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Karnal News: मरीज ने दांत के डॉक्टर पर किया दावा, एफिडेविट न होने पर कोर्ट ने किया खारिज

Tue, 06 Jan 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Tue, 06 Jan 2026 02:11 AM IST
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Patient files claim against dentist, court dismisses case due to lack of affidavit
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए डॉ. संदीप पाहूजा के खिलाफ चिकित्सा लापरवाही के आरोपों वाली एक शिकायत को सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया है। मामले में शिकायतकर्ता आयोग के समक्ष दूसरे डॉक्टर का एफिडेविट पेश नहीं कर पाई। सेक्टर-35 निवासी शिकायतकर्ता पूनम गर्ग ने आरोप लगाया था कि सितंबर, 2022 में डॉ. संदीप पाहूजा ने उनके दांतों का इलाज (रूट कैनाल और ब्रिज इम्प्लांट) किया था। इसके बाद उन्हें लगातार असहनीय दर्द होता रहा। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इलाज गलत तरीके से किया गया। उन्होंने दूसरे डॉक्टर डॉ. शिल्पा तगेजा से सलाह ली तो उन्होंने इलाज में लापरवाही होने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता ने इलाज के खर्च और मुआवजे के रूप में लगभग 3 लाख रुपये की मांग की थी। परिवादी पक्ष डॉ. पाहूजा ने इन आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने तर्क दिया कि इलाज चार बैठकों में सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। शिकायतकर्ता ने इलाज के कुल 11 हजार रुपये में से केवल 8 हजार रुपये दिए थे और बकाया 3 हजार रुपये देने के डर से दोबारा चेक-अप के लिए नहीं आईं।
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केवल डॉक्टर की पर्ची के आधार पर निर्णय नहीं
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता अपनी बात साबित करने में विफल रहीं। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने मामले में तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने डॉ. शिल्पा तगेजा की जिस पर्ची पर भरोसा किया था, उसे प्रमाणित करने के लिए संबंधित डॉक्टर का कोई हलफनामा पेश नहीं किया गया। आयोग ने नोट किया कि पेश की गई पर्ची में कहीं भी यह उल्लेख नहीं था कि पिछला इलाज लापरवाही से किया गया था। आयोग ने कहा कि बिना डॉक्टर की गवाही या हलफनामे के, उस पर्ची का कानून की नजर में कोई मूल्य नहीं माना गया। आयोग ने शिकायत को योग्यताहीन मानते हुए खारिज कर दिया और खर्च के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया।
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