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Karnal News: छिलका रहित जौ से सुधारेगी सेहत, दिल रखेगा फिट और दिमाग चुस्त
Thu, 05 Feb 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:56 AM IST
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करनाल।
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल के वैज्ञानिकों ने जौ की 3 नई किस्म ईजाद की हैं। एक प्रजाति छिलका रहित है। 2 माल्ट बार्ले हैं। इनके सेवन से सेहत सुधरेगी। दिल फिट रहेगा, दिमाग चुस्त।
संस्थान ने केंद्रीय किस्म रिलीज समिति के पास इन तीनों किस्मों के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद आगामी सीजन में इसके बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। तीनों नई किस्में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अनुसंशित की जाएंगी। इस वर्ष देश में जौ का क्षेत्रफल लगभग 7 लाख हेक्टेयर से ऊपर है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार एक लाख हेक्टेयर से अधिक तक बढ़ा है।
मधुमेह-कोलेस्ट्राल में लाभकारी
संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ओमबीर सिंह ने बताया कि किस्म डीडब्ल्यूआरबी-244 अति लाभकारी है। मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल प्रभावितों को इसके सेवन से लाभ होगा। यह हृदय के लिए भी अच्छी है और दिमाग को भी चुस्त रख सकती है। 90 प्रतिशत जौ व 10 प्रतिशत गेहूं का मिश्रण करके आटा पिसवाकर चपाती बनाकर खा सकते हैं। दलिया भी बनाया जा सकता है।
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खासियत
- डीडब्ल्यूआरबी-244 : छिलका रहित इस प्रजाति में बीटा ग्लूकॉन की मात्रा 7.5 प्रतिशत है। प्रजाति रोगरोधी है। प्रति हेक्टेयर पैदावार लगभग 41 क्विंटल आंकी गई है।
- डीडब्ल्यूआरबी-235 व 238 : माल्ट बार्ले की ये किस्में भी रोगरोधी हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली हैं। औसत पैदावार लगभग 56 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई है।
100 ग्राम जौ में पोषक तत्व
पोषक तत्व
छिलका रहित
छिलके वाली
आहार घुलनशील फाइबर(ग्राम)
8
5
कैल्शियम (मिलीग्राम)
50
33.29
आयरन (मिलीग्राम)
4.4
2.5
ऊर्जा (कैलोरी)
354
352
प्रोटीन (ग्राम)
12.5
9.9
वसा (ग्राम)
2.3
1.2
कार्बोहाइड्रेट (ग्राम)
73.5
77.7
मैग्नीशियम (मिलीग्राम)
133
79
फॉस्फोरस (मिलीग्राम)
264
221
पोटैशियम (मिलीग्राम)
452
280
सोडियम (मिलीग्राम)
12
9
मैंगनीज (मिलीग्राम)
1.9
1.32
फोलेट (माइक्रोग्राम)
19
23
जिंक (मिलीग्राम)
4.8
3.1
वर्जन
केंद्रीय समिति की बैठक में नई तीनों किस्मों के अनुमोदित होने की उम्मीद है। इन किस्मों को ईजाद करने में संस्थान के अनुसंधान वैज्ञानिकों की पूरी बार्ले टीम शामिल है। - डॉ. रतन तिवारी, निदेशक
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भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल के वैज्ञानिकों ने जौ की 3 नई किस्म ईजाद की हैं। एक प्रजाति छिलका रहित है। 2 माल्ट बार्ले हैं। इनके सेवन से सेहत सुधरेगी। दिल फिट रहेगा, दिमाग चुस्त।
संस्थान ने केंद्रीय किस्म रिलीज समिति के पास इन तीनों किस्मों के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद आगामी सीजन में इसके बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। तीनों नई किस्में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अनुसंशित की जाएंगी। इस वर्ष देश में जौ का क्षेत्रफल लगभग 7 लाख हेक्टेयर से ऊपर है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार एक लाख हेक्टेयर से अधिक तक बढ़ा है।
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मधुमेह-कोलेस्ट्राल में लाभकारी
संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ओमबीर सिंह ने बताया कि किस्म डीडब्ल्यूआरबी-244 अति लाभकारी है। मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल प्रभावितों को इसके सेवन से लाभ होगा। यह हृदय के लिए भी अच्छी है और दिमाग को भी चुस्त रख सकती है। 90 प्रतिशत जौ व 10 प्रतिशत गेहूं का मिश्रण करके आटा पिसवाकर चपाती बनाकर खा सकते हैं। दलिया भी बनाया जा सकता है।
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खासियत
- डीडब्ल्यूआरबी-244 : छिलका रहित इस प्रजाति में बीटा ग्लूकॉन की मात्रा 7.5 प्रतिशत है। प्रजाति रोगरोधी है। प्रति हेक्टेयर पैदावार लगभग 41 क्विंटल आंकी गई है।
- डीडब्ल्यूआरबी-235 व 238 : माल्ट बार्ले की ये किस्में भी रोगरोधी हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली हैं। औसत पैदावार लगभग 56 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई है।
100 ग्राम जौ में पोषक तत्व
पोषक तत्व
छिलका रहित
छिलके वाली
आहार घुलनशील फाइबर(ग्राम)
8
5
कैल्शियम (मिलीग्राम)
50
33.29
आयरन (मिलीग्राम)
4.4
2.5
ऊर्जा (कैलोरी)
354
352
प्रोटीन (ग्राम)
12.5
9.9
वसा (ग्राम)
2.3
1.2
कार्बोहाइड्रेट (ग्राम)
73.5
77.7
मैग्नीशियम (मिलीग्राम)
133
79
फॉस्फोरस (मिलीग्राम)
264
221
पोटैशियम (मिलीग्राम)
452
280
सोडियम (मिलीग्राम)
12
9
मैंगनीज (मिलीग्राम)
1.9
1.32
फोलेट (माइक्रोग्राम)
19
23
जिंक (मिलीग्राम)
4.8
3.1
वर्जन
केंद्रीय समिति की बैठक में नई तीनों किस्मों के अनुमोदित होने की उम्मीद है। इन किस्मों को ईजाद करने में संस्थान के अनुसंधान वैज्ञानिकों की पूरी बार्ले टीम शामिल है। - डॉ. रतन तिवारी, निदेशक