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सरपंच की रिहाई के लिए सरकारी कार्यालयों पर जड़ा ताला, थाने का घेराव
अंबाला
Updated Sat, 04 Jan 2014 11:27 PM IST
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युवक को आत्महत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए गांव चौरा के सरपंच की रिहाई की मांग पर सरपंच एसोसिएशन ने अपना आंदोलन उग्र करते हुए शनिवार को कई सरकारी कार्यालयों पर ताला जड़ दिया।
ताला जड़ने के साथ-साथ अनशन पर बैठे 11 सरपंच घरौंडा थाने की ओर ताला जड़ने के लिए बढ़े, लेकिन वहां तैनात भारी पुलिस बल ने सरपंचों को बाहर ही रोक दिया।
जिससे सरपंचों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने घरौंडा थाने के बाहर ही धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे के बाद एसडीएम व डीएसपी मौके पर पहुंचे और सरपंच की जमानत होने की सूचना दी और थाने से अनशनकारियों को हटने का आग्रह किया।
प्रशासनिक अधिकारियों की मांग पर अनशनकारी थाने से हटे, लेकिन उन्होंने प्रशासन को चेताया कि जब तक करनाल के एसपी का तबादला नहीं होता, तब तक धरना निरंतर जारी रहेगा।
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यहां-यहां जड़ा ताला
शनिवार सुबह ही ग्रामीणों का धरना स्थल बीडीपीओ कार्यालय पर पहुंचना शुरू हो गया था। लगभग एक बजे एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकारी विभागों पर ताले जड़ने की प्रक्रिया शुरू की। एसोसिएशन के सदस्य सबसे पहले शहरी बिजली बोर्ड, तहसील कार्यालय, बीडीपीओ कार्यालय और ग्रामीण बिजली बोर्ड में पहुंचे और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वारों पर ताले जड़ दिए।
इसके बाद लगभग तीन बजे घरौंडा थाने पर ताला लगाने की योजना बनाई गई। लगभग साढ़े चार बजे अनशन पर बैठे 11 सरपंच थाने पर ताला जड़ने के लिए थाने के मुख्यद्वार पर पहुंचे तो थाने में तैनात पुलिस बल ने अनशनकारियों को गेट पर ही रोक लिया। जिसको लेकर सरपंचों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।
थाना प्रभारी ने इस मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही एसडीएम मुकुल कुमार, डीएसी जोगिंद्र राठी, तहसीलदार निर्मल दहिया, बीडीपीओ कुलजीत सिंह दहिया सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी जोगिंद्र राठी ने सरपंचों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरपंच राजिंद्र की जमानत मंजूर हो गई है और उन्हें शीघ्र ही रिहा किया जाएगा। मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और मामले की सच्चाई शीघ्र ही सामने लाई जाएगी।
‘बिना जांच के सरपंच को जेल भेजा’
घरौंडा सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राणा ने कहा कि पुलिस के एक अधिकारी ने बिना जांच करवाए ही सरपंच को जेल में भेज दिया, जोकि सरासर गलत है। उन्होंने थाने के सामने लोगाें को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सरपंच को प्रशासन रिहा नहीं करता, तब तक अनशनकारियों को धरना थाने के गेट पर निरंतर चलता रहेगा।
उन्होंने थाना अध्यक्ष ईश्वर सिंह से आग्रह किया कि अगर वे थाने के गेट पर ताला नहीं जड़ने देते तो उनको गिरफ्तार कर लें। बाद में एसडीएम मुकुल कुमार व डीएसपी जोगिंद्र राठी मौके पर पहुंचे और उन्होंने सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों को सरपंच राजेंद्र खुराना की जमानत मंजूर होने की सूचना दी और अनशन खत्म करने का आग्रह किया। अनशनकारियों ने प्रशासन की बात को स्वीकार कर लिया, लेकिन साथ में चेताया कि जब तक करनाल के पुलिस अधीक्षक का तबादला नहीं होता, तब तक एसोसिएशन का धरना निरंतर जारी रहेगा।
चार ब्लॉकों के सरपंचों ने मुख्यमंत्री को इस्तीफे भेजे
इस मामले में शनिवार को जिले के चार ब्लॉकों की सरपंच एसोसिएशनों ने सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को फेक्स के माध्यम से भेज दिए। इंद्री, निसिंग, करनाल ब्लॉक और नीलोखेड़ी के अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि उन्होंने प्रशासन को चेताया था कि सरपंच राजेंद्र को शीघ्र रिहा नहीं किया तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफे दे देंगे।
सात दिन गुजरने के बाद भी प्रशासन ने घरौंडा एसोसिएशन की मांग को स्वीकार नहीं किया। जिस कारण सामूहिक रूप से प्रदेश मुख्यमंत्री को इस्तीफे भेज रहे हैं। गौरतलब है कि घरौंडा एसोसिएशन की 52 पंचायतों के सरपंचों ने पहले ही अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।
शांतिदूत बनकर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
सरपंच एसोसिएशन ने सरपंच राजेंद्र खुराना की रिहाई के लिए सात दिन से आमरण अनशन पर बीडीपीओ कार्यालय में बैठे हुए हैं। उन्होंने उनकी रिहाई के लिए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किए है और पुलिस अधिकारियों के पुतले फूंके। शनिवार को सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ घरौंडा थाने पर ताला जड़ने का ऐलान करने पर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया था।
शनिवार को एसोसिएशन ने अल्टीमेटम के अनुसार सरकारी कार्यालयों पर ताले जड़ दिए थे और सांय काल थाने पर ताला जड़ने पहुंचे अनशनकारियों के लिए एसडीएम मुकुल कुमार व डीएसपी जोगिंद्र राठी शांतिदूत बनकर पहुंचे और उन्होंने सरपंच राजेंद्र की जमानत होने की सूचना दी। जिसके बाद आंदोलनकारी थोड़ा शांत हुए और प्रशासन ने भी थोड़ी राहत की सांस ली।
सरपंच को मिली जमानत
गांव के ही युवक शिवम को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए गांव चौरा के सरपंच राजेंद्र खुराना को शनिवार को जमानत मिल गई। इस बारे में सूचना मिलने पर बीडीपीओ कार्यालय में बैठे अनशनकारियों को दी तो लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा और देर रात तक बच्चे, महिलाएं और पुरुष सरपंच के पहुंचने का इंतजार करते रहे। अनशनकारियों ने कई बार महिलाआें को अपने अपने गांव जाने का आग्रह किया, लेकिन महिलाओं ने कहा कि जब तक सरपंच हमारे बीच नहीं पहुंचते हैं, तब तक वे यहीं पर डटी रहेंगी।
डॉक्टरों ने की अनशनकारियों की मेडिकल जांच
शनिवार को सामुदायिक केंद्र के एसएमओ डॉ. कुलबीर सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम अनशन स्थल पर पहुंची और उन्होंने सभी अनशनकारियों का मेडिकल चेकअप किया।
चेकअप में सामने आया है कि सभी अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट आई है सभी का लगभग सात से आठ किलो वजन कम हो गया है। इसी के साथ उनके रक्तचाप भी तीव्र हैं। एसएसओ कुलबीर सिंह ने बताया कि सरपंचों का स्वास्थ्य गिरावट की ओर है। अगर सरपंचों ने शीघ्र ही उपचार नहीं करवाया तो उनकी हालत और बिगड़ सकती है।
ये बैठे हैं आमरण अनशन पर
गांव अराईपूरा के सरपंच अजय राणा, कोहंड के मेघराज, कालरम के सुरेंद्र राणा, एेंचला के जसबीर, कैमला के रमेश वर्मा, स्टोंडी के कुलदीप राणा, शाहजानपूर ध्याणा के जयभगवान, गढ़ीमुल्तान के नरेश राणा, बसताड़ा के राजेंद्र, फूरलक के हवा सिंह और मलिकपूर के सरपंच बहादुर सिंह आमरण अनशन पर बैठे हैं।
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ताला जड़ने के साथ-साथ अनशन पर बैठे 11 सरपंच घरौंडा थाने की ओर ताला जड़ने के लिए बढ़े, लेकिन वहां तैनात भारी पुलिस बल ने सरपंचों को बाहर ही रोक दिया।
जिससे सरपंचों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने घरौंडा थाने के बाहर ही धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे के बाद एसडीएम व डीएसपी मौके पर पहुंचे और सरपंच की जमानत होने की सूचना दी और थाने से अनशनकारियों को हटने का आग्रह किया।
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प्रशासनिक अधिकारियों की मांग पर अनशनकारी थाने से हटे, लेकिन उन्होंने प्रशासन को चेताया कि जब तक करनाल के एसपी का तबादला नहीं होता, तब तक धरना निरंतर जारी रहेगा।
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यहां-यहां जड़ा ताला
शनिवार सुबह ही ग्रामीणों का धरना स्थल बीडीपीओ कार्यालय पर पहुंचना शुरू हो गया था। लगभग एक बजे एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकारी विभागों पर ताले जड़ने की प्रक्रिया शुरू की। एसोसिएशन के सदस्य सबसे पहले शहरी बिजली बोर्ड, तहसील कार्यालय, बीडीपीओ कार्यालय और ग्रामीण बिजली बोर्ड में पहुंचे और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वारों पर ताले जड़ दिए।
इसके बाद लगभग तीन बजे घरौंडा थाने पर ताला लगाने की योजना बनाई गई। लगभग साढ़े चार बजे अनशन पर बैठे 11 सरपंच थाने पर ताला जड़ने के लिए थाने के मुख्यद्वार पर पहुंचे तो थाने में तैनात पुलिस बल ने अनशनकारियों को गेट पर ही रोक लिया। जिसको लेकर सरपंचों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।
थाना प्रभारी ने इस मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही एसडीएम मुकुल कुमार, डीएसी जोगिंद्र राठी, तहसीलदार निर्मल दहिया, बीडीपीओ कुलजीत सिंह दहिया सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी जोगिंद्र राठी ने सरपंचों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरपंच राजिंद्र की जमानत मंजूर हो गई है और उन्हें शीघ्र ही रिहा किया जाएगा। मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और मामले की सच्चाई शीघ्र ही सामने लाई जाएगी।
‘बिना जांच के सरपंच को जेल भेजा’
घरौंडा सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राणा ने कहा कि पुलिस के एक अधिकारी ने बिना जांच करवाए ही सरपंच को जेल में भेज दिया, जोकि सरासर गलत है। उन्होंने थाने के सामने लोगाें को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सरपंच को प्रशासन रिहा नहीं करता, तब तक अनशनकारियों को धरना थाने के गेट पर निरंतर चलता रहेगा।
उन्होंने थाना अध्यक्ष ईश्वर सिंह से आग्रह किया कि अगर वे थाने के गेट पर ताला नहीं जड़ने देते तो उनको गिरफ्तार कर लें। बाद में एसडीएम मुकुल कुमार व डीएसपी जोगिंद्र राठी मौके पर पहुंचे और उन्होंने सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों को सरपंच राजेंद्र खुराना की जमानत मंजूर होने की सूचना दी और अनशन खत्म करने का आग्रह किया। अनशनकारियों ने प्रशासन की बात को स्वीकार कर लिया, लेकिन साथ में चेताया कि जब तक करनाल के पुलिस अधीक्षक का तबादला नहीं होता, तब तक एसोसिएशन का धरना निरंतर जारी रहेगा।
चार ब्लॉकों के सरपंचों ने मुख्यमंत्री को इस्तीफे भेजे
इस मामले में शनिवार को जिले के चार ब्लॉकों की सरपंच एसोसिएशनों ने सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को फेक्स के माध्यम से भेज दिए। इंद्री, निसिंग, करनाल ब्लॉक और नीलोखेड़ी के अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि उन्होंने प्रशासन को चेताया था कि सरपंच राजेंद्र को शीघ्र रिहा नहीं किया तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफे दे देंगे।
सात दिन गुजरने के बाद भी प्रशासन ने घरौंडा एसोसिएशन की मांग को स्वीकार नहीं किया। जिस कारण सामूहिक रूप से प्रदेश मुख्यमंत्री को इस्तीफे भेज रहे हैं। गौरतलब है कि घरौंडा एसोसिएशन की 52 पंचायतों के सरपंचों ने पहले ही अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।
शांतिदूत बनकर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
सरपंच एसोसिएशन ने सरपंच राजेंद्र खुराना की रिहाई के लिए सात दिन से आमरण अनशन पर बीडीपीओ कार्यालय में बैठे हुए हैं। उन्होंने उनकी रिहाई के लिए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किए है और पुलिस अधिकारियों के पुतले फूंके। शनिवार को सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ घरौंडा थाने पर ताला जड़ने का ऐलान करने पर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया था।
शनिवार को एसोसिएशन ने अल्टीमेटम के अनुसार सरकारी कार्यालयों पर ताले जड़ दिए थे और सांय काल थाने पर ताला जड़ने पहुंचे अनशनकारियों के लिए एसडीएम मुकुल कुमार व डीएसपी जोगिंद्र राठी शांतिदूत बनकर पहुंचे और उन्होंने सरपंच राजेंद्र की जमानत होने की सूचना दी। जिसके बाद आंदोलनकारी थोड़ा शांत हुए और प्रशासन ने भी थोड़ी राहत की सांस ली।
सरपंच को मिली जमानत
गांव के ही युवक शिवम को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए गांव चौरा के सरपंच राजेंद्र खुराना को शनिवार को जमानत मिल गई। इस बारे में सूचना मिलने पर बीडीपीओ कार्यालय में बैठे अनशनकारियों को दी तो लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा और देर रात तक बच्चे, महिलाएं और पुरुष सरपंच के पहुंचने का इंतजार करते रहे। अनशनकारियों ने कई बार महिलाआें को अपने अपने गांव जाने का आग्रह किया, लेकिन महिलाओं ने कहा कि जब तक सरपंच हमारे बीच नहीं पहुंचते हैं, तब तक वे यहीं पर डटी रहेंगी।
डॉक्टरों ने की अनशनकारियों की मेडिकल जांच
शनिवार को सामुदायिक केंद्र के एसएमओ डॉ. कुलबीर सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम अनशन स्थल पर पहुंची और उन्होंने सभी अनशनकारियों का मेडिकल चेकअप किया।
चेकअप में सामने आया है कि सभी अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट आई है सभी का लगभग सात से आठ किलो वजन कम हो गया है। इसी के साथ उनके रक्तचाप भी तीव्र हैं। एसएसओ कुलबीर सिंह ने बताया कि सरपंचों का स्वास्थ्य गिरावट की ओर है। अगर सरपंचों ने शीघ्र ही उपचार नहीं करवाया तो उनकी हालत और बिगड़ सकती है।
ये बैठे हैं आमरण अनशन पर
गांव अराईपूरा के सरपंच अजय राणा, कोहंड के मेघराज, कालरम के सुरेंद्र राणा, एेंचला के जसबीर, कैमला के रमेश वर्मा, स्टोंडी के कुलदीप राणा, शाहजानपूर ध्याणा के जयभगवान, गढ़ीमुल्तान के नरेश राणा, बसताड़ा के राजेंद्र, फूरलक के हवा सिंह और मलिकपूर के सरपंच बहादुर सिंह आमरण अनशन पर बैठे हैं।