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बारिश : किसानों के लिए सोना, लोग पोंछते रहे पसीना
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
Updated Sun, 15 Jun 2014 12:11 AM IST
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झमाझम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। किसानों और वैज्ञानिकों की माने तो यह खेतों किसानों के लिए सोना बनकर बरसी है। दूसरी ओर बारिश के बावजूद भी लोगों को गर्मी से छुटकारा नहीं मिला।
बारिश के बाद धरती की तपन से पूरा दिन लोग पसीना पोंछते नजर आए। दो बार हुई सिर्फ पौने घंटे की बारिश से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सेक्टरों में बारिश का पानी सड़कों पर भरने से लोग परेशान रहे।
कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पानी फंस गए। मौसम विभाग की ओर से चार दिन बाद फिर दोबारा 17 और 18 जून को बारिश की संभावना जताई गई है।
सूखी पड़ी थी धरती
औंगद गांव के किसान पंडित दयाराम भार्गव, गांव रंबा के किसान रामसिंह, गांव निसिंग के किसान गुरप्रीत सिंह और गांव चिढ़ाव के किसान पंडित जयभगवान शर्मा ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को हुई बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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इस साल बारिश तो हुई लेकिन दिनों पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण धरती पूरी तरह सूख गई थी। शनिवार को पौने घंटे हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया। किसान दो तीन दिन तक धान की रोपाई कर सकेंगे। बारिश का पानी ट्यूबवेल के पानी से कहीं अधिक अच्छा होता है।
सड़कों पर भरा पानी बना आफत
बारिश आबादी वाले क्षेत्रों के लिए परेशानी बनकर आई। शहर के मुख्य स्थानों और सेक्टरों सहित कई क्षेत्रों मेें जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं दिख रहा है।
पूर्व सांसद अरविंद शर्मा की कोठी के पीछे दो गलियों में करीब चार से पांच इंच तक पानी भरा रहा। प्रताप स्कूल के सामने वाले मार्ग पर भी पानी भरा रहा।
सेक्टर -13 के कई क्षेत्रों और सेक्टर-12 में भी यही हाल रहा। मॉडल टाउन की कई सड़कों और कुंजपुरा रोड पर तो बुरा हाल हो गया।
बस अड्डा क्षेत्र और दयाल सिंह कॉलेज के साथ वाले क्षेत्र में भी वाहन भी फंस गए। प्रशासन की ओर से बारिश के पानी के निकासी की व्यवस्था कमजोर है। लोग इस व्यवस्था से नाराज हैं।
उमस ने दिनभर रुलाया
मौसम विभाग के मुताबिक भले बारिश 21.4 एमएम होने को बेहतर माना जा रहा हो लेकिन लोगों को बारिश के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिली।
पूरा दिन उमस से पसीना निकलता रहा। उमस से लोगों का पसीना नहीं सूखा। पूरा दिन लोग परेशान रहे। पंखे और कूलर भी उमस के सामने बेअसर दिखाई पडे़।
बारिश के साथ बादल रहने से पारा भी बढ़ा
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार बारिश के बावजूद आसमान में बादल रहने के कारण आधा डिग्री तापमान बढ़ने से पारा साढे़ 37 डिग्री दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान साढे़ 22 डिग्री रिकॉर्ड किया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम में सुबह के समय नमी 72 प्रतिशत और शाम के समय 22 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम में वाष्प दाब सुबह के समय 16.6 और शाम के समय 12.8 दर्ज किया गया। पश्चिम से पूर्व की ओर 3.4 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली।
शनिवार को दिनभर में सूर्य कुल आठ घंटे और नौ मिनट तक प्रचंड रहा। मौसम प्रवक्ता के अनुसार अगले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा। आने वाली 17 और 18 जून को दोबारा बारिश की संभावना है।
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बारिश के बाद धरती की तपन से पूरा दिन लोग पसीना पोंछते नजर आए। दो बार हुई सिर्फ पौने घंटे की बारिश से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सेक्टरों में बारिश का पानी सड़कों पर भरने से लोग परेशान रहे।
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कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पानी फंस गए। मौसम विभाग की ओर से चार दिन बाद फिर दोबारा 17 और 18 जून को बारिश की संभावना जताई गई है।
सूखी पड़ी थी धरती
औंगद गांव के किसान पंडित दयाराम भार्गव, गांव रंबा के किसान रामसिंह, गांव निसिंग के किसान गुरप्रीत सिंह और गांव चिढ़ाव के किसान पंडित जयभगवान शर्मा ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को हुई बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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इस साल बारिश तो हुई लेकिन दिनों पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण धरती पूरी तरह सूख गई थी। शनिवार को पौने घंटे हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया। किसान दो तीन दिन तक धान की रोपाई कर सकेंगे। बारिश का पानी ट्यूबवेल के पानी से कहीं अधिक अच्छा होता है।
सड़कों पर भरा पानी बना आफत
बारिश आबादी वाले क्षेत्रों के लिए परेशानी बनकर आई। शहर के मुख्य स्थानों और सेक्टरों सहित कई क्षेत्रों मेें जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं दिख रहा है।
पूर्व सांसद अरविंद शर्मा की कोठी के पीछे दो गलियों में करीब चार से पांच इंच तक पानी भरा रहा। प्रताप स्कूल के सामने वाले मार्ग पर भी पानी भरा रहा।
सेक्टर -13 के कई क्षेत्रों और सेक्टर-12 में भी यही हाल रहा। मॉडल टाउन की कई सड़कों और कुंजपुरा रोड पर तो बुरा हाल हो गया।
बस अड्डा क्षेत्र और दयाल सिंह कॉलेज के साथ वाले क्षेत्र में भी वाहन भी फंस गए। प्रशासन की ओर से बारिश के पानी के निकासी की व्यवस्था कमजोर है। लोग इस व्यवस्था से नाराज हैं।
उमस ने दिनभर रुलाया
मौसम विभाग के मुताबिक भले बारिश 21.4 एमएम होने को बेहतर माना जा रहा हो लेकिन लोगों को बारिश के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिली।
पूरा दिन उमस से पसीना निकलता रहा। उमस से लोगों का पसीना नहीं सूखा। पूरा दिन लोग परेशान रहे। पंखे और कूलर भी उमस के सामने बेअसर दिखाई पडे़।
बारिश के साथ बादल रहने से पारा भी बढ़ा
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार बारिश के बावजूद आसमान में बादल रहने के कारण आधा डिग्री तापमान बढ़ने से पारा साढे़ 37 डिग्री दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान साढे़ 22 डिग्री रिकॉर्ड किया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम में सुबह के समय नमी 72 प्रतिशत और शाम के समय 22 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम में वाष्प दाब सुबह के समय 16.6 और शाम के समय 12.8 दर्ज किया गया। पश्चिम से पूर्व की ओर 3.4 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली।
शनिवार को दिनभर में सूर्य कुल आठ घंटे और नौ मिनट तक प्रचंड रहा। मौसम प्रवक्ता के अनुसार अगले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा। आने वाली 17 और 18 जून को दोबारा बारिश की संभावना है।