फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   People in JD of black cataract with aging

Karnal News: उम्र बढ़ने के साथ काला मोतिया की जद में लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Mar 2023 02:22 AM IST
विज्ञापन
People in JD of black cataract with aging
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। जिले में काला मोतियाबिंद की बजाय सफेद मोतियाबिंद अधिक बढ़ रहा है। जिसके सिविल अस्पताल में रोजाना दो से तीन ऑपरेशन हो रहे हैं, लेकिन अस्पताल में काला मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का इलाज नहीं होता। ओपीडी में बैठे डॉक्टर ऐसे मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज या पीजीआई चंडीगढ़ भेजने तक सीमित हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतिका भटनागर ने बताया कि गलत खानपान और बढ़ता हुआ प्रदूषण हमारी आंखों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। जिसकी वजह से लोग अपनी आंखों की रोशनी खोने लगते हैं और आंखों में और भी कई तरह की गंभीर परेशानियां हो जाती हैं। जिनमें से मोतियाबिंद और काला मोतियाबिंद भी एक है।
आज के असंतुलित जीवनशैली के कारण ही 40 की उम्र पार करते ही लोगों को काला मोतियाबिंद जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। जिले में प्रतिमाह 20 से अधिक लोगों को काला मोतियाबिंद की शिकायतें मिल रही हैं। जिन्हें वे हायर सेंटर रेफर कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बार ''दुनिया उज्जवल है अपनी दृष्टि बचाओ'' थीम पर विश्व ग्लूकोमा दिवस यानी काला मोतियाबिंद दिवस मनाएगा। जिसके प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन

काला मोतियाबिंद के नहीं शुरुआती लक्षण

डॉ. नीतिका ने बताया कि आमतौर पर काला मोतियाबिंद के कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। जिससे व्यक्ति को पता नहीं चलता है कि उसे काला मोतियाबिंद है। धीरे-धीरे आंखों की रोशनी खोने लगती है। काला मोतियाबिंद होने से आंखों की ऑप्टिक नर्व पर काफी दबाव पड़ने लगता है और ऐसा लगातार होने पर ऑप्टिव नर्व हमेशा के लिए नष्ट भी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक बार हो जाए तो नहीं होता ठीक

डॉक्टरों ने बताया कि आमतौर पर लोग मोतियाबिंद को नजरअंदाज कर देते हैं। जिससे काला मोतियाबिंद हो जाता है और एक बार जब किसी व्यक्ति को काला मोतियाबिंद हो जाता है तो उसकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है, इसे वापस नहीं लाया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि समय- समय पर आंखों की जांच करवाई जाए, जिससे किसी भी तरह की परेशानी होने पर समय रहते इसका इलाज करवाया जा सके।

काला मोतियाबिंद के लक्षण

उल्टी होना, रोशनी के आसपास रंगीन छल्ले जैसा दिखाई देना, जी मिचलाना, आंखें लाल रहना, आंखों और सिर में तेज दर्द, नजर कमजोर होना व धुंधला दिखाई देना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed