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Karnal News: संपत्ति मालिक 10 तक दूर कराएं त्रुटियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 07:50 AM IST
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Property owners should get the errors rectified by 10 o'clock
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिन नागरिकों की संपत्ति आबादी देह या लाल डोरा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, उन्हें हरियाणा सरकार की ओर से लागू की गई पॉलिसी के अनुसार प्रमाणपत्र जारी किए जाने हैं, ताकि उनकी संपत्ति का रिकॉर्ड राजस्व रिकॉर्ड में अपलोड किया जा सके और वह अपनी रजिस्ट्री करवा सके। इस दिशा में नगर निगम क्षेत्र में लाल डोरा के अंतर्गत आने वाली 10524 संपत्तियों का डाटा हरियाणा सरकार के एनडीसी पोर्टल व निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति की प्रॉपर्टी आईडी में कोई त्रुटि है तो 10 दिसंबर तक अपना दावा या आपत्ति ऑफलाइन नगर निगम करनाल कार्यालय में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी के कमरा नंबर 120 में सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उन्हें दुरुस्त किया जा सके। 10 दिसंबर के पश्चात किसी दावे या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
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इस कार्यवाही के पश्चात उन्हें प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाएंगे, ताकि वह अपनी जगह की रजिस्ट्री करवा कर मालिकाना हक ले सकें। इसके लिए संबंधित नागरिक को एक फार्म भरना होगा, जो कमरा नंबर 120 से प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त दावेदार द्वारा कब्जे के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
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राजस्व प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित दावेदार का शपथपत्र जिसमें आबादी देह, लाल डोरा पर स्वामित्व या कब्जे का स्पष्ट उल्लेख हो, पिछले 10 वर्षों का बिजली व जल बिल, सरकार द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज जैसे ईपीआईसी, ड्राईविंग लाईसेंस, पासपोर्ट, जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र इत्यादि जिसमें पता हो, पिछले 10 वर्षों के कब्जे का पता, पिछले 10 वर्षों के कब्जे का विवरण देने वाली संपत्ति कर रसीदें और निर्मित संरचना का प्रमाण जो पिछले 10 वर्षों के कब्जे का प्रमाण हो जैसे दस्तावेज फार्म के साथ लगाकर देने होंगे।

इसके अतिरिक्त दावेदार के पास बिक्री विलेख, हस्तांतरण विलेख, त्याग विलेख, रिहाई विलेख, जमाबंदी, फरद, राजस्व प्राधिकारियों के पास पंजीकृत न्यायालय का आदेश, रजिस्ट्री, बिक्री विलेख, इनमें से कोई भी दस्तावेज यदि उपलब्ध हो, तो वह भी उपरोक्त दस्तावेजों के साथ संलग्न कर सकते हैं। यदि मूल मालिक की मृत्यु की स्थिति में उपरोक्त दस्तावेजों के साथ सक्षम राजस्व प्राधिकारी या सिविल न्यायालय से जारी कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र अवश्य देना होगा।
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