{"_id":"65f00438b62f7dfb8a08c102","slug":"private-schools-have-been-doing-admissions-for-two-months-notification-of-form-6-has-come-now-karnal-news-c-18-knl1008-345746-2024-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: निजी स्कूल दो माह से कर रहे दाखिले, फार्म-6 की अधिसूचना अब आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: निजी स्कूल दो माह से कर रहे दाखिले, फार्म-6 की अधिसूचना अब आई
विज्ञापन
- एडवांस फीस भी वसूल रहे, विभाग ने 31 मार्च तक मांगा फार्म-6 का ब्योरा, तभी बढ़ा सकेंगे फीस
- फार्म-6 नहीं भरा तो पुराने सत्र की फीस ही होगी लागू, विभाग की व्यवस्था पर अभिभावक भी उठा रहे सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को 31 मार्च तक एमआईएस पोर्टल पर फार्म-6 भरने के निर्देश दिए हैं। जिसमें उन्हें स्कूल खर्च व आय का ब्योरा देना होता है। साथ ही आगामी सत्र में ली जाने वाली वार्षिक व मासिक फीस, छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं, अध्यापकों को दी जाने वाली तनख्वाह का ब्योरा मांगा है। अगर कोई स्कूल फार्म नहीं भरता तो स्कूल को पिछली फीस ही अगले सत्र में लेनी होती है।
लेकिन जिले में कई स्कूलों ने जनवरी माह की शुरुआत से ही नए शिक्षा सत्र के दाखिले करना शुरू कर दिए थे। इसमें अभिभावकों से मनमर्जी से एडवांस में फीस भी ली जा रही है। जिले में पहली से 12वीं तक 350 से ज्यादा प्राइमरी से सीनियर सेकेंडरी तक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। अभिभावकों का कहना है कि नए सत्र के लिए प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, केजी, एलकेजी व अन्य कक्षाओं में काफी दाखिले हो चुके हैं और अभिभावकों से आगामी शिक्षा सत्र में अपनी मर्जी से बढ़ाई गई ट्यूशन व दाखिला फीस दो महीने पहले ही एडवांस में वसूल ली है। अब विभाग स्कूलों से पूछ रहा है कि कितनी फीस लोगे। बता दें कि पिछले कई सत्र में नामी स्कूलों के बाहर फीस या अन्य फंड बढ़ोतरी को लेकर अभिभावक विरोध जता चुके हैं।
अभिभावक एवं एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि स्कूलों द्वारा फार्म-6 भरने की चेकिंग नहीं की जाती। एक कमेटी द्वारा स्कूलों द्वारा भरे गए फार्म की चेकिंग होनी चाहिए। चेकिंग के बाद विभाग को ये भी निर्देश देने चाहिए कि कौन-कौन से स्कूल फीस बढ़ा सकते हैं। विभाग द्वारा कोई ऐसी लिस्ट जारी नहीं की जाती कि कौन से स्कूल फीस बढ़ा सकेंगे या कौन से नहीं।
विज्ञापन
ऐसे भर सकते हैं फार्म-6
शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर दिए गए सेक्शन ऑनलाइन एप्लिकेशन के तहत फॉर्म-6 भरा जाना है, जिसका सीधा लिंक भी जारी किया गया है। स्कूल एमआईएस पोर्टल के माध्यम से यूजर नेम और पासवर्ड द्वारा ही लॉग इन कर सकते हैं। यदि किसी स्कूल का यूजर नेम और पासवर्ड सही काम नहीं कर रहा है तो एमआईएस पोर्टल पर जाकर फॉरगेट पासवर्ड करके अपना पुराना पासवर्ड बदल सकते हैं।
फीस बढ़ाने का कारण भी बताएंगे स्कूल
निजी स्कूल अगर फीस में बढ़ोतरी करते है तो स्कूल संचालकों द्वारा नए सत्र में क्या सुविधा दी जाएगी, क्या खर्च बढ़ा हैं व फीस बढ़ाने की जानकारी विभाग को आनलाइन पोर्टल पर देनी होगी। इसमें उन्हें यह भी बताना होगा कि आखिर क्यों उन्हें फीस बढ़ानी पड़ रही है। पिछले वर्ष कितनी फीस ली जा रही थी। अबकी बार क्या ली जाएगी।
मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 31 मार्च तक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन फार्म-6 भरना होगा। विभाग के निर्देश हैं कि अगर कोई स्कूल ऑनलाइन आवेदन नहीं करता तो यह समझ लिया जाएगा कि स्कूल में इस सत्र में ली जा रही फीस ही अगले सत्र में मान्य होगी। बिना फार्म भरने वाले स्कूल अगर फीस बढ़ाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
- फार्म-6 नहीं भरा तो पुराने सत्र की फीस ही होगी लागू, विभाग की व्यवस्था पर अभिभावक भी उठा रहे सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को 31 मार्च तक एमआईएस पोर्टल पर फार्म-6 भरने के निर्देश दिए हैं। जिसमें उन्हें स्कूल खर्च व आय का ब्योरा देना होता है। साथ ही आगामी सत्र में ली जाने वाली वार्षिक व मासिक फीस, छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं, अध्यापकों को दी जाने वाली तनख्वाह का ब्योरा मांगा है। अगर कोई स्कूल फार्म नहीं भरता तो स्कूल को पिछली फीस ही अगले सत्र में लेनी होती है।
लेकिन जिले में कई स्कूलों ने जनवरी माह की शुरुआत से ही नए शिक्षा सत्र के दाखिले करना शुरू कर दिए थे। इसमें अभिभावकों से मनमर्जी से एडवांस में फीस भी ली जा रही है। जिले में पहली से 12वीं तक 350 से ज्यादा प्राइमरी से सीनियर सेकेंडरी तक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। अभिभावकों का कहना है कि नए सत्र के लिए प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, केजी, एलकेजी व अन्य कक्षाओं में काफी दाखिले हो चुके हैं और अभिभावकों से आगामी शिक्षा सत्र में अपनी मर्जी से बढ़ाई गई ट्यूशन व दाखिला फीस दो महीने पहले ही एडवांस में वसूल ली है। अब विभाग स्कूलों से पूछ रहा है कि कितनी फीस लोगे। बता दें कि पिछले कई सत्र में नामी स्कूलों के बाहर फीस या अन्य फंड बढ़ोतरी को लेकर अभिभावक विरोध जता चुके हैं।
विज्ञापन
अभिभावक एवं एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि स्कूलों द्वारा फार्म-6 भरने की चेकिंग नहीं की जाती। एक कमेटी द्वारा स्कूलों द्वारा भरे गए फार्म की चेकिंग होनी चाहिए। चेकिंग के बाद विभाग को ये भी निर्देश देने चाहिए कि कौन-कौन से स्कूल फीस बढ़ा सकते हैं। विभाग द्वारा कोई ऐसी लिस्ट जारी नहीं की जाती कि कौन से स्कूल फीस बढ़ा सकेंगे या कौन से नहीं।
विज्ञापन
ऐसे भर सकते हैं फार्म-6
शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर दिए गए सेक्शन ऑनलाइन एप्लिकेशन के तहत फॉर्म-6 भरा जाना है, जिसका सीधा लिंक भी जारी किया गया है। स्कूल एमआईएस पोर्टल के माध्यम से यूजर नेम और पासवर्ड द्वारा ही लॉग इन कर सकते हैं। यदि किसी स्कूल का यूजर नेम और पासवर्ड सही काम नहीं कर रहा है तो एमआईएस पोर्टल पर जाकर फॉरगेट पासवर्ड करके अपना पुराना पासवर्ड बदल सकते हैं।
फीस बढ़ाने का कारण भी बताएंगे स्कूल
निजी स्कूल अगर फीस में बढ़ोतरी करते है तो स्कूल संचालकों द्वारा नए सत्र में क्या सुविधा दी जाएगी, क्या खर्च बढ़ा हैं व फीस बढ़ाने की जानकारी विभाग को आनलाइन पोर्टल पर देनी होगी। इसमें उन्हें यह भी बताना होगा कि आखिर क्यों उन्हें फीस बढ़ानी पड़ रही है। पिछले वर्ष कितनी फीस ली जा रही थी। अबकी बार क्या ली जाएगी।
मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 31 मार्च तक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन फार्म-6 भरना होगा। विभाग के निर्देश हैं कि अगर कोई स्कूल ऑनलाइन आवेदन नहीं करता तो यह समझ लिया जाएगा कि स्कूल में इस सत्र में ली जा रही फीस ही अगले सत्र में मान्य होगी। बिना फार्म भरने वाले स्कूल अगर फीस बढ़ाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी