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मंडियों में आ रहा पीआर धान, सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर किसान
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इंद्री (करनाल)। अनाज मंडियों में पीआर धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने से किसान सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार व्यापारी अनाज मंडी कर्मचारियों से मिलकर इस धान को सस्ते दामों पर खरीद रहे हैं, ताकि बाद में इसी धान को एमएसपी पर बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमाया जा सके।
मंडी पहुंच रहे किसान राजेश कुमार, अनिल कुमार, दुष्यंत और विनोद ने बताया कि जिले की सभी अनाज मंडियों में तो पीआर धान नहीं आता है, लेकिन उत्तरप्रदेश की सीमा से सटी तरावड़ी आदि अनाज मंडियों में एक सितंबर से ही पीआर धान की आवक शुरू हो जाती है। फिलहाल सीएमआर का कार्य करने वाले कुछ राइस मिलर्स पीआर धान खरीद रहे हैं, परंतु मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड में इसका कोई इंद्राज नहीं है। इस ओर न खरीद एजेंसियों का ध्यान है और न ही जिला प्रशासन का। यही कारण है कि किसान 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद करने की मांग कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि अनाज मंडी के कर्मचारी नाममात्र का ही गेटपास काट रहे हैं। राइस मिलर्स और आढ़ती लगातार इस धान को 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीद रहे हैं।
मंडी गेट पर ही काटना होता है गेटपास
तरावड़ी के रिंकू ने बताया कि अनाज मंडी के एंट्री गेट पर ही फसल लेकर आए किसान की ढेरी का गेट पास काटना होता है। उसके बाद जिन ट्रकों के माध्यम से राइस मिलर धान को मिल में ले जाते हैं, उसका भी गेट पास काटना अनिवार्य होता है, परन्तु इंद्री अनाज मंडी के गेट पर कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है जो गेट पास काटे। जाहिर सी बात है कि बिना गेट पास के धान खरीदी और बेची जा रही है।
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सरकारी खरीद शुरू होने के बाद की जाएगी एडजेस्टमेंट
इनेलो नेता प्रदीप कांबोज का कहना है कि पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू होने में अभी काफी दिन हैं परंतु फसल मंडी में आनी शुरू हो चुकी है। कुछ राइस मिलर्स 1500 से लेकर 1600 रुपये तक की दर से धान खरीद कर रहे हैं। सरकारी खरीद शुरू होने पर आढ़ती द्वारा इस धान के पर्चे सरकारी रेट के हिसाब से काटे जाएंगे, जिससे मिलर्स व आढ़ती को भारी मुनाफा होगा। प्रशासन को अनाज मंडी के गेट पर गेट पास काटने चाहिए ताकि इस गोलमाल को रोका जा सके।
इस तरह समझिए आढ़ती और राइस मिलर का खेल
सरकार ने पीआर धान का रेट करीब 1960 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन राइस मिलर उसे 1500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेगा और जमींदार को 1500 के हिसाब से ही भुगतान देगा। इसी रेट के अनुसार राइस मिलर आढ़ती को 2.50 प्रतिशत कमीशन भी देगा। इसके बाद इसी फसल का पर्चा सरकारी रेट पर कटेगा और राइस मिलर व आढ़ती करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मुनाफा कमाएंगे।
कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यालय से काट रहे हैं गेटपास
मंडी में आने वाली प्रत्येक ढेरी का गेट पास काटा जा रहा है। अभी आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण गेटपास ऑफिस से काटे जा रहे है। मंडी में किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं बरती जा रही है।
-राजकुमार, सचिव मार्केट कमेटी इंद्री।
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फोटो कैप्शन ऱ् मंडी में आई पीआर धान
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मंडी पहुंच रहे किसान राजेश कुमार, अनिल कुमार, दुष्यंत और विनोद ने बताया कि जिले की सभी अनाज मंडियों में तो पीआर धान नहीं आता है, लेकिन उत्तरप्रदेश की सीमा से सटी तरावड़ी आदि अनाज मंडियों में एक सितंबर से ही पीआर धान की आवक शुरू हो जाती है। फिलहाल सीएमआर का कार्य करने वाले कुछ राइस मिलर्स पीआर धान खरीद रहे हैं, परंतु मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड में इसका कोई इंद्राज नहीं है। इस ओर न खरीद एजेंसियों का ध्यान है और न ही जिला प्रशासन का। यही कारण है कि किसान 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद करने की मांग कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि अनाज मंडी के कर्मचारी नाममात्र का ही गेटपास काट रहे हैं। राइस मिलर्स और आढ़ती लगातार इस धान को 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीद रहे हैं।
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मंडी गेट पर ही काटना होता है गेटपास
तरावड़ी के रिंकू ने बताया कि अनाज मंडी के एंट्री गेट पर ही फसल लेकर आए किसान की ढेरी का गेट पास काटना होता है। उसके बाद जिन ट्रकों के माध्यम से राइस मिलर धान को मिल में ले जाते हैं, उसका भी गेट पास काटना अनिवार्य होता है, परन्तु इंद्री अनाज मंडी के गेट पर कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है जो गेट पास काटे। जाहिर सी बात है कि बिना गेट पास के धान खरीदी और बेची जा रही है।
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सरकारी खरीद शुरू होने के बाद की जाएगी एडजेस्टमेंट
इनेलो नेता प्रदीप कांबोज का कहना है कि पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू होने में अभी काफी दिन हैं परंतु फसल मंडी में आनी शुरू हो चुकी है। कुछ राइस मिलर्स 1500 से लेकर 1600 रुपये तक की दर से धान खरीद कर रहे हैं। सरकारी खरीद शुरू होने पर आढ़ती द्वारा इस धान के पर्चे सरकारी रेट के हिसाब से काटे जाएंगे, जिससे मिलर्स व आढ़ती को भारी मुनाफा होगा। प्रशासन को अनाज मंडी के गेट पर गेट पास काटने चाहिए ताकि इस गोलमाल को रोका जा सके।
इस तरह समझिए आढ़ती और राइस मिलर का खेल
सरकार ने पीआर धान का रेट करीब 1960 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन राइस मिलर उसे 1500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेगा और जमींदार को 1500 के हिसाब से ही भुगतान देगा। इसी रेट के अनुसार राइस मिलर आढ़ती को 2.50 प्रतिशत कमीशन भी देगा। इसके बाद इसी फसल का पर्चा सरकारी रेट पर कटेगा और राइस मिलर व आढ़ती करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मुनाफा कमाएंगे।
कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यालय से काट रहे हैं गेटपास
मंडी में आने वाली प्रत्येक ढेरी का गेट पास काटा जा रहा है। अभी आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण गेटपास ऑफिस से काटे जा रहे है। मंडी में किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं बरती जा रही है।
-राजकुमार, सचिव मार्केट कमेटी इंद्री।
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फोटो कैप्शन ऱ् मंडी में आई पीआर धान
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