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रसगुल्ले में मिला घटिया रंग, घी, दूध, सरसों के तेल में भी मिलावट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 02:01 AM IST
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Poor color found in rasgulla, adulteration in ghee, milk, mustard oil too
राकेश चौहान
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करनाल। त्योहारी सीजन में दूध में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में हुआ है। इस वर्ष जिले में खाद्य सामग्री के 40 सैंपल लिए गए थे। इनमें से नौ की रिपोर्ट आ गई है। जिसमें दूध के छह सैंपल फेल पाए गए हैं। वहीं सरसों के तेल और देसी घी का भी सैंपल फेल हुआ है। रसगुल्ले का भी सैंपल फेल आया है, जिसमें घटिया किस्म का रंग प्रयोग किया गया है। अभी 31 सैंपलों की रिपोर्ट आनी है।
इससे जाहिर है कि जिले में खाद्य सामग्री में मिलावट का काम तेजी से चल रहा है। मिठाइयों, मसालों, तेल से लेकर दूध तक में मिलावट की जा रही है। इसकी सूचनाओं पर सीएम उड़नदस्ते की टीम भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ मिलकर छापामारी कर रही है इसके बावजूद यह कार्य जारी है। 2021 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा विभिन्न खाद्य सामग्री के 360 सैंपल लिए थे। इनमें से 86 सैंपल फेल आए थे। संवाद
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16 लाख की आबादी, एक टीम ले रही सैंपल
जिले में करीब 16 लाख की आबादी है और हजारों खाद्य सामग्री की दुकानें है लेकिन इन दुकानों पर सैंपल लेने के लिए जिले में मात्र एक टीम है। जिसमें चार सदस्य हैं। टीम के अभाव के कारण ही जिले में मिलावट का यह खेल चल रहा है, क्योंकि एक टीम पूरे जिले में त्योहार के समय ज्यादा सैंपल नहीं ले सकती।
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दो जगह सीएम फ्लाइंग ने मारा था छापा
दूध में मिलावट की सूचना पर बीते दिनों सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम दो जगहों पर छापा मार चुकी है। 24 फरवरी को मेरठ रोड स्थित गुडरिच डेयरी प्रोडक्ट पर छापा मारकर भारी मात्रा में दूध, खुले में रखा घी और क्रीम जब्त किया था। यहां फ्लेवर्ड दूध की 8664 बोतलें एक्सपायर तिथि की मिलीं, जिन्हें टीम ने मौके पर नष्ट कर दिया था। वहीं कुछ दिन पहले यूपी से मिलावटी दूध लाकर शहर में सप्लाई होने की सूचना पर एक कैंटर को रुकवाकर दूध के सैंपल लिए गए थे।
रिपोर्ट आने से पहले खाद्य सामग्री का सेवन कर लेते हैं लोग
शहरवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता हर त्योहारी सीजन में छापामारी करता है लेकिन जब तक उस खाद्य सामग्री की रिपोर्ट आती है तब तक लोग उसका उपयोग कर चुके होेते हैं। बाद में सैंपल फेल होने पर क्या फायदा। उन्होंने कहा कि सैंपल की जल्द रिपोेर्ट आनी चाहिए और तब तक उस खाद्य सामग्री को भी सील करना चाहिए।

खाद्य सामग्री को लेकर टीम लगातार सैंपल लेती रहती है। इस वर्ष अभी तक 40 सैंपल लिए गए थे। इनमें से नौ सैंपलों की रिपोर्ट आई है जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें छह दूध और एक-एक घी, सरसों का तेल व रसगुल्ले के सैंपल हैं। लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री मिले। इसके लिए टीम निरंतर सैंपलिंग कर रही है।
डॉ. संदीप कादियान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, करनाल
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