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पहले समस्याएं दूर करो, फिर होंगे स्मार्ट
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Sun, 15 Nov 2015 12:33 AM IST
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तीन महीने बाद हुई नगर निगम हाउस की बैठक शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बुलाई गई थी, इसके लिए हाउस में सात प्रस्ताव रखे गए, पार्षदों ने सभी प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया, लेकिन आउट ऑफ एजेंडा पार्षदों ने बैठक में समस्याओं का अंबार लगा दिया।
एक के बाद एक पार्षद ने रुके विकास कार्यों, हो रहे अवैध कब्जे और सीवरेज व पानी की समस्याओं को लेकर अधिकारियों पर निशाना साधा। कई पार्षदों ने तो पिछली मीटिंग और एक साल पहले पास हुए कार्यों के शुरू नहीं होने पर अधिकारियों पर ही निशाना साधा।
हालांकि, अधिकारियों के पास सिवाए आश्वासन के कोई ठोस जवाब नहीं बना। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में पार्षदों ने रुके विकास कार्य और लटके प्रोजेक्ट पर भड़ास निकाली। पंचायत भवन में सुबह 11 बजे से लेकर 12.30 बजे तक चली बैठक में एजेंडे में रखे सभी प्रस्ताव पार्षदों ने सहमति से पास कर दिए, लेकिन जैसे ही आउट ऑफ एजेंडे की बात आई तो एक एक करके पार्षदों ने अपने वार्डों की समस्याएं रखीं।
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वार्ड एक के पार्षद राकेश बाघ सिंह ने निगम में जुड़े गांवों के कच्चे रास्तों का मामला उठाते हुए कहा कि एक साल पहले यह रास्ते मंजूर हो चुके हैं, बावजूद इसके आजतक इस पर काम शुरू नहीं हुआ। वहीं वार्ड नंबर पांच की पार्षद कमलेश लाठर ने भी निगम के गावों में बीपीएल राशन कार्ड ट्रांसफर नहीं होने का मुद्दा उठाया।
दोनों पार्षदों का साथ देते हुए वार्ड नंबर 20 के पार्षद जोगेंद्र चौहान ने पालनगर, विजय नगर, धौलगढ़ व नसीबपुर में पानी की भयंकर समस्या है, कई बार कहने पर भी जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां पर नया ट्यूबवेल नहीं लगाया गया है। इतना ही नहीं निगम में आने के बाद गांवों में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। चौहान ने गांवों में श्मशान घाट व जोहड़ों पर हो रहे धड़ाधड़ कब्जे का मामला भी जोर शोर से उठाया।
वार्ड नंबर 13 के पार्षद ने रमेश नगर में पार्क की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर 14 के एमसी विनोद तितोरिया ने बुजुर्गों को पेंशन मिलने में आ रही दिक्कतों को सदन के सामने गिनाया और अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। पार्षद ने बताया कि वार्ड में काफी समय से दूषित पानी आ रहा है, पर विभाग कुछ नहीं कर रहा है। वार्ड नंबर 15 के पार्षद सतीश कुमार ने सीवरेज, पानी की परेशानी गिनाई और रुके पड़े कार्यों पर अधिकारियों पर ढुलमुल रैवया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने भरे सदन में कहा कि विकास के कार्य नहीं हो रहे हैं, कई बार प्रोजेक्ट बनाकर भेजने पर भी अधिकारियों का रिस्पांस कम होता है।
खस्ताहाल हो रहे पांचवीं तक के स्कूल
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने रामनगर चल रहे एक स्कूल की लीज बढ़ाने के बारे में जब प्रस्ताव रखा तो वार्ड नंबर 2 के पार्षद बलविंद्र सिंह ने पंचायतों के अंडर आने वाले पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों की खस्ता हो रही स्थिति के बारे में अवगत कराया। इसका अन्य पार्षदों ने भी समर्थन किया और स्कूलों की मेंटेनेंस कराने की मांग की। वहीं, वार्ड नंबर 17 की पार्षद से वार्ड के अंदर बने पांचवी कक्षा तक के स्कूल को अपग्रेड कराने की बात कही।
हर माह बैठक नहीं होने का दर्द झलका
निगम हाउस की बैठक में हर माह न होने का दर्द भी पार्षदों का झलका। पार्षद बाघ सिंह ने सदन में ही विकास कार्यों को लेकर अगली बैठक का समय निर्धारित करने की मांग उठाई। पार्षद ने आरोप लगाया कि जानबूझकर बैठकें नहीं की जा रही है, लेकिन इससे वार्डों के सभी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अन्य पार्षदों द्वारा बार-बार मीटिंग की तिथि मांगने पर मेयर रेणु बाला गुप्ता ने दिसंबर माह में बैठक रखने की बात कही।
मानव सेवा संघ को जमीन देने पर पार्षद आमने-सामने
कर्ण पार्क के साथ लगती जमीन पर मानव सेवा संघ का कार्यालय चल रहा है। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने कानूनी तरीके से जमीन देने का प्रस्ताव रखा, इस पर निगम आयुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि यह अतिक्रमण है, इसे रेगुलराइज नहीं किया जा सकता। हम इस स्थान के बदले उन्हें समाज सेवा के लिए ज्यादा स्थान दे सकते हैं। उधर, इस मामले को लेकर पार्षदों ने अलग अलग राय रखी। कुछ पार्षदों ने संघ को जमीन देने की बात कही तो कुछ ने इसका विरोध किया। बाद में फैसला लिया गया कि जब तक संघ के संचालक स्वामी प्रेममूर्ति जीवित हैं, तब तक निगम अपनी जमीन नहीं छुड़वाएगा। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
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एक के बाद एक पार्षद ने रुके विकास कार्यों, हो रहे अवैध कब्जे और सीवरेज व पानी की समस्याओं को लेकर अधिकारियों पर निशाना साधा। कई पार्षदों ने तो पिछली मीटिंग और एक साल पहले पास हुए कार्यों के शुरू नहीं होने पर अधिकारियों पर ही निशाना साधा।
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हालांकि, अधिकारियों के पास सिवाए आश्वासन के कोई ठोस जवाब नहीं बना। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में पार्षदों ने रुके विकास कार्य और लटके प्रोजेक्ट पर भड़ास निकाली। पंचायत भवन में सुबह 11 बजे से लेकर 12.30 बजे तक चली बैठक में एजेंडे में रखे सभी प्रस्ताव पार्षदों ने सहमति से पास कर दिए, लेकिन जैसे ही आउट ऑफ एजेंडे की बात आई तो एक एक करके पार्षदों ने अपने वार्डों की समस्याएं रखीं।
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वार्ड एक के पार्षद राकेश बाघ सिंह ने निगम में जुड़े गांवों के कच्चे रास्तों का मामला उठाते हुए कहा कि एक साल पहले यह रास्ते मंजूर हो चुके हैं, बावजूद इसके आजतक इस पर काम शुरू नहीं हुआ। वहीं वार्ड नंबर पांच की पार्षद कमलेश लाठर ने भी निगम के गावों में बीपीएल राशन कार्ड ट्रांसफर नहीं होने का मुद्दा उठाया।
दोनों पार्षदों का साथ देते हुए वार्ड नंबर 20 के पार्षद जोगेंद्र चौहान ने पालनगर, विजय नगर, धौलगढ़ व नसीबपुर में पानी की भयंकर समस्या है, कई बार कहने पर भी जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां पर नया ट्यूबवेल नहीं लगाया गया है। इतना ही नहीं निगम में आने के बाद गांवों में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। चौहान ने गांवों में श्मशान घाट व जोहड़ों पर हो रहे धड़ाधड़ कब्जे का मामला भी जोर शोर से उठाया।
वार्ड नंबर 13 के पार्षद ने रमेश नगर में पार्क की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर 14 के एमसी विनोद तितोरिया ने बुजुर्गों को पेंशन मिलने में आ रही दिक्कतों को सदन के सामने गिनाया और अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। पार्षद ने बताया कि वार्ड में काफी समय से दूषित पानी आ रहा है, पर विभाग कुछ नहीं कर रहा है। वार्ड नंबर 15 के पार्षद सतीश कुमार ने सीवरेज, पानी की परेशानी गिनाई और रुके पड़े कार्यों पर अधिकारियों पर ढुलमुल रैवया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने भरे सदन में कहा कि विकास के कार्य नहीं हो रहे हैं, कई बार प्रोजेक्ट बनाकर भेजने पर भी अधिकारियों का रिस्पांस कम होता है।
खस्ताहाल हो रहे पांचवीं तक के स्कूल
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने रामनगर चल रहे एक स्कूल की लीज बढ़ाने के बारे में जब प्रस्ताव रखा तो वार्ड नंबर 2 के पार्षद बलविंद्र सिंह ने पंचायतों के अंडर आने वाले पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों की खस्ता हो रही स्थिति के बारे में अवगत कराया। इसका अन्य पार्षदों ने भी समर्थन किया और स्कूलों की मेंटेनेंस कराने की मांग की। वहीं, वार्ड नंबर 17 की पार्षद से वार्ड के अंदर बने पांचवी कक्षा तक के स्कूल को अपग्रेड कराने की बात कही।
हर माह बैठक नहीं होने का दर्द झलका
निगम हाउस की बैठक में हर माह न होने का दर्द भी पार्षदों का झलका। पार्षद बाघ सिंह ने सदन में ही विकास कार्यों को लेकर अगली बैठक का समय निर्धारित करने की मांग उठाई। पार्षद ने आरोप लगाया कि जानबूझकर बैठकें नहीं की जा रही है, लेकिन इससे वार्डों के सभी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अन्य पार्षदों द्वारा बार-बार मीटिंग की तिथि मांगने पर मेयर रेणु बाला गुप्ता ने दिसंबर माह में बैठक रखने की बात कही।
मानव सेवा संघ को जमीन देने पर पार्षद आमने-सामने
कर्ण पार्क के साथ लगती जमीन पर मानव सेवा संघ का कार्यालय चल रहा है। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने कानूनी तरीके से जमीन देने का प्रस्ताव रखा, इस पर निगम आयुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि यह अतिक्रमण है, इसे रेगुलराइज नहीं किया जा सकता। हम इस स्थान के बदले उन्हें समाज सेवा के लिए ज्यादा स्थान दे सकते हैं। उधर, इस मामले को लेकर पार्षदों ने अलग अलग राय रखी। कुछ पार्षदों ने संघ को जमीन देने की बात कही तो कुछ ने इसका विरोध किया। बाद में फैसला लिया गया कि जब तक संघ के संचालक स्वामी प्रेममूर्ति जीवित हैं, तब तक निगम अपनी जमीन नहीं छुड़वाएगा। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।