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Karnal News: रिफाइनरी में धरने पर डटे किसानों को पुलिस ने हटाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 03:36 AM IST
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Police removed the farmers who were sitting on dharna at the refinery
- अधिग्रहित की गई जमीन की बकाया मुआवजा राशि के लिए आंदोलन कर रहे थे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक/घरौंडा। रिफाइनरी रोड स्थित नई टाउनशिप एक्सटेंशन के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बकाया मुआवजे के लिए किसान दो महीने से धरना दे रहे थे, जिन्हें रिफाइनरी प्रशासन ने पुलिस बल के साथ हटवा दिया है। जिससे किसानों में नाराजगी है।
लगभग 77 एकड़ भूमि खोरा खेड़ी, रायपुर जाटान और शेखपुरा गांवों के किसानों से अधिग्रहित की गई थी। जिसमें से पहली किस्त के रूप में 1.06 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया था। बकाया राशि देने का वादा छह माह में पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी भुगतान नहीं होने से आक्रोशित किसान धरने पर बैठ गए थे। शुक्रवार को प्रशासन ने उन्हें बलपूर्वक हटा दिया। बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य दोबारा शुरू कर दिया।
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किसानों का कहना है कि जमीन के सौदे में रिफाइनरी के दो अधिकारियों, दो किसानों और एक प्रॉपर्टी डीलर की संयुक्त कमेटी बनाई गई थी, ताकि लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे। किसानों का आरोप है कि इसमें कमेटी ने अतिरिक्त धन की मांग की तो सही मूल्य पर जमीन बिकती देख उन्होंने यह राशि देना स्वीकार किया और कुछ हिस्से का भुगतान भी कर दिया। लेकिन इसके बाद रिफाइनरी प्रशासन ने बकाया राशि देने से इनकार कर दिया। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
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किसानों और धरने पर बैठीं महिलाओं ने बताया कि बीते एक सप्ताह से उनके घरों की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई है। आने-जाने के रास्तों पर भी गड्ढे खोद दिए गए हैं, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसान मांग कर रहे हैं कि उन्हें उनकी बकाया राशि तुरंत दी जाए और जिन लोगों ने उनके साथ धोखाधड़ी की है, उन पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन किसानों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया गया है, उनकी बिजली-पानी की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए।



रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक एमएल डहरिया ने कहा कि किसानों से ज़मीन खरीदी गई थी और उनकी संपूर्ण भुगतान राशि दी जा चुकी है। जमीन का पंजीकरण भी आइओसीएल के नाम पर हो चुका है। रिश्वत के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया और कहा कि कुछ लोग जानबूझकर मामले को तूल दे रहे हैं।
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