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Karnal News: बरसात से मंडियों में भीगे दावे, मेहनत बचाने के फटे इंतजाम... चिंता में किसान
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नई अनाज मंडी में बारिश में भिगती गेहूं। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बेमौसम बारिश ने अनाज मंडियों में बेहतर इंतजाम के दावों पानी में बहा दिया। किसानों की मेहतन को बचाने के लिए तिरपाल के इंतजाम भी फटे नजर आए। फसल सूखने का इंतजार करते किसान अपनी मेहनत पर पानी फिरता देखते रहे। न केवल करनाल शहर बल्कि ग्रामीण मंडियों के हालात भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। कहीं खरीद नहीं हो पा रही तो कहीं गेट पास कटने को लेकर समस्या है। ऐसे में किसानों ने कई जगहों पर हंगामा भी किया।
जिले की सभी मंडियों में 32,678 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इनमें से अभी तक महज 2765 मीट्रिक टन गेहूं ही सरकारी एजेंसियों ने खरीदा है। इसका भी उठान नहीं हो पाया है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से 1,040 मीट्रिक टन, हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड की ओर से 1,372 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की ओर से 353 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि खरीद के साथ उठान और अनलोडिंग का कार्य में तेजी लाई जाए। किसानों का गेट पास कटने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन 100 प्रतिशत सुनिश्चित हो।
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फटी तिरपाल से ढकी ढेरियां, बोरियों में पैक गेहूं भी भीगा
दिनभर रुक-रुककर हुई बरसात से मंडी में पड़ा गेहूं भीगता रहा। कुछ ढेरियों पर किसानों ने फटा हुआ तिरपाल डाली, जबकि फड़ पर बारदाने में पड़ा गेहूं यूं ही भीगता रहा। जिसे किसी ने भी ढकने का प्रयास नहीं किया। किसानों को चिंता है कि यदि बरसात तेज हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। आढ़तियों का कहना है कि मजदूरों की मदद से गेहूं के ढेरों को ढकने और ऊंचे स्थान पर रखने का काम लगातार जारी रहा।
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पोर्टल रहा ठप, बरसात में भीगा गेहूं, किसानों ने की नारेबाजी
मंगलवार को रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच जहां अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। सुबह से पोर्टल बंद होने के कारण गेट पास भी नहीं कट पाए। ऐसे में ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की बारिश के बीच सड़क तक कतार लगी रही। परेशान किसानों ने सरकार व मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान कुलदीप सिंह बब्बर, किसान नेता गुलजार सिंह, रोशन लाल, पाला राम, सुमेर चंद, सुरेश कुमार, रामपाल, मांगा सिंह, सुबे सिंह और रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि सुबह करीब चार बजे से वे मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे थे और गेट पर पोर्टल बंद होने के कारण प्रवेश नहीं हुआ। मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार का कहना है कि अब पोर्टल सुचारू रूप से चल रहा है। सुबह के समय में दिक्कत हुई थी। संवाद
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नमी के कारण बिका नहीं, शेड के नीचे भी तिरपाल से ढका
अनाज मंडी में गेहूं की आवक तेज हो गई है लेकिन नमी के कारण खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं हो पाई है। इससे किसान परेशान नजर आ रहे हैं। मंगलवार को बरसात के बाद किसान शेड के नीचे भी गेहूं को तिरपाल से ढकते नजर आए। किसान चमेल सिंह, रामसरूप और गुलजार ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव और हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं में नमी बढ़ गई है।मार्केट कमेटी सचिव अशोक कुमार ने बताया कि बारदाना आ चुका है। निर्धारित मानकों पर और नमी कम होने के बाद ही खरीद शुरू हो पाएगी।
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एजेंसी और कार्यालय से अधिकारी नदारद, किया हंगामा
अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों का परेशानियों से सामना हो रहा है। गेट पास कटवाने में भी दिक्कत आ रही है। किसानों का कहना है कि मंडी में आओ तो गेहूं नहीं बिकती और कमेटी कार्यालय में जाओ तो अधिकारी नहीं मिलते। मंडी में गेहूं में नमी के कारण सरकारी एजेंसियां खरीद नहीं रही हैं। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे से किसान कमेटी कार्यालय के बाहर लाइनों में खड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद 9:35 बजे के आसपास मंडी सचिव व अन्य अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिसको लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर रोष जताया। मंडी प्रधान जयभगवान गोयल ने बताया कि गेहूं में नमी की मात्रा होने से गेहूं की खरीद करने में दिक्कत आ रही है।
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करनाल। बेमौसम बारिश ने अनाज मंडियों में बेहतर इंतजाम के दावों पानी में बहा दिया। किसानों की मेहतन को बचाने के लिए तिरपाल के इंतजाम भी फटे नजर आए। फसल सूखने का इंतजार करते किसान अपनी मेहनत पर पानी फिरता देखते रहे। न केवल करनाल शहर बल्कि ग्रामीण मंडियों के हालात भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। कहीं खरीद नहीं हो पा रही तो कहीं गेट पास कटने को लेकर समस्या है। ऐसे में किसानों ने कई जगहों पर हंगामा भी किया।
जिले की सभी मंडियों में 32,678 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इनमें से अभी तक महज 2765 मीट्रिक टन गेहूं ही सरकारी एजेंसियों ने खरीदा है। इसका भी उठान नहीं हो पाया है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से 1,040 मीट्रिक टन, हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड की ओर से 1,372 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की ओर से 353 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि खरीद के साथ उठान और अनलोडिंग का कार्य में तेजी लाई जाए। किसानों का गेट पास कटने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन 100 प्रतिशत सुनिश्चित हो।
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फटी तिरपाल से ढकी ढेरियां, बोरियों में पैक गेहूं भी भीगा
दिनभर रुक-रुककर हुई बरसात से मंडी में पड़ा गेहूं भीगता रहा। कुछ ढेरियों पर किसानों ने फटा हुआ तिरपाल डाली, जबकि फड़ पर बारदाने में पड़ा गेहूं यूं ही भीगता रहा। जिसे किसी ने भी ढकने का प्रयास नहीं किया। किसानों को चिंता है कि यदि बरसात तेज हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। आढ़तियों का कहना है कि मजदूरों की मदद से गेहूं के ढेरों को ढकने और ऊंचे स्थान पर रखने का काम लगातार जारी रहा।
पोर्टल रहा ठप, बरसात में भीगा गेहूं, किसानों ने की नारेबाजी
मंगलवार को रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच जहां अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। सुबह से पोर्टल बंद होने के कारण गेट पास भी नहीं कट पाए। ऐसे में ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की बारिश के बीच सड़क तक कतार लगी रही। परेशान किसानों ने सरकार व मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान कुलदीप सिंह बब्बर, किसान नेता गुलजार सिंह, रोशन लाल, पाला राम, सुमेर चंद, सुरेश कुमार, रामपाल, मांगा सिंह, सुबे सिंह और रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि सुबह करीब चार बजे से वे मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे थे और गेट पर पोर्टल बंद होने के कारण प्रवेश नहीं हुआ। मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार का कहना है कि अब पोर्टल सुचारू रूप से चल रहा है। सुबह के समय में दिक्कत हुई थी। संवाद
नमी के कारण बिका नहीं, शेड के नीचे भी तिरपाल से ढका
अनाज मंडी में गेहूं की आवक तेज हो गई है लेकिन नमी के कारण खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं हो पाई है। इससे किसान परेशान नजर आ रहे हैं। मंगलवार को बरसात के बाद किसान शेड के नीचे भी गेहूं को तिरपाल से ढकते नजर आए। किसान चमेल सिंह, रामसरूप और गुलजार ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव और हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं में नमी बढ़ गई है।मार्केट कमेटी सचिव अशोक कुमार ने बताया कि बारदाना आ चुका है। निर्धारित मानकों पर और नमी कम होने के बाद ही खरीद शुरू हो पाएगी।
एजेंसी और कार्यालय से अधिकारी नदारद, किया हंगामा
अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों का परेशानियों से सामना हो रहा है। गेट पास कटवाने में भी दिक्कत आ रही है। किसानों का कहना है कि मंडी में आओ तो गेहूं नहीं बिकती और कमेटी कार्यालय में जाओ तो अधिकारी नहीं मिलते। मंडी में गेहूं में नमी के कारण सरकारी एजेंसियां खरीद नहीं रही हैं। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे से किसान कमेटी कार्यालय के बाहर लाइनों में खड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद 9:35 बजे के आसपास मंडी सचिव व अन्य अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिसको लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर रोष जताया। मंडी प्रधान जयभगवान गोयल ने बताया कि गेहूं में नमी की मात्रा होने से गेहूं की खरीद करने में दिक्कत आ रही है।

नई अनाज मंडी में बारिश में भिगती गेहूं। संवाद