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Karnal News: अगेती डीडब्ल्यू 327 और पछेती जेके 261 किस्म से गेहूं उत्पादन बढ़ने की योजना

Tue, 30 Dec 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Tue, 30 Dec 2025 01:55 AM IST
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Plan to increase wheat production through early DW 327 and late JK 261 varieties
गेहूं अनुसंधान में उगाई गई गेहूं की फसल स्वयं
जितेंद्र नरवाल
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करनाल। विश्व में तीसरे सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादन करने वाले देश भारत में अबकी बार छह लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल रकबा घट गया है। बावजूद इसके कृषि वैज्ञानिक गेहूं की दो किस्मों पर भरोसा जताते हुए इस घटते रकबे में ज्यादा उत्पादन की योजना बना रहे हैं। 2025-26 सीजन की बात करें तो अबकी बार देश में 32.2 मिलियन हेक्टेयर में गेहूं उत्पादन हो रहा है। जबकि इस क्षेत्रफल से 119 मिलियन टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले 2024-25 के सीजन में देश में इससे छह लाख हेक्टेयर ज्यादा 32.8 मिलियन हेक्टेयर के रकबे पर गेहूं की बिजाई की गई थी जिससे 117.51 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन मिला। अबकी बार छह लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल कम होने के बाद भी गेहूं की दो मुख्य किस्मों पर करीब एक मिलियन टन गेहूं का उत्पादन ज्यादा कराने की संभावना है।

भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी गेहूं की दो किस्में अबकी बार किसानों को उत्पादन में ज्यादा लाभ देगी। उनकी अगेती फसल डीडब्ल्यू 327 और पछेती फसल जेके 261 का जिक्र करते हुए कहा कि ये सबसे ज्यादा उपजाऊ और ज्यादा उत्पादन देने वाली किस्में हैं। हालांकि उन्होंने अन्य किस्मों को भी बेहतर बताया। जिसमें डीडब्लयू 370, 371, 372, 187, 303, 222 और पीडब्लयूडी में 826 और 872 की भी देश में काफी बिजाई की गई है। पछेती गेहूं की फसलों पर उन्होंने कहा कि इसमें डीबीडब्ल्यू 173, पीडब्लयूबी 752, 771 और एटडी 3059 की भी बिजाई गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं की ये किस्में सबसे ज्यादा उत्पादन, बेहतरीन गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता रखती हैं।
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विश्व में 794 मिलियन टन उत्पादन में है भारत की मुख्य भूमिका

विश्व में सबसे ज्यादा गेहूं चीन में फिर यूरोपीय संघ में होता है। इसके बाद भारत गेहूं उत्पादन में तीसरे नंबर पर है। विश्व में करीब 794 मिलियन टन उत्पादन में भारत की भूमिका करीब 117 मिलियन टन के आसपास होती है। भारत में भी सबसे ज्यादा गेहूं उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब और चौथे नंबर पर हरियाणा आता है। हरियाणा में करीब 12 मिलियन टन गेहूं का हर साल उत्पादन होता है। 10 साल में उत्पादन की बात करें तो 2015-16 में देश में गेहूं उत्पादन 92.29 मिलियन टन था जबकि अबकी बार इससे करीब 25 मिलियन टन बढ़ गया है।
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वर्जन
अबकी गेहूं का रकबा 32.2 मिलियन हेक्टेयर है जबकि उत्पादन का लक्ष्य 119 मिलियन रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में गेहूं की किस्में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
- डॉ. रतन तिवारी, निदेशक, भारतीय गेहूं और जौं अनुसंधान केंद्र
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