{"_id":"6156197f8ebc3e0b9d08ef8d","slug":"purchase-postponed-mandis-flooded-how-farmers-will-handle-paddy-karnal-news-knl85001212","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरीद टली, मंडियां अटीं, धान कैसे संभालेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरीद टली, मंडियां अटीं, धान कैसे संभालेंगे किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंडर सेक्रेटरी जय प्रकाश द्वारा जारी एक पत्र देर रात सोशल मीडिया में वायरल हुआ। हालांकि विभागीय अधिकारी भी पुष्टि तो नहीं कर पा रहे थे लेकिन इतना जरूर कह रहे थे कि उन्हें अभी लिखित आदेश तो नहीं मिले कि मौखिक निर्देश दिए गए हैं कि हरियाणा प्रदेश में धान की खरीद को एक अक्तूबर की बजाय 11 अक्तूबर से शुरू की जाएगी। इससे किसानों में खलबली मच गई है।
दरअसल, जिले की अनाज मंडियां एक दिन पहले ही पीआर धान से अटी हुई है। पहली अक्तूबर से धान की खरीद शुरू होने की बात पर बड़ी संख्या में किसानों ने कंबाइन से धान की कटाई करा ली है। किसानों के घरों व खेतों पर भी खड़ी ट्रॉलियों में धान की फसल लदी हैं। ऐसे में धान खरीद को टाला जाना किसानों पर किसी वज्रपात से कम नहीं है। इस पर आढ़तियों व किसान नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उधर, किसानों ने इसके विरोध में शुक्रवार को करनाल अनाज मंडी में पहुंचकर विरोध करने का एलान कर दिया है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की उपनिदेशक मेघना कंवर ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंडर सेक्रेटरी जय प्रकाश द्वारा जारी पत्र के हवाले से बताया कि लगातार हो रही बारिश व खराब मौसम के कारण धान की खरीद 11 अक्तूबर से करने का निर्णय लिया है। हालांकि देर रात तक इस पत्र पर कोई विश्वास नहीं कर पा रहा था, क्योंकि खेतों में धान पककर तैयार है। किसान कटाई में जुटे हैं। उधर, आशंका है कि एक अक्तूबर को बड़ी संख्या में किसान धान लेकर अनाज मंडियों में पहुंच सकते हैं। यदि खरीद नहीं की जाती है तो उन्हें धान को औने पौने दामों पर बेचना पड़ सकता है, वैसे भी मजदूरों ने हड़ताल का एलान कर रखा है।
विज्ञापन
-11 अक्तूबर से धान खरीद करना किसानों के लिए घातक है, तब तक तो खेतों में धान ही नहीं बचेगा। इसके पुरजोर विरोध किया जाएगा। सभी किसानों से सुबह 10 बजे करनाल अनाज मंडी पहुंचने का आह्वान किया गया है। वहीं, इस पर चर्चा करके विरोध की रणनीति तय की जाएगी।
-जगदीश औलख, प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य भाकियू (चढ़ूनी)
-किसानों के लिए इससे घातक आदेश दूसरा नहीं हो सकता। वे कई दिनों से धान खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब ऐनवक्त पर खरीद को टालना से किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा। सरकार को तत्काल यह आदेश वापस लेना चाहिए।
-रजनीश चौधरी, चेयरमैन हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
-मुझे तो इस आदेश पर विश्वास ही नहीं हो रहा है, लेकिन यदि यह सही है तो किसानों के लिए यह बड़ा झटका है। सरकार को इस आदेश को तत्काल वापस लेकर धान की खरीद को एक अक्तूबर से ही शुरू कराना चाहिए।
ईलम सिंह, भाजपा नेता/पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी कुंजपुरा (फोटो-79)
अनाज मंडी घरौंडा में मजदूरों की हड़ताल
अनाज मंडी घरौंडा में भी मजदूरों ने मजदूरी कम किए जाने के विरोध में वीरवार से हड़ताल पर शुरू कर दी है। इससे मंडी में धान की ढेरियां अट गई हैं। अब खरीद टाले जाने से किसानों को जोरदार झटका लगा है।
भारतीय मजदूर संघ के मजदूरों ने सुबह मंडी में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। 15 रुपये मजदूरी देने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर शुक्रवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। वीरवार को बड़ी संख्या में किसान पीआर धान लेकर मंडी पहुंचे, ताकि लाइन में लगकर सुबह जल्दी अपना धान बेच सकें। मंडी में धान की ढेरियां भी लगा दी है। धान को उतारने वाले मजदूर हड़ताल पर है। लिहाजा किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई। किसानों को फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। मार्केट कमेटी के सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि मजदूरी कम करने से मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। लेबर न होने के कारण किसानों की धान की ट्रालियां खाली नहीं हो पा रहीं।
धान के लगे ढेर
तरावड़ी। मंडी मे धान की आवक हुई तेज हो गई है लेकिन सरकारी खरीद न होने के कारण पीआर धान के लगे ढेर हैं। मंडी में वीरवार को 11000 क्विंटल पीआर धान आया, जो की सरकारी खरीद के न चलते यूं ही पड़ा रहा। किसान हरप्रीत सिंह ने कहा की सरकारी खरीद न होने से धान के उचित भाव नहीं मिल पा रहे हैं। उनका धान 1750 से 1800 के बीच बिक रहा है। जबकि सरकारी रेट 1940 रुपए है। ऐसे में उनको एक एकड़ के पीछे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान गुलजार सिंह ने बताया कि खरीद का समय और बढ़ाने से तो किसान बर्बाद हो जाएगा।
एसडीएम ने मंडी का दौरा कर देखी खरीद व्यवस्थाएं
निसिंग। वीरवार को करीब साढ़े दस बजे मंडी में व्यवस्थाएं जांचने एसडीएम करनाल गौरव कुमार पहुंचे। उन्होंने मंडी का निरीक्षण कर धान की आवक एवं गुणवत्ता जांची। मंडी में किसानों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया। फड़ों पर पड़ी ढेरियों के गेटपास का एच रजिस्टर के साथ बारीकी से मिलान किया। विभाग की तरफ से अभी तक खरीद एजेंसियों के निरीक्षक तक नियुक्त नही किए गए। यह भी जानकारी नहीं है कि कौन से राइस मिलर्स धान खरीदेंगे। मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह ने कहा कि मंडी में सरकारी खरीद को लेकर उनकी तैयारी पूरी है। हरियाणा वेयरहाउस धान खरीदेगी। डीएफएससी की खरीद मंगल, बुध व वीरवार को रहेगी एवं हैफेड शुक्रवार व शनिवार को धान खरीदेगी।
----------
किसानों को शेड्यूलिंग करने का दिया अधिकार
तरावड़ी। मार्केट कमेटी के सचिव विवेक पंघाल ने बताया कि सरकार ने फसल की शेड्यूलिंग की सुविधा किसानों को ही दे दी है। धान में 17 प्रतिशत से ज्यादा की नमी नहीं होनी चाहिए। उन्होनें किसानों व आढ़तियों के साथ बैठक की। जिसमें सहसचिव सुरेंद्र कुमार, ऑल इडिया राइस एक्सपोर्ट के प्रधान लाला नाथी राम गुप्ता, व्यापार मंडल तरावड़ी के प्रधान शीशपाल गुप्ता, मंडी आढती ऐसोसिएशन के उपप्रधान सुल्तान सिंह सोल्हो आदि मौजूद रहे। इधर, मंडी तरावड़ी में वीरवार को 1509 धान का उच्चतम भाव 3250 रुपये रहा।
----------
सुखाकर मंडियों में लाएं धान
असंध। एसडीएम मनदीप कुमार ने वीरवार को धान खरीद कार्य को लेकर असंध की नई अनाज मंडी का दौरा किया। किसानों की दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि असंध की अनाज मंडियों में धान खरीद की सभी तैयारियां पूरी है।
एसडीएम किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह से सुखाकर ही मंडियों में लाएं, ताकि उसे बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई पेश न आए। धान में नमी की मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित मानदंड से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।
अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।
विज्ञापन
दरअसल, जिले की अनाज मंडियां एक दिन पहले ही पीआर धान से अटी हुई है। पहली अक्तूबर से धान की खरीद शुरू होने की बात पर बड़ी संख्या में किसानों ने कंबाइन से धान की कटाई करा ली है। किसानों के घरों व खेतों पर भी खड़ी ट्रॉलियों में धान की फसल लदी हैं। ऐसे में धान खरीद को टाला जाना किसानों पर किसी वज्रपात से कम नहीं है। इस पर आढ़तियों व किसान नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उधर, किसानों ने इसके विरोध में शुक्रवार को करनाल अनाज मंडी में पहुंचकर विरोध करने का एलान कर दिया है।
विज्ञापन
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की उपनिदेशक मेघना कंवर ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंडर सेक्रेटरी जय प्रकाश द्वारा जारी पत्र के हवाले से बताया कि लगातार हो रही बारिश व खराब मौसम के कारण धान की खरीद 11 अक्तूबर से करने का निर्णय लिया है। हालांकि देर रात तक इस पत्र पर कोई विश्वास नहीं कर पा रहा था, क्योंकि खेतों में धान पककर तैयार है। किसान कटाई में जुटे हैं। उधर, आशंका है कि एक अक्तूबर को बड़ी संख्या में किसान धान लेकर अनाज मंडियों में पहुंच सकते हैं। यदि खरीद नहीं की जाती है तो उन्हें धान को औने पौने दामों पर बेचना पड़ सकता है, वैसे भी मजदूरों ने हड़ताल का एलान कर रखा है।
विज्ञापन
-11 अक्तूबर से धान खरीद करना किसानों के लिए घातक है, तब तक तो खेतों में धान ही नहीं बचेगा। इसके पुरजोर विरोध किया जाएगा। सभी किसानों से सुबह 10 बजे करनाल अनाज मंडी पहुंचने का आह्वान किया गया है। वहीं, इस पर चर्चा करके विरोध की रणनीति तय की जाएगी।
-जगदीश औलख, प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य भाकियू (चढ़ूनी)
-किसानों के लिए इससे घातक आदेश दूसरा नहीं हो सकता। वे कई दिनों से धान खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब ऐनवक्त पर खरीद को टालना से किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा। सरकार को तत्काल यह आदेश वापस लेना चाहिए।
-रजनीश चौधरी, चेयरमैन हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
-मुझे तो इस आदेश पर विश्वास ही नहीं हो रहा है, लेकिन यदि यह सही है तो किसानों के लिए यह बड़ा झटका है। सरकार को इस आदेश को तत्काल वापस लेकर धान की खरीद को एक अक्तूबर से ही शुरू कराना चाहिए।
ईलम सिंह, भाजपा नेता/पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी कुंजपुरा (फोटो-79)
अनाज मंडी घरौंडा में मजदूरों की हड़ताल
अनाज मंडी घरौंडा में भी मजदूरों ने मजदूरी कम किए जाने के विरोध में वीरवार से हड़ताल पर शुरू कर दी है। इससे मंडी में धान की ढेरियां अट गई हैं। अब खरीद टाले जाने से किसानों को जोरदार झटका लगा है।
भारतीय मजदूर संघ के मजदूरों ने सुबह मंडी में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। 15 रुपये मजदूरी देने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर शुक्रवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। वीरवार को बड़ी संख्या में किसान पीआर धान लेकर मंडी पहुंचे, ताकि लाइन में लगकर सुबह जल्दी अपना धान बेच सकें। मंडी में धान की ढेरियां भी लगा दी है। धान को उतारने वाले मजदूर हड़ताल पर है। लिहाजा किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई। किसानों को फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। मार्केट कमेटी के सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि मजदूरी कम करने से मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। लेबर न होने के कारण किसानों की धान की ट्रालियां खाली नहीं हो पा रहीं।
धान के लगे ढेर
तरावड़ी। मंडी मे धान की आवक हुई तेज हो गई है लेकिन सरकारी खरीद न होने के कारण पीआर धान के लगे ढेर हैं। मंडी में वीरवार को 11000 क्विंटल पीआर धान आया, जो की सरकारी खरीद के न चलते यूं ही पड़ा रहा। किसान हरप्रीत सिंह ने कहा की सरकारी खरीद न होने से धान के उचित भाव नहीं मिल पा रहे हैं। उनका धान 1750 से 1800 के बीच बिक रहा है। जबकि सरकारी रेट 1940 रुपए है। ऐसे में उनको एक एकड़ के पीछे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान गुलजार सिंह ने बताया कि खरीद का समय और बढ़ाने से तो किसान बर्बाद हो जाएगा।
एसडीएम ने मंडी का दौरा कर देखी खरीद व्यवस्थाएं
निसिंग। वीरवार को करीब साढ़े दस बजे मंडी में व्यवस्थाएं जांचने एसडीएम करनाल गौरव कुमार पहुंचे। उन्होंने मंडी का निरीक्षण कर धान की आवक एवं गुणवत्ता जांची। मंडी में किसानों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया। फड़ों पर पड़ी ढेरियों के गेटपास का एच रजिस्टर के साथ बारीकी से मिलान किया। विभाग की तरफ से अभी तक खरीद एजेंसियों के निरीक्षक तक नियुक्त नही किए गए। यह भी जानकारी नहीं है कि कौन से राइस मिलर्स धान खरीदेंगे। मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह ने कहा कि मंडी में सरकारी खरीद को लेकर उनकी तैयारी पूरी है। हरियाणा वेयरहाउस धान खरीदेगी। डीएफएससी की खरीद मंगल, बुध व वीरवार को रहेगी एवं हैफेड शुक्रवार व शनिवार को धान खरीदेगी।
----------
किसानों को शेड्यूलिंग करने का दिया अधिकार
तरावड़ी। मार्केट कमेटी के सचिव विवेक पंघाल ने बताया कि सरकार ने फसल की शेड्यूलिंग की सुविधा किसानों को ही दे दी है। धान में 17 प्रतिशत से ज्यादा की नमी नहीं होनी चाहिए। उन्होनें किसानों व आढ़तियों के साथ बैठक की। जिसमें सहसचिव सुरेंद्र कुमार, ऑल इडिया राइस एक्सपोर्ट के प्रधान लाला नाथी राम गुप्ता, व्यापार मंडल तरावड़ी के प्रधान शीशपाल गुप्ता, मंडी आढती ऐसोसिएशन के उपप्रधान सुल्तान सिंह सोल्हो आदि मौजूद रहे। इधर, मंडी तरावड़ी में वीरवार को 1509 धान का उच्चतम भाव 3250 रुपये रहा।
----------
सुखाकर मंडियों में लाएं धान
असंध। एसडीएम मनदीप कुमार ने वीरवार को धान खरीद कार्य को लेकर असंध की नई अनाज मंडी का दौरा किया। किसानों की दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि असंध की अनाज मंडियों में धान खरीद की सभी तैयारियां पूरी है।
एसडीएम किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह से सुखाकर ही मंडियों में लाएं, ताकि उसे बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई पेश न आए। धान में नमी की मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित मानदंड से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।
अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।