्या नहीं आने दी जाएगी।
अधिक नमी वाले धान की खरीद पर सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। एसडीएम डा.पूजा भारती ने मार्केट कमेटी कार्यालय में राइस मिलर्स व आढ़ती एसोसिएशन और किसान प्रतिनिधियों के बैठक की। इसके बाद धान की खरीद शुरू कराई। एजेंसियों ने लगभग 25 हजार क्विंटल धान खरीदा है।
राइस मिलर्स के मंडियों में नहीं से आने दिक्कतें बरकरार रहीं। मंडियां धान से अटी रहीं। मंगलवार को राइस मिलर्स ने बैठक में तो सहमति जताई थी लेकिन नमी अधिक बताकर धान नहीं खरीदा था। राइस मिलर्स मांग कर रहे थे कि उन्हें 22 प्रतिशत तक नमी खरीदने की इजाजत दी जाए। एसडीएम ने कहा कि वह किसानों से बातचीत करके आपसी सहमति से 22 तक नमी बाले धान खरीद सकते हैं। मंडी एसोसिएशन के प्रधान रामलाल गोयल व किसान नेता जगदीप औलख ने कहा कि अबकी बार न तो मौसम साथ दे रहा है और सरकार की तरफ से भी सहयोग नहीं मिल पा रहा था। लिहाजा राइस मिलर एसोसिएशन से बैठकर बातचीत की गई और सहमति बन गई। मंडी में लगभग सवा लाख क्विंटल के आस पास धान है और अनुमानित 70 से 80 हजार माल का उठान हो जाना चाहिए। किसान नेता जगदीप औलख ने कहा कि नमी कट कोई नई बात नहीं है, यह पहले भी लगता आया है। राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान जयकिशन ने बताया कि फैसला हो चुका है और इस फैसले से वे सहमत है।
मार्केट कमेटी सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि मंगलवार को दोनों एजेंसियों ने लगभग 25 हजार क्विंटल धान खरीदी है।र ाइस मिलर्स एसोसिएशन के साथ-साथ मंडी एसोसिएशन व किसान यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। मंगलवार सुबह भारी बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया। किसानों व आढ़तियों ने किसी तरह धान बचाने का प्रयास तो किया लेकिन जिनके पास जो साधन थे उनसे धान को ढका लेकिन फिर भी हजारों क्विंटल धान भीगने से नहीं बचा सके। धान में नमी की मात्रा और बढ़ गई। जिससे किसानों को बड़े नुकसान की होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि किसी तरह से दिनरात मेहनत करके किसी तरह धान पैदा किया तो अब मौसम की मार पड़ रही है। अभी तक अनाज मंडी में ठीक तरीके से खरीद भी शुरू नहीं हो पाई, किसान किसी तरह अपनी फसल लेकर मंडी में पहुंच रहा था लेकिन मंगलवार सुबह 5 बजे धान ढेरिया खुली पड़ी थी। दिन भर का धान मंडी में अटा पडा था। अचानक मंगलवार की सुबह बरसात शुरू हो गई। कई किसानों ने छोटे-छोटे तरपालों से ढेरियों को ढकने का प्रयास किया। कई किसान तो मंडी में धान की ढेरियों पर ही सोए हुए थ।े बरसात आने से उनके कपड़े कंबल भी भीग गए। किसान कुछ नहीं कर पाए हजारों क्विंटल धान ऐसे पानी में बह गया। गांव सौंकड़ा के जसवीर सिंह, जसवंत सिंह ने कहा कि इस बार किसानों पर भारी आफत पड़ी हुई है। एक तो सरकार धान नहीं खरीद रही, दूसरा कुदरत की मार पड़ रही है। किसानों ने सरकार से मांग कि जल्द से जल्द बिना शर्त धान की खरीद करे। यदि सरकार ने धान मंडियों से बिना शर्त नहीं खरीदा तो वह किसान बर्बाद हो जाएगा। संवाद
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बारिश ने भिगोया धान, खरीद हुई कम
कुंजपुरा। सुबह पांच बजे अचानक बारिश शुरू होने के कारण मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल धान भीग गया। हालांकि किसानों के पास जो संसाधन था, उसके हिसाब से किसानों ने धान को बचाने का प्रयास किया। मंडी में स्थान नहीं होने के कारण बुधवार को खरीद बेहद कम रही। सिर्फ एजेंसियों ने पड़ी हुई ढेरियों को ही खरीदा।
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मार्केट कमेटी कुंजपुरा के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बताया कि कुंजपुरा में मंगलवार को सर्वाधिक खरीद हुई थी। हैफड ने की खरीद की थी। उन्होंने बताया कि अब किसानों से नही मजदूरी नहीं कटेगी। मुख्य प्रशासक मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा विनय सिंह से हुई बातचीत के अनुसार आई, जे फार्म काटने में आ रही परेशानी को ठीक करा दिया गया है। राईस मिलर्स ने काम शुरू किया लेकिन आई व जे फार्म और गेट पास नहीं मिलने के कारण लगभग 20 गाड़ी लोड अनाज मंडी में खड़ी हुई है। बुधवार को कुंजपुरा अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद नहीं हुई, क्योंकि सुबह से अनाज मंडी के सभी आढ़ती और राइस मिलर अतिरिक्त उपायुक्त से मिले और मुख्यमंत्री के निजी सचिव कृष्ण बेदी को भी इस समस्या से अवगत कराया था। जल्द ही समाधान कराने का आश्वासन दिया। लेकिन अभी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
एजेंसियों ने मंडी में ढेरियों पर जाकर की खरीद
खरीद एजेंसी का नमी मापक मीटर खराब होने पर किसानों ने जताई नाराजगी
असंध। सरकार के द्वारा किसानों की पीआर धान की मंगलवार सुबह खरीद करनी शुरू कर दी गई। जिसके बाद किसानों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। सरकार की तीनों खरीद
एजेंसियों हैफड, खाद्य आपूर्ति व वेयर हाउस के निरीक्षकों ने पूरी मंडी में सरकार के नियमानुसार धान की खरीद की। लगभग 12 हजार क्विंटल पीआर धान की खरीद की है। नमी मापक मीटर खराब होने से कुछ देर धान खरीद प्रभावित रहने पर किसानों ने नाराजगी जताई।
अनाज मंडी में धान की आवक ज्यादा होने की वजह से पूरी तरह भर चुकी है। किसानों को मंडी में धान उतारने की जगह भी नहीं मिल पा रही है। जिसके लिए आढ़ती एसोसिएशन ने गांव जयसिंघपुर स्थित खेल स्टेडियम का धान उतरवाने के लिए जायजा लिया है। मंडी एसोसिएशन के प्रधान सतीश बल्हारा ने कहा कि मिलर के बिना धान की खरीद संभव नहीं है. जब तक मंडी में मिलर परचेज नहीं करेगा तो मंडी में काम सुचारु रूप से नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि मंडी में लिफ्टिंग की समस्या है, खरीद की समस्या है। ऐसे में सरकार जल्द से जल्द मिलरों की समस्या का समाधान कर मंडी में भेजें ताकि
मार्केट कमेटी सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि मंडी में सुबह की खरीद का कार्य शुरू कर दिया गया था। शाम 6 बजे तक लगभग 12 हजार किवंटल धान खरीदी जा चुकी है। किसानों को कोई भी समस्या नहीं आने दी जाएगी।
अधिक नमी वाले धान की खरीद पर सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। एसडीएम डा.पूजा भारती ने मार्केट कमेटी कार्यालय में राइस मिलर्स व आढ़ती एसोसिएशन और किसान प्रतिनिधियों के बैठक की। इसके बाद धान की खरीद शुरू कराई। एजेंसियों ने लगभग 25 हजार क्विंटल धान खरीदा है।
राइस मिलर्स के मंडियों में नहीं से आने दिक्कतें बरकरार रहीं। मंडियां धान से अटी रहीं। मंगलवार को राइस मिलर्स ने बैठक में तो सहमति जताई थी लेकिन नमी अधिक बताकर धान नहीं खरीदा था। राइस मिलर्स मांग कर रहे थे कि उन्हें 22 प्रतिशत तक नमी खरीदने की इजाजत दी जाए। एसडीएम ने कहा कि वह किसानों से बातचीत करके आपसी सहमति से 22 तक नमी बाले धान खरीद सकते हैं। मंडी एसोसिएशन के प्रधान रामलाल गोयल व किसान नेता जगदीप औलख ने कहा कि अबकी बार न तो मौसम साथ दे रहा है और सरकार की तरफ से भी सहयोग नहीं मिल पा रहा था। लिहाजा राइस मिलर एसोसिएशन से बैठकर बातचीत की गई और सहमति बन गई। मंडी में लगभग सवा लाख क्विंटल के आस पास धान है और अनुमानित 70 से 80 हजार माल का उठान हो जाना चाहिए। किसान नेता जगदीप औलख ने कहा कि नमी कट कोई नई बात नहीं है, यह पहले भी लगता आया है। राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान जयकिशन ने बताया कि फैसला हो चुका है और इस फैसले से वे सहमत है।
मार्केट कमेटी सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि मंगलवार को दोनों एजेंसियों ने लगभग 25 हजार क्विंटल धान खरीदी है।र ाइस मिलर्स एसोसिएशन के साथ-साथ मंडी एसोसिएशन व किसान यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।