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Karnal News: कूड़ा निस्तारण में दिक्कत, प्रबंधन संयंत्र का भार कम करने की तैयारी
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- कुरुक्षेत्र, कैथल जिलों के नगरपरिषद, नगरपालिकाओं के अधिकारियों के साथ बैठक कर जगह ढूढ़ने के आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर कूड़ा निस्तारण करने में दिक्कतें आ रही हैं जिससे इलाके में गंदगी फैल रही है क्योंकि अन्य जिलों से भी यहां कचरा निस्तारण के लिए आता है। करनाल क्लस्टर की प्रमुख एवं निगमायुक्त ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये क्लस्टर के अधिकारियों की बैठक कर कुरुक्षेत्र के नगरायुक्त से कहा कि वह थानेसर नगर परिषद क्षेत्र में जगह का चयन करें। जिससे वहां कूड़ा निस्तारण प्रोसेसिंग साइट तैयार की जा सके। इससे करनाल के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर भार कम होगा और कूड़ा निस्तारण भी समय पर हो सकेगा।
करनाल क्लस्टर में करनाल नगर निगम व जिले की पांच नगर पालिकाओं के साथ-साथ कुरुक्षेत्र व कैथल जिले की 18 नगर परिषद व नगर पालिकाएं जुड़ी हैं। जिनका कचरा करनाल के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर निस्तारण के लिए भेजा जाता है। बैठक में डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि थानेसर में प्रोसेसिंग प्लांट बनने से कुरुक्षेत्र जिले की नगर परिषद व नगर पालिकाओं का कचरा वहीं पर निस्तारित हो जाएगा। निगमायुक्त ने नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि वह जल्द अपने ट्रांसफर स्टेशन पर वे-ब्रिज लगाएं। नगर पालिका से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र करनाल पर निस्तारण के लिए जितना भी कचरा भेजा जाता है, उसे संबंधित कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता व पालिका सचिव सत्यापित कर के भेजें।
एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि आगे मानसून सीजन आ रहा है, रोजाना आने वाले कचरे का शत प्रतिशत निस्तारण होना चाहिए। मानसून को लेकर कूड़ा एकत्रीकरण, परिवहन व प्लांट पर क्या-क्या तैयारियां की जानी हैं, उन्हें समय रहते कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांट पर ग्रीन बेल्ट को और बढ़ाया जाए। जिससे मानसून में उनका अच्छा विकास हो सके।
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जैविक खाद का अधिक उपयोग करें
निगमायुक्त ने प्लांट पर मौजूद जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा। शहर में मौजूद ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों में इसका उचित इस्तेमाल किया जाए। खाद ब्रिकी के स्थानीय विक्रेता से बात कर इसकी ब्रिकी करें। इसके अतिरिक्त खाद बनाने वाली एजेंसियों से बात कर इसका निपटान करवाया जाए। कूड़ा एकत्रीकरण व परिवहन कार्य में लगे सभी वाहनों को एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ दिया गया है। आईसीसीसी में कर्मचारी की तैनाती कर दी गई है, जो इस पर लगातार निगरानी रखेंगे। नगर निगम व पालिकाओं के सफाई शाखा केअधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह सफाई कार्यों की रोजाना निगरानी करें। इस कार्य में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण, परिवहन व उसका निस्तारण करने के लिए बनाए गए करनाल कलस्टर के अधिकारी, अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, उप निगम आयुक्त अभय सिंह, सफाई शाखा के कर्मचारी तथा नगर पालिकाओं के सचिव व सुगम स्वच्छता एजेंसी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर कूड़ा निस्तारण करने में दिक्कतें आ रही हैं जिससे इलाके में गंदगी फैल रही है क्योंकि अन्य जिलों से भी यहां कचरा निस्तारण के लिए आता है। करनाल क्लस्टर की प्रमुख एवं निगमायुक्त ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये क्लस्टर के अधिकारियों की बैठक कर कुरुक्षेत्र के नगरायुक्त से कहा कि वह थानेसर नगर परिषद क्षेत्र में जगह का चयन करें। जिससे वहां कूड़ा निस्तारण प्रोसेसिंग साइट तैयार की जा सके। इससे करनाल के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर भार कम होगा और कूड़ा निस्तारण भी समय पर हो सकेगा।
करनाल क्लस्टर में करनाल नगर निगम व जिले की पांच नगर पालिकाओं के साथ-साथ कुरुक्षेत्र व कैथल जिले की 18 नगर परिषद व नगर पालिकाएं जुड़ी हैं। जिनका कचरा करनाल के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर निस्तारण के लिए भेजा जाता है। बैठक में डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि थानेसर में प्रोसेसिंग प्लांट बनने से कुरुक्षेत्र जिले की नगर परिषद व नगर पालिकाओं का कचरा वहीं पर निस्तारित हो जाएगा। निगमायुक्त ने नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि वह जल्द अपने ट्रांसफर स्टेशन पर वे-ब्रिज लगाएं। नगर पालिका से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र करनाल पर निस्तारण के लिए जितना भी कचरा भेजा जाता है, उसे संबंधित कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता व पालिका सचिव सत्यापित कर के भेजें।
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एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि आगे मानसून सीजन आ रहा है, रोजाना आने वाले कचरे का शत प्रतिशत निस्तारण होना चाहिए। मानसून को लेकर कूड़ा एकत्रीकरण, परिवहन व प्लांट पर क्या-क्या तैयारियां की जानी हैं, उन्हें समय रहते कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांट पर ग्रीन बेल्ट को और बढ़ाया जाए। जिससे मानसून में उनका अच्छा विकास हो सके।
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जैविक खाद का अधिक उपयोग करें
निगमायुक्त ने प्लांट पर मौजूद जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा। शहर में मौजूद ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों में इसका उचित इस्तेमाल किया जाए। खाद ब्रिकी के स्थानीय विक्रेता से बात कर इसकी ब्रिकी करें। इसके अतिरिक्त खाद बनाने वाली एजेंसियों से बात कर इसका निपटान करवाया जाए। कूड़ा एकत्रीकरण व परिवहन कार्य में लगे सभी वाहनों को एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ दिया गया है। आईसीसीसी में कर्मचारी की तैनाती कर दी गई है, जो इस पर लगातार निगरानी रखेंगे। नगर निगम व पालिकाओं के सफाई शाखा केअधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह सफाई कार्यों की रोजाना निगरानी करें। इस कार्य में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण, परिवहन व उसका निस्तारण करने के लिए बनाए गए करनाल कलस्टर के अधिकारी, अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, उप निगम आयुक्त अभय सिंह, सफाई शाखा के कर्मचारी तथा नगर पालिकाओं के सचिव व सुगम स्वच्छता एजेंसी प्रतिनिधि मौजूद रहे।