{"_id":"631e4b9e7db11c6fe64a4a66","slug":"preparation-to-regularize-30-illegal-colonies-of-urban-area-karnal-news-knl1208348156","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगरीय क्षेत्र की 30 अवैध कॉलोनियां नियमित करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगरीय क्षेत्र की 30 अवैध कॉलोनियां नियमित करने की तैयारी
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम एवं नगरपालिकाओं के शहरी क्षेत्र की 30 अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की कवायद शुरू कर दी गई है। इनके मानचित्र तैयार कर लिए हैं, उन्हें अभी हरियाणा सरकार के मानकों पर परखना शेष है। जिसके लिए जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ ने लाइसेंसी कॉलोनियों एवं नगरीय सीमा की कॉलोनियों के कॉलोनाइजर्स की बैठकें बुलाई हैं।
शहर में सीएचडी कॉलोनी, अल्फा इंटरनेशनल कॉलोनी, पार्श्वनाथ कॉलोनी आदि कई निजी लाइसेंस वाली कॉलोनियां हैं। इनकी सड़कें जिला नगर योजनाकार को सौंपी जानी है। इतना ही नहीं पिछले कई लाइसेंसी कॉलोनियों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने डीटीपी से शिकायतें की कि वहां के कॉलोनाइजर कॉलोनी काटने के दौरान बताई गई नियम-शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। अल्फा सिटी आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रो.जोगेंद्र सिंह ने डीटीपी से मिलकर शिकायत की थी कि कॉलोनी में सड़कें नीची हैं, जो बारिश के दौरान तालाब बन जाती हैं, यहां पार्कों में स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। सीवरेज लाइन को निगम की मुख्य सीवरलाइन में नहीं जोड़ा गया है।
सीएचडी सिटी के आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी तो अक्सर विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं, वहां न तो सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है न ही घरों और पार्कों आदि का बिल अलग किया जा रहा है। सरकारी रेट से अधिक बिजली बिल की भी लंबे समय से शिकायत की जाती रही है। नरसी विलेज कॉलोनी आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान ईलम सिंह कॉलोनाइजर द्वारा अधूरे विकास कार्य पूरी नहीं करने की शिकायतें मुख्यमंत्री से भी कर चुके हैं। दो बार वहां के लोग धरने पर भी बैठ चुके हैं। डीटीपी ने इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए कॉलोनी के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों व कॉलोनाइजर दोनों के साथ बैठकें की हैं, काफी हद तक समस्या का समाधान की ओर कदम बढ़े भी हैं, लेकिन निदान अभी हुआ नहीं है। इसके अलावा जिले में सवा सौ से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं, जिनमें पिछले दिनों तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई थी। लेकिन इसी बीच नई पालिसी आने के कारण फिलहाल कार्रवाई बंद है।
विज्ञापन
डीटीपी आरएस बाठ ने बताया कि लाइसेंसी कॉलोनियों के कॉलोनाइजर्स की 13 सितंबर को डीटीपी कार्यालय में बैठक बुलाई गई है, क्योंकि यहां सड़कें आदि कॉलोनाइजर्स को तैयार करनी हैं, जिन्हें उनके विभाग को सौंपा जाना है। अधिकांश क़ॉलोनियों में अभी बहुत सी सड़कों को डीटीपी को नहीं सौंपा गया है। इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र के जेई, एमई आदि अधिकारियों की बैठक भी 14 सितंबर को निगम में बुलाई गई है ताकि कॉलोनियों की स्थिति और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जा सके।
शहरी सीमा के बाहर के कॉलोनाइजर गंभीर नहीं
जुलाई महीने में हरियाणा सरकार ने नई नगरयोजना नीति जारी की। जिसमें शहरी सीमा से बाहर विकसित हुई अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण का भी मौका दिया गया। जिला नगर योजनाकार ने इसके लिए अवैध कॉलोनियों का निरीक्षण किया है। 70 से अधिक ऐसी कॉलोनियों के लोगों, कॉलोनाइजरों, आरडब्ल्यूए को अपनी कॉलोनी नियमित कराने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन हैरत की बात है कि न तो कॉलोनाइजर इन कॉलोनियों को नियमित कराने के प्रति गंभीर हैं न ही वहां के नागरिक। इन्हें डीटीपी की ओर से चेतावनी भी दी गई है कि दी गई समयावधि में आवेदन कर कॉलोनी को नियमित करा लें, अन्यथा तोड़फोड़ की जाएगी।
नगर निगम व जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में जितनी भी अवैध कॉलोनियां हैं, उनमें 30 कॉलोनियों के पहले नियमितीकरण की तैयारी की जा रही है। इन सभी के मानचित्र तैयार कर लिए हैं। ये कॉलोनियां कितने प्रतिशत विकसित हैं, सड़क, सीवर, पेयजल आदि का कितना निर्माण हुआ है। कोई सड़क ग्रीन बेल्ट में तो नहीं है। इसके अलावा जो हरियाणा सरकार के मानक हैं, उन पर यह कॉलोनियां कितना खरी उतरती हैं, यह देखा जाएगा। इन सभी के लिए बैठकों में चर्चा की जाएगी। इसके बाद कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए अनुमोदन दिया जाएगा।
आरएस बाठ, जिला नगर योजनाकार
विज्ञापन
करनाल। नगर निगम एवं नगरपालिकाओं के शहरी क्षेत्र की 30 अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की कवायद शुरू कर दी गई है। इनके मानचित्र तैयार कर लिए हैं, उन्हें अभी हरियाणा सरकार के मानकों पर परखना शेष है। जिसके लिए जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ ने लाइसेंसी कॉलोनियों एवं नगरीय सीमा की कॉलोनियों के कॉलोनाइजर्स की बैठकें बुलाई हैं।
शहर में सीएचडी कॉलोनी, अल्फा इंटरनेशनल कॉलोनी, पार्श्वनाथ कॉलोनी आदि कई निजी लाइसेंस वाली कॉलोनियां हैं। इनकी सड़कें जिला नगर योजनाकार को सौंपी जानी है। इतना ही नहीं पिछले कई लाइसेंसी कॉलोनियों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने डीटीपी से शिकायतें की कि वहां के कॉलोनाइजर कॉलोनी काटने के दौरान बताई गई नियम-शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। अल्फा सिटी आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रो.जोगेंद्र सिंह ने डीटीपी से मिलकर शिकायत की थी कि कॉलोनी में सड़कें नीची हैं, जो बारिश के दौरान तालाब बन जाती हैं, यहां पार्कों में स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। सीवरेज लाइन को निगम की मुख्य सीवरलाइन में नहीं जोड़ा गया है।
विज्ञापन
सीएचडी सिटी के आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी तो अक्सर विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं, वहां न तो सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है न ही घरों और पार्कों आदि का बिल अलग किया जा रहा है। सरकारी रेट से अधिक बिजली बिल की भी लंबे समय से शिकायत की जाती रही है। नरसी विलेज कॉलोनी आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान ईलम सिंह कॉलोनाइजर द्वारा अधूरे विकास कार्य पूरी नहीं करने की शिकायतें मुख्यमंत्री से भी कर चुके हैं। दो बार वहां के लोग धरने पर भी बैठ चुके हैं। डीटीपी ने इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए कॉलोनी के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों व कॉलोनाइजर दोनों के साथ बैठकें की हैं, काफी हद तक समस्या का समाधान की ओर कदम बढ़े भी हैं, लेकिन निदान अभी हुआ नहीं है। इसके अलावा जिले में सवा सौ से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं, जिनमें पिछले दिनों तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई थी। लेकिन इसी बीच नई पालिसी आने के कारण फिलहाल कार्रवाई बंद है।
विज्ञापन
डीटीपी आरएस बाठ ने बताया कि लाइसेंसी कॉलोनियों के कॉलोनाइजर्स की 13 सितंबर को डीटीपी कार्यालय में बैठक बुलाई गई है, क्योंकि यहां सड़कें आदि कॉलोनाइजर्स को तैयार करनी हैं, जिन्हें उनके विभाग को सौंपा जाना है। अधिकांश क़ॉलोनियों में अभी बहुत सी सड़कों को डीटीपी को नहीं सौंपा गया है। इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र के जेई, एमई आदि अधिकारियों की बैठक भी 14 सितंबर को निगम में बुलाई गई है ताकि कॉलोनियों की स्थिति और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जा सके।
शहरी सीमा के बाहर के कॉलोनाइजर गंभीर नहीं
जुलाई महीने में हरियाणा सरकार ने नई नगरयोजना नीति जारी की। जिसमें शहरी सीमा से बाहर विकसित हुई अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण का भी मौका दिया गया। जिला नगर योजनाकार ने इसके लिए अवैध कॉलोनियों का निरीक्षण किया है। 70 से अधिक ऐसी कॉलोनियों के लोगों, कॉलोनाइजरों, आरडब्ल्यूए को अपनी कॉलोनी नियमित कराने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन हैरत की बात है कि न तो कॉलोनाइजर इन कॉलोनियों को नियमित कराने के प्रति गंभीर हैं न ही वहां के नागरिक। इन्हें डीटीपी की ओर से चेतावनी भी दी गई है कि दी गई समयावधि में आवेदन कर कॉलोनी को नियमित करा लें, अन्यथा तोड़फोड़ की जाएगी।
नगर निगम व जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में जितनी भी अवैध कॉलोनियां हैं, उनमें 30 कॉलोनियों के पहले नियमितीकरण की तैयारी की जा रही है। इन सभी के मानचित्र तैयार कर लिए हैं। ये कॉलोनियां कितने प्रतिशत विकसित हैं, सड़क, सीवर, पेयजल आदि का कितना निर्माण हुआ है। कोई सड़क ग्रीन बेल्ट में तो नहीं है। इसके अलावा जो हरियाणा सरकार के मानक हैं, उन पर यह कॉलोनियां कितना खरी उतरती हैं, यह देखा जाएगा। इन सभी के लिए बैठकों में चर्चा की जाएगी। इसके बाद कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए अनुमोदन दिया जाएगा।
आरएस बाठ, जिला नगर योजनाकार